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New Income Tax Bill: नए इनकम टैक्स बिल को कल कैबिनेट से मंजूरी मिलने की संभावना; इस दिन पेश हो सकता है विधेयक

केंद्र सरकार जल्द ही नया इनकम टैक्स बिल (New Income Tax Bill) पेश करने जा रही है. रिपोर्ट्स के मुताबिक, 7 फरवरी, शुक्रवार को कैबिनेट की बैठक में इसे मंजूरी मिल सकती है और अगले हफ्ते इसे लोकसभा में पेश किया जा सकता है.

New Income Tax Bill: नए इनकम टैक्स बिल को कल कैबिनेट से मंजूरी मिलने की संभावना; इस दिन पेश हो सकता है विधेयक
Income Tax | PTI

New Income Tax Bill: केंद्र सरकार जल्द ही नया इनकम टैक्स बिल (New Income Tax Bill) पेश करने जा रही है. रिपोर्ट्स के मुताबिक, 7 फरवरी, शुक्रवार को कैबिनेट की बैठक में इसे मंजूरी मिल सकती है और अगले हफ्ते इसे लोकसभा में पेश किया जा सकता है. यह नया बिल 1961 के इनकम टैक्स एक्ट की जगह लेगा और टैक्स कानूनों को सरल और स्पष्ट बनाने पर फोकस करेगा. नया इनकम टैक्स बिल प्रत्यक्ष कर संहिता (Direct Tax Code) के रूप में जाना जाएगा और इसका मकसद मौजूदा टैक्स सिस्टम को सरल, पारदर्शी और आसान बनाना है.

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अध्यक्षता में शुक्रवार शाम को कैबिनेट बैठक होगी, जहां इस बिल पर अंतिम फैसला लिया जाएगा. रिपोर्ट्स के मुताबिक 10 फरवरी को नया इनकम टैक्स बिल लोकसभा में पेश किए जाने की संभावना है.

सरकार इस बिल को पेश करने के बाद इसे संसदीय स्थायी समिति (Standing Committee) को भेज सकती है, ताकि इसमें और सुधार किए जा सकें. अगर यह बिल पास होता है, तो देश में इनकम टैक्स से जुड़े नियमों में बड़ा बदलाव देखने को मिलेगा.

सरकार क्यों ला रही है नया इनकम टैक्स बिल?

पुराने कानूनों को अपडेट करना: मौजूदा इनकम टैक्स एक्ट 1961 में बना था, जिसे अब आधुनिक जरूरतों के अनुसार बदला जाएगा.

टैक्सपेयर फ्रेंडली सिस्टम: नए कानून से करदाताओं को कम जटिलताओं और कम दस्तावेजी औपचारिकताओं का सामना करना पड़ेगा.

लंबित मामलों में कमी: टैक्स विवादों और लंबित मुकदमों को कम करने के लिए प्रावधान किए जाएंगे.

न्यू इनकम टैक्स बिल में कानूनी भाषा को सरल बनाया जाएगा ताकि आम करदाता भी इसे आसानी से समझ सके. विवादों और मुकदमों को कम करने के लिए सुधार किए जाएंगे. कुछ अपराधों पर जुर्माने में कटौती की जा सकती है, जिससे टैक्स सिस्टम अधिक अनुकूल बनेगा.

क्या होगा नया बदलाव?

न्यू इनकम टैक्स बिल में सरल टैक्स कानून होंगे जिसमें जटिल नियमों को हटाकर आसान भाषा में प्रावधान जोड़े जाएंगे. इसमें टैक्स स्लैब और छूट से जुड़े प्रावधानों को स्पष्ट किया जाएगा. टैक्स से जुड़े मामलों में कम पेनाल्टी और सरल समाधान का प्रस्ताव किया जा सकता है.

(The above story first appeared on LatestLY on Feb 06, 2025 06:22 PM IST. For more news and updates on politics, world, sports, entertainment and lifestyle, log on to our website latestly.com).