Mumbai Water Lakes Update: मुंबई की झीलों में जलस्तर बढ़ने की रफ्तार थमी! बारिश धीमी पड़ने से 14 अगस्त तक पानी का भंडार 89.38% तक ही पहुंचा

बीएमसी के अनुसार, 14 अगस्त सुबह 6 बजे तक मुंबई की सात प्रमुख झीलों में भातसा, मोडक सागर, तानसा, तुलसी, विहार, अपर वैतरणा और मिडल वैतरणा में कुल जल भंडार 89.38% दर्ज किया गया है

(Photo Credits WC)

Mumbai Water Lakes Update August 14: महाराष्ट्र में मानसून की शुरुआत जोरदार हुई थी, जिससे मुंबई को पानी सप्लाई करने वाली झीलों में जलस्तर तेजी से बढ़ा था. जुलाई तक अधिकतर जलाशय भरने की कगार पर थे. लेकिन बीते दो हफ्तों में बारिश की रफ्तार धीमी पड़ने से झीलों में पानी का स्तर अब लगभग स्थिर हो गया है. जो मुंबई के लिए पानी सप्लाई को लेकर खतरे की संकट हैं.

 14 अगस्त तक झीलों में इतने फीसदी पानी जमा

बीएमसी के अनुसार, 14 अगस्त सुबह 6 बजे तक मुंबई की सात प्रमुख झीलों  में भातसा, मोडक सागर, तानसा, तुलसी, विहार, अपर वैतरणा और मिडल वैतरणा  में कुल जल भंडार 89.38% दर्ज किया गया है. दो दिन पहले यानी 12 अगस्त को यह आंकड़ा 89.20% था. यानी दो दिन में 0.18% की ही मामूली वृद्धि हुई है. यह भी पढ़े: Mumbai Water Lakes Update 24 July: मुंबई को बड़ी राहत, दो झीलों के बाद तांसा झील भी ओवरफ्लो, जलाशयों में 87.24% पानी जमा

झीलों का वर्तमान जलस्तर

बीएमसी के ताजा आंकड़ों के अनुसार:

झीलों की कुल क्षमता 14,47,363 मिलियन लीटर है, जो मुंबई की सालभर की जल आवश्यकता को पूरा करने के लिए पर्याप्त मानी जाती है

पिछले वर्षों की तुलना में स्थिति कैसी?

इस तुलना से स्पष्ट है कि 2025 में स्थिति न तो सबसे बेहतर है और न ही सबसे खराब है. लेकिन जलस्तर औसत से थोड़ा कम जरूर है, लेकिन फिलहाल चिंता की बात नहीं है.

क्या पानी की किल्लत हो सकती है?

बीएमसी के एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि, “मानसून का पीक समय (जुलाई) समाप्त हो चुका है, लेकिन सितंबर के अंत तक बारिश की संभावनाएं बनी हुई हैं. ऐसे में यदि अगस्त के बाकी दिनों में बारिश सामान्य रही तो झीलें पूरी तरह भर सकती हैं.

हालांकि उन्होंने यह भी कहा कि यदि बारिश की रफ्तार और धीमी हुई, तो अक्टूबर-नवंबर में पानी की आपूर्ति को लेकर चुनौतियां बढ़ सकती हैं

Share Now

\