महंत नरेंद्र गिरि की भू-समाधि आज, भीड़ को देखते हुए प्रयागराज में कक्षा 1 से 12 तक के सभी स्कूल और कोचिंग सेंटर बंद
Narendra Giri Passed Away: अखिल भारतीय अखाड़ा परिषद के अध्यक्ष महंत नरेंद्र गिरि (Akhil Bhartiya AKhada Parishad President Mahant Narendra Giri) के निधन के बाद प्रयागराज में 22 सितंबर को सभी स्कूल और कॉलेज बंद कर दिए गए हैं. योगी सरकार ने नरेंद्र गिरी के भू-समाधि में आने वाले लोगों की भारी भीड़ के मद्देनज़र जनपद में कल कक्षा 1 से 12 तक के सभी शिक्षा बोर्डों के विद्यालय एवं समस्त कोचिंग संस्थान बंद रखने का फैसला लिया है.
Narendra Giri Passed Away: अखिल भारतीय अखाड़ा परिषद के अध्यक्ष महंत नरेंद्र गिरि (Akhil Bhartiya AKhada Parishad President Mahant Narendra Giri) के निधन के बाद प्रयागराज में 22 सितंबर को सभी स्कूल और कॉलेज बंद कर दिए गए हैं. योगी सरकार ने नरेंद्र गिरी के भू-समाधि में आने वाले लोगों की भारी भीड़ के मद्देनज़र जनपद में बुधवार यानी आज कक्षा 1 से 12 तक के सभी शिक्षा बोर्डों के विद्यालय एवं समस्त कोचिंग संस्थान बंद रखने का फैसला लिया है.
इस मामले में ज़िला विद्यालय निरीक्षक प्रयागराज ने कहा कि इस भीड़ के मद्देनजर जिले के सभी स्कूलों और कोचिंग सस्थानों को बंद रखने का फैसला लिया गया है.
Mahant Narendra Giri Death: महंत नरेंद्र गिरि की मौत की जांच करेगी एसआईटी
वहीं योगी आदित्यनाथ सरकार ने अखिल भारतीय अखाड़ा परिषद के प्रमुख महंत नरेंद्र गिरि की रहस्यमयी मौत की जांच के लिए 18 सदस्यीय विशेष जांच दल (एसआईटी) का गठन किया है. एसआईटी की अध्यक्षता अंचल अधिकारी (सर्कल ऑफिसर) अजीत सिंह चौहान करेंगे. इसमें चार इंस्पेक्टर, तीन सब इंस्पेक्टर और अन्य पुलिस कर्मी भी शामिल हैं.
अखिल भारतीय अखाड़ा परिषद के अध्यक्ष महंत नरेंद्र गिरि के निधन के बाद 22 सितंबर को उनके भू-समाधि में आने वाले लोगों की भारी भीड़ के मद्देनज़र जनपद में कल कक्षा 1 से 12 तक के सभी शिक्षा बोर्डों के विद्यालय एवं समस्त कोचिंग संस्थान बंद रहेंगे: ज़िला विद्यालय निरीक्षक, प्रयागराज, UP pic.twitter.com/goJwMbsPK0
— ANI_HindiNews (@AHindinews) September 21, 2021
एसआईटी महंत की रहस्यमय मौत की विभिन्न कोणों से जांच करेगी. इससे पहले, यूपी के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने मंगलवार को आश्वासन दिया कि महंत नरेंद्र गिरि की मौत के लिए जिम्मेदार लोगों को किसी भी कीमत पर बख्शा नहीं जाएगा. कथित तौर पर लिखे गए सुसाइड नोट की बरामदगी के बाद महंत की मौत की परिस्थितियों की भी एसआईटी द्वारा जांच करने की संभावना है.
लगभग 6 पृष्ठों में लिखे गए कथित सुसाइड नोट से पता चलता है कि महंत बहुत परेशान थे, लेकिन उन्होंने इसमें स्पष्ट रूप से उन घटनाओं का उल्लेख नहीं किया है, जिन्होंने उन्हें यह चरम कदम उठाने के लिए प्रेरित किया.
महंत ने कहा है कि वह उनसे अलग हो चुके शिष्य आनंद गिरि और हनुमान मंदिर के पुजारी आद्या तिवारी और उनके बेटे संदीप तिवारी के कारण परेशान थे, लेकिन उन्होंने इस बारे में विस्तार से नहीं बताया है.
(The above story first appeared on LatestLY on Sep 21, 2021 11:32 PM IST. For more news and updates on politics, world, sports, entertainment and lifestyle, log on to our website latestly.com).

