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Mumbai Shocker: गोवंडी के शताब्दी अस्पताल में सफाई कर्मचारी ने की ECG, अस्पताल को मिला लीगल नोटिस

मुंबई के गोवंडी में स्थित शताब्दी अस्पताल को एक कानूनी नोटिस मिला है, जिसमें अस्पताल के एक सफाई कर्मचारी ने कथित तौर पर इकोकार्डियोग्राम (ईसीजी) किया है. पता चला है कि सफाई कर्मचारी ने 29 दिसंबर को एक मरीज पर ईसीजी किया था...

Mumbai Shocker: गोवंडी के शताब्दी अस्पताल में सफाई कर्मचारी ने की ECG, अस्पताल को मिला लीगल नोटिस
ECH in a hospital. (Photo credits: Pixabay)

मुंबई, 31 दिसंबर: मुंबई के गोवंडी में स्थित शताब्दी अस्पताल को एक कानूनी नोटिस मिला है, जिसमें अस्पताल के एक सफाई कर्मचारी ने कथित तौर पर इकोकार्डियोग्राम (ईसीजी) किया है. पता चला है कि सफाई कर्मचारी ने 29 दिसंबर को एक मरीज पर ईसीजी किया था. यह घटना तब सामने आई जब शहर के वकील एडवोकेट आबिद अब्बास सैय्यद ने मुख्यमंत्री और सार्वजनिक स्वास्थ्य विभाग सहित विभिन्न राज्य अधिकारियों को कानूनी नोटिस भेजा. एचटी की एक रिपोर्ट के अनुसार, एडवोकेट सैय्यद ने इस घटना को मेडिकल प्रोटोकॉल और मरीज सुरक्षा का घोर उल्लंघन बताया है. हालांकि अस्पताल ने इस घटना से इनकार नहीं किया है, लेकिन उन्होंने कर्मचारी की हरकत का बचाव करते हुए कहा है कि सफाई कर्मचारी "प्रक्रिया करने के लिए पर्याप्त शिक्षित और योग्य था". यह भी पढ़ें: Banda Shocker: दामाद को घर जाने को कहा तो ससुर पर भड़का युवक, लात-घूंसों से पीटकर की हत्या, पुलिस ने किया गिरफ्तार

अस्पताल प्रशासन के एक सदस्य ने कहा, "ईसीजी मशीनें सिर्फ़ एक बटन दबाने से काम करती हैं. कर्मचारियों ने सिर्फ़ ईसीजी किया था और उचित प्रक्रियाओं का पालन करते हुए पेशेवर डॉक्टरों ने रिपोर्ट ली थी." सदस्य ने इस घटना को "गलतफ़हमी" भी बताया. अस्पताल ने आगे कहा कि मरीज़ नियमित जांच के लिए अस्पताल आया था और उसकी हालत गंभीर नहीं थी. हालांकि, अपने नोटिस में अधिवक्ता सैय्यद ने कहा कि इस घटना ने अस्पताल द्वारा प्रदान की जाने वाली स्वास्थ्य सेवा की गुणवत्ता पर गंभीर सवाल खड़े किए हैं. उन्होंने मरीज़ों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए अस्पताल प्रशासन की ज़िम्मेदारी पर भी सवाल उठाए.

अधिवक्ता सैय्यद ने अधिकारियों से घटना की जांच करने का आग्रह किया है और मरीजों को गुणवत्तापूर्ण देखभाल प्रदान करने के लिए स्वास्थ्य सेवा प्रणाली में तत्काल सुधार की मांग की है. सैय्यद ने अपने नोटिस में कहा, "मरीजों को उम्मीद है कि उन्हें योग्य स्वास्थ्य सेवा पेशेवरों द्वारा इलाज किया जाएगा और इस तरह की घटनाएं लापरवाही की चिंताजनक प्रवृत्ति को उजागर करती हैं."

नोटिस में यह भी दावा किया गया है कि रिपोर्टों से पता चला है कि शताब्दी अस्पताल और अन्य सरकारी सुविधाओं के कुछ डॉक्टर निजी क्लीनिक चला रहे हैं, जो उन नियमों का उल्लंघन है, जो उन्हें निजी प्रैक्टिस करने से रोकते हैं.

(The above story first appeared on LatestLY on Dec 31, 2024 01:55 PM IST. For more news and updates on politics, world, sports, entertainment and lifestyle, log on to our website latestly.com).