Mumbai Horror: मुंबई के मलाड में रोंगटे खड़े कर देने वाला मामला, 2.5 महीने के पिल्ले के साथ यौन शोषण, पुलिस ने आरोपी को रंगे हाथ पकड़ा; VIDEO
मुंबई के मलाड इलाके में एक 2.5 महीने के पिल्ले के साथ यौन शोषण और क्रूरता का रोंगटे खड़े कर देने वाला मामला सामने आया है. पुलिस ने 20 वर्षीय आरोपी को गिरफ्तार कर लिया है, जबकि पिल्ले की हालत गंभीर बनी हुई है.
Mumbai Horror: देश की आर्थिक राजधानी मुंबई के मलाड (पूर्व) स्थित कुरार विलेज से पशु क्रूरता की एक अत्यंत विचलित करने वाली घटना सामने आई है. यहां एक 20 वर्षीय युवक पर 2.5 महीने के मासूम पिल्ले के साथ यौन शोषण करने और उसे बेरहमी से पीटने का आरोप लगा है. इस घटना का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल होने के बाद पशु प्रेमियों और स्थानीय लोगों में भारी आक्रोश देखा जा रहा है.
पब्लिक टॉयलेट में रंगे हाथ पकड़ा गया आरोपी
यह पूरी घटना तब उजागर हुई जब 'प्योर एनिमल लवर्स' (PAL) फाउंडेशन के कार्यकर्ताओं और मुंबई पुलिस ने कुरार विलेज के एक सार्वजनिक शौचालय में छापा मारा. वायरल वीडियो में देखा जा सकता है कि आरोपी ने खुद को शौचालय के अंदर बंद कर लिया था और बाहर निकलने से इनकार कर रहा था. पुलिस ने काफी मशक्कत के बाद दरवाजा खुलवाया और आरोपी को अर्ध-नग्न अवस्था में हिरासत में लिया. स्थानीय भीड़ ने इस दौरान आरोपी के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग करते हुए जमकर विरोध प्रदर्शन किया. यह भी पढ़े: VIDEO: दिवाली पर बेजुबान जानवर के साथ क्रूरता! कुत्ते के पूंछ में पटाखा बांधकर दौड़ाया, वीडियो देख भड़के लोग
मलाड में रोंगटे खड़े कर देने वाला मामला
पिल्ले की हालत नाजुक, अस्पताल में भर्ती
रेस्क्यू ऑपरेशन के तुरंत बाद घायल पिल्ले को इलाज के लिए नजदीकी पशु चिकित्सालय ले जाया गया. PAL फाउंडेशन के अनुसार, पिल्ले के शरीर पर गंभीर चोटें आई हैं और उसकी हालत अभी भी चिंताजनक बनी हुई है. संस्था ने सोशल मीडिया पर लिखा कि किसी भी बेजुबान जानवर के साथ ऐसी क्रूरता स्वीकार्य नहीं है और वे आरोपी के लिए कड़ी से कड़ी सजा की मांग करते हैं.
पुलिसिया कार्रवाई और कानूनी प्रावधान
मुंबई पुलिस ने आरोपी को गिरफ्तार कर लिया है और मामले की जांच शुरू कर दी है. पुलिस अधिकारियों के अनुसार, आरोपी के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (BNS) की संबंधित धाराओं और पशु क्रूरता निवारण अधिनियम (Prevention of Cruelty to Animals Act) के तहत मामला दर्ज किया जा रहा है.
बढ़ती पशु क्रूरता पर विशेषज्ञों की चिंता
पशु अधिकार कार्यकर्ताओं का कहना है कि शहरों में बेजुबान जानवरों के साथ बढ़ती हिंसा और शोषण की घटनाएं मानसिक विकृति का संकेत हैं. उन्होंने मांग की है कि ऐसे मामलों में कानून को और अधिक सख्त बनाया जाना चाहिए ताकि अपराधियों में डर बना रहे.