मुंबई, 11 अगस्त: हाल ही में मुंबई पुलिस ने एक चौंकाने वाले हत्याकांड का पर्दाफाश किया है, जिसमें एक 35 वर्षीय महिला को अपने प्रेमी और एक अन्य व्यक्ति के साथ मिलकर पति की हत्या की साजिश रचने के आरोप में गिरफ्तार किया गया है. मृतक की पहचान पेशेवर मेकअप आर्टिस्ट भरत लक्ष्मण अहिरे के रूप में हुई है. इस हत्याकांड का खुलासा तब हुआ जब पीड़िता की 13 वर्षीय बेटी ने साहस दिखाते हुए पुलिस को सूचना दी और अपनी मां, राजश्री अहिरे को गिरफ्तार कराने में अहम भूमिका निभाई. फिलहाल, आरे कॉलोनी पुलिस ने आरोपी महिला के प्रेमी चंद्रशेखर पडायाची और उसके साथी रंगा की तलाश शुरू कर दी है, जो अभी भी फरार हैं. यह भी पढ़ें: Mumbai Gang Rape: मुंबई में नाबालिग से सामूहिक दुष्कर्म, एक आरोपी गिरफ्तार, 5 को भेजा बाल सुधार गृह
मिड-डे की एक रिपोर्ट के मुताबिक, हत्या की जड़ राजश्री और चंद्रशेखर के बीच चल रहा कथित प्रेम संबंध था. बताया जा रहा है कि भरत ने जब राजश्री से उसके विवाहेतर संबंध को लेकर सवाल किए, तो राजश्री ने उल्टे उस पर उत्पीड़न का आरोप लगा दिया. इसके बाद भरत ने चंद्रशेखर को फोन किया और दोनों ने गोरेगांव पूर्व स्थित आरे कॉलोनी के एकतानगर इलाके में एक सार्वजनिक शौचालय के पास मिलने का समय तय किया. हैरानी की बात यह है कि इस मुलाकात के लिए राजश्री भी भरत के साथ मौके पर पहुंची थी.
पति को मार खाते देखती रही पत्नी
5 जुलाई को, चंद्रशेखर और उसके साथी रंगा ने भरत से गोरेगांव पूर्व स्थित एक सार्वजनिक शौचालय के पास मुलाकात की. पुलिस के मुताबिक, बातचीत के दौरान चंद्रशेखर ने भरत के साथ बहस की और फिर उस पर घूंसे बरसाने शुरू कर दिए. इस दौरान रंगा ने भरत को पीछे से पकड़ लिया, जिससे चंद्रशेखर को हमला करने में आसानी हुई. पुलिस का कहना है कि राजश्री भी मौके पर मौजूद थी और उसने पूरा हमला होते हुए देखा, लेकिन न तो उसने बीच-बचाव किया और न ही किसी तरह की मदद के लिए आवाज़ लगाई. जब आसपास के लोग घटनास्थल की ओर आने लगे, तो तीनों आरोपी वहां से फरार हो गए. एक पुलिस अधिकारी ने बताया, "हमले के बाद राजश्री ने अपने घायल पति को अस्पताल ले जाने की बजाय घर ले गई और अगले तीन दिन तक उसे बिना किसी चिकित्सा सहायता के वहीं रखा."
बिना इलाज के पति को 3 दिन तक घर में रखा
आरोपी महिला राजश्री ने अपने पति भरत को गंभीर रूप से घायल अवस्था में तीन दिनों तक बिना किसी इलाज के घर पर ही रखा. इस दौरान, उनके तीन छोटे बच्चों—13 और 5 साल की दो बेटियाँ और 3 साल का बेटा—ने अपने पिता की बिगड़ती हालत देखी. भरत की सबसे बड़ी बेटी ने तब स्थिति को गंभीर समझते हुए अपने रिश्तेदारों को जानकारी दी, जब उसने अपने पिता को खून की उल्टियां करते देखा. सूचना मिलने पर भरत की भाभी उनसे मिलने पहुंचीं, जहां राजश्री ने यह दावा किया कि भरत एक बाइक दुर्घटना में घायल हुए हैं.
बाद में भरत को मलाड के पठानवाड़ी स्थित एक सुपरस्पेशलिटी अस्पताल में भर्ती कराया गया. अस्पताल में भी राजश्री ने अपने पहले दावे को दोहराया, और भरत ने डर और दबाव के चलते उसकी बात का समर्थन किया. डॉक्टरों ने मामले को संदेहास्पद मानते हुए इसे मेडिको-लीगल केस (एमएलसी) के तौर पर दर्ज किया और रिपोर्ट पुलिस को सौंप दी. भरत की गंभीर चोटों के चलते अंततः उनकी मृत्यु हो गई.
बेटी ने किया खुलासा
जब पुलिस ने मामले में विसंगतियां पाईं, तो उन्होंने गहराई से जांच शुरू की और भरत की बेटियों से पूछताछ की. इसी दौरान, 13 वर्षीय बेटी ने साहस दिखाते हुए पूरी सच्चाई पुलिस को बता दी. उसने बताया कि उसने अपने पिता पर हमला होते देखा था, जबकि उसकी मां वहीं खड़ी तमाशा देखती रही और किसी भी तरह की मदद नहीं की.













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