Navi Mumbai Airport: 25 जनवरी से शुरू होगा नवी मुंबई एयरपोर्ट, गुरुवार को उड़ाने भरेगी फ्लाइट्स, जानें सड़क मार्ग और ट्रेन से कैसे पहुंचे?
महज 24 घंटे से भी कम समय में नवी मुंबई इंटरनेशनल एयरपोर्ट (Navi Mumbai International Airport – NMIA) से व्यावसायिक उड़ानों की शुरुआत होने जा रही है. यह हजारों यात्रियों के लिए एक लंबे इंतजार का अंत है.
Navi Mumbai Airport: महज 24 घंटे से भी कम समय में नवी मुंबई इंटरनेशनल एयरपोर्ट (Navi Mumbai International Airport – NMIA) से व्यावसायिक उड़ानों की शुरुआत होने जा रही है. यह हजारों यात्रियों के लिए एक लंबे इंतजार का अंत है. आधुनिक सुविधाओं से लैस इस नए एयरपोर्ट को लेकर जहां उत्साह है, वहीं वहां तक पहुंचने और टिकट बुकिंग को लेकर लोगों के मन में भ्रम भी देखने को मिल रहा है.उलवे (Ulwe) में स्थित यह एयरपोर्ट पनवेल तालुका (Panvel Taluka) में आता है और फिलहाल मुंबई के मुख्य सब-अर्बन रेलवे नेटवर्क (Suburban Rail Network) से सीधे तौर पर नहीं जुड़ा है.
शुरुआत में यहां तक पहुंचने के लिए यात्रियों को ट्रेन (Train), बस (Bus) और सड़क मार्ग (Road Transport) पर ही निर्भर रहना होगा, जिनकी अपनी-अपनी चुनौतियां हैं.ये भी पढ़े:Navi Mumbai Airport: डोमेस्टिक के बाद नवी मुंबई एयरपोर्ट से 25 दिसंबर से शुरू होगी अंतरराष्ट्रीय विमान सेवा, जानें रोज कितनी फ्लाइटें उड़ेंगी
ट्रेन से एयरपोर्ट तक का सफर
रेल यात्रा सबसे किफायती विकल्प जरूर है, लेकिन सबसे जटिल भी. फिलहाल एयरपोर्ट टर्मिनल तक कोई सीधी ट्रेन सेवा उपलब्ध नहीं है. यात्रियों को कम से कम एक बार लाइन बदलनी होगी और आखिरी दूरी सड़क से तय करनी पड़ेगी.दक्षिण और मध्य मुंबई (South & Central Mumbai) से आने वाले यात्री सीएसएमटी (CSMT) से हार्बर लाइन की ट्रेन लेकर वाशी (Vashi), नेरुल (Nerul) या बेलापुर सीबीडी (Belapur CBD) पहुंचते हैं. इसके बाद बेलापुर-उरण लाइन (Belapur–Uran Line) से तारघर स्टेशन (Targhar Station) जाना होता है.ठाणे (Thane) और मध्य उपनगरों से आने वाले यात्री पहले ट्रांस-हार्बर लाइन (Trans-Harbour Line) से नेरुल पहुंचते हैं और फिर वही रूट अपनाते हैं.तारघर स्टेशन से एयरपोर्ट की दूरी करीब 1.8 से 5 किलोमीटर (1.8–5 km) है, जिसे ऑटो, टैक्सी या शटल से पूरा करना पड़ता है. नॉन-पीक आवर्स में यह सफर 75–90 मिनट का है, लेकिन भीड़ के समय दो घंटे से ज्यादा भी लग सकते हैं.किराया जरूर सस्ता है—सेकंड क्लास (Second Class) में 40 रूपए से कम और फर्स्ट क्लास (First Class) में 95 से 175 रूपए तक—लेकिन भीड़ और सामान के कारण यह विकल्प हर किसी के लिए आसान नहीं.
बस सेवा: कम खर्च, ज्यादा अनिश्चितता
पब्लिक बसें (Public Buses) सबसे सस्ता साधन हैं, लेकिन समय के लिहाज से भरोसेमंद नहीं. बेस्ट (BEST) और एमएसआरटीसी (MSRTC) की बसें मुंबई, ठाणे और नवी मुंबई के बीच चलती हैं, पर कोई भी बस सीधे एयरपोर्ट तक नहीं जाती.अधिकतर यात्रियों को पनवेल (Panvel), बेलापुर (Belapur), नेरुल (Nerul) या उलवे (Ulwe) उतरकर आगे टैक्सी या ऑटो लेना पड़ता है. किराया 50 रूपए से 200 रूपए के बीच होता है, लेकिन ट्रांसफर ज्यादा होने से समय बढ़ जाता है.सायन-पनवेल हाईवे (Sion–Panvel Highway) पर जाम और बसों में सीमित लगेज स्पेस भी परेशानी बढ़ाता है. फिलहाल किसी भी एजेंसी ने डेडिकेटेड एयरपोर्ट बस (Dedicated Airport Bus) की घोषणा नहीं की है.
सड़क मार्ग ज्यादातर यात्रियों के लिए सबसे बेहतर
सामान के साथ यात्रा करने वालों के लिए सड़क मार्ग सबसे सुविधाजनक माना जा रहा है. मुंबई ट्रांस हार्बर लिंक (Mumbai Trans Harbour Link – Atal Setu), सायन-पनवेल हाईवे (Sion–Panvel Highway), वाशी ब्रिज (Vashi Bridge), पाम बीच रोड (Palm Beach Road) और ईस्टर्न फ्रीवे (Eastern Freeway) प्रमुख रास्ते हैं.अटल सेतु (Atal Setu) की वजह से हार्बर क्रॉसिंग अब करीब 20 मिनट में हो जाती है. सामान्य ट्रैफिक में साउथ मुंबई (South Mumbai) से 60–80 मिनट और वेस्टर्न सबर्ब्स (Western Suburbs) से करीब दो घंटे का समय लग सकता है.टैक्सी का किराया लगभग 1,000 रूपए से 2,500 रूपए (Taxi Fare) तक हो सकता है, जिसमें टोल अलग से देना होगा.
कनेक्टिविटी प्रोजेक्ट्स अभी बाकी
एयरपोर्ट की शुरुआत के समय कई बड़े प्रोजेक्ट तैयार नहीं होंगे.मेट्रो लाइन-8 (Metro Line 8), जो CSMIA और NMIA को जोड़ेगी, इसके 2029 तक शुरू होने की संभावना है. वहीं उलवे कोस्टल रोड (Ulwe Coastal Road) 2026 की शुरुआत में खुल सकती है.फिलहाल किसी भी एयरपोर्ट एक्सप्रेस रेल (Airport Express Rail) या मेट्रो सेवा की आधिकारिक घोषणा नहीं हुई है.
यात्रियों को अभी करनी होगी अतिरिक्त प्लानिंग
जब तक सीधी और तेज कनेक्टिविटी उपलब्ध नहीं होती, तब तक यात्रियों को नवी मुंबई एयरपोर्ट (NMIA) तक पहुंचने के लिए समय और रूट की सही प्लानिंग करनी होगी, ताकि फ्लाइट मिस होने का जोखिम न रहे.