Mutual Funds में निवेश करते समय रखें ध्यान, तय सीमा से ज्यादा डिपॉजिट पर आ सकता है IT नोटिस
Do Not Invest More Than The Limit In Mutual Funds, Income Tax Notice Will Be Issued.

भारत में म्यूचुअल फंड (Mutual Funds) में निवेश करने वाले हर निवेशक को यह जानना बेहद जरूरी है, कि उनकी निवेश की जानकारी सीधे इनकम टैक्स विभाग (Income Tax Department) तक पहुँचती है. जब कोई व्यक्ति बड़ी रकम म्यूचुअल फंड में निवेश करता है, तो उसकी रिपोर्ट ऑटोमैटिकली टैक्स विभाग को भेज दी जाती है. इसका मकसद पारदर्शिता बढ़ाना और टैक्स रिटर्न (ITR) में दी गई जानकारी और असल लेन-देन में फर्क खत्म करना है.

म्यूचुअल फंड निवेश पर टैक्स निगरानी

इनकम टैक्स नियमों के तहत अगर कोई निवेशक एक या अधिक म्यूचुअल फंड स्कीमों में कुल 10 लाख रुपये या उससे ज्यादा निवेश करता है, तो उसकी जानकारी सीधे इनकम टैक्स विभाग तक पहुँच जाती है. इसके साथ ही निवेशक ने कब फंड बेचे या उससे कितना मुनाफा (Capital Gain) कमाया, यह जानकारी भी स्टॉक एक्सचेंज (Stock Exchanges) और डिपॉजिटरी से विभाग को मिलती है. यह पूरा डाटा हर साल फॉर्म 61A के जरिए जमा होता है, और बाद में निवेशक के एनुअल इनफार्मेशन स्टेटमेंट (Annual Information Statement) और फॉर्म 26AS में दिखाई देता है. इसका सीधा मतलब यह है, कि अगर किसी ने बड़ी रकम निवेश की है या मुनाफा कमाया है तो उसे छुपाना बिल्कुल नामुमकिन है.

इसलिए टैक्सपेयर्स के लिए जरूरी है, कि वे अपने म्यूचुअल फंड निवेश का पूरा रिकॉर्ड सही-सही रखें, क्योंकि इनकम टैक्स विभाग न सिर्फ म्यूचुअल फंड बल्कि बैंक डिपॉजिट, क्रेडिट कार्ड पेमेंट, एफडी (FD) और अन्य बड़े लेन-देन पर भी बारीकी से नजर रखता है.

अगर कोई जानकारी छुपाई जाए तो क्या होगा?

नोटिस मिल सकता है

अगर आपने म्यूचुअल फंड निवेश की जानकारी आईटीआर में नहीं भरी, तो इनकम टैक्स विभाग आपको जांच नोटिस (Scrutiny Notice) भेज सकता है. इसके बाद आपको निवेश का स्रोत और पूरा रिकॉर्ड दिखाना होगा.

भारी पेनल्टी

अगर आप कैपिटल गेन या निवेश की रकम छुपाते हैं, तो इनकम टैक्स एक्ट की धारा 271(1)(c) के तहत आप पर छुपाई गई रकम का 100% से 300% तक जुर्माना लगाया जा सकता है.

ब्याज देना होगा

अगर आपने म्यूचुअल फंड से कमाई पर टैक्स नहीं दिया, तो आपको बकाया टैक्स पर 1% मासिक ब्याज चुकाना होगा. यह धारा 234B और 234A के तहत वसूला जाता है.

टैक्स चोरी का केस

अगर रकम बहुत बड़ी है, और आपने जानबूझकर जानकारी छुपाई है, तो आपके खिलाफ कर चोरी का मामला (Tax Evasion Case) दर्ज हो सकता है. इसमें आपको धारा 276A के तहत 6 महीने से 7 साल तक की जेल की सजा भी हो सकती है.

निवेश की रकम का स्रोत पूछताछ

इनकम टैक्स विभाग आपसे निवेश की रकम का स्रोत पूछ सकता है. अगर आप सही स्रोत नहीं बता पाते, तो इसे अघोषित इनकम (Undeclared Income) माना जाएगा और आप पर धारा 115BBE के तहत 60% टैक्स + 25% सरचार्ज + 4% सेस = कुल 83.25% टैक्स वसूला जाएगा.

निवेशकों को क्या करना चाहिए?

म्यूचुअल फंड में किए गए हर निवेश और उससे हुई कमाई का सही रिकॉर्ड रखना बहुत जरूरी है. जब भी आप इनकम टैक्स रिटर्न भरें, तो उसमें म्यूचुअल फंड से जुड़ी सभी जानकारी को जरूर शामिल करें. किसी भी हाल में इन डिटेल्स को छुपाने की कोशिश न करें, क्योंकि इनकम टैक्स विभाग के पास आपका पूरा डाटा पहले से ही मौजूद रहता है. पारदर्शिता बनाए रखें और समय पर टैक्स रिटर्न भरें, वरना भारी जुर्माना और सजा झेलनी पड़ सकती है.