Mumbai-Bengaluru Gas Crisis: मिडिल ईस्ट तनाव का असर, मुंबई और बेंगलुरु में गैस संकट गहरा, सैकड़ों होटलों में लगे ताले

मध्य पूर्व (Middle East) में जारी तनाव के कारण भारत में कमर्शियल गैस की आपूर्ति बुरी तरह प्रभावित हुई है. मुंबई और बेंगलुरु जैसे बड़े शहरों में गैस की कमी के चलते लगभग 20% होटल और रेस्टोरेंट बंद हो गए हैं, जिससे आम जनता और इस उद्योग से जुड़े लाखों लोगों पर संकट मंडरा रहा है.

(Photo Credits Pixabay)

 Mumbai-Bengaluru Gas Crisis: मध्य पूर्व (Middle East) में बढ़ते भू-राजनीतिक तनाव और युद्ध जैसी स्थिति का सीधा असर अब भारत की रसोई और होटल उद्योग पर दिखने लगा है. वैश्विक स्तर पर ईंधन की आपूर्ति बाधित होने के कारण मुंबई और बेंगलुरु जैसे महानगरों में कमर्शियल गैस (LPG) की भारी किल्लत हो गई है. रिपोर्ट्स के मुताबिक, गैस न मिलने के कारण मुंबई के लगभग 20% होटल पहले ही बंद हो चुके हैं, और अगर स्थिति जल्द नहीं सुधरी तो यह आंकड़ा 50% तक पहुंच सकता है.

'आहार' (AHAR) की चेतावनी

मुंबई के प्रमुख होटल संगठन 'इंडियन होटल एंड रेस्टोरेंट एसोसिएशन' (AHAR) ने इस स्थिति पर गहरी चिंता व्यक्त की है. एसोसिएशन के अनुसार:  यह भी पढ़े:  Mumbai Gas Crisis: मुंबई में गैस संकट से हाहाकार, 20% होटल-रेस्टोरेंट बंद, समाधान के लिए ‘AHAR’ ने पेट्रोलियम मंत्री को लिखा पत्र

बेंगलुरु में भी बुरा हाल, सीमित हुआ मेन्यू

आईटी सिटी बेंगलुरु में भी स्थिति काफी गंभीर है. बेंगलुरु होटल एसोसिएशन ने बताया है कि शहर के कई बड़े होटलों ने गैस बचाने के लिए अपने मेन्यू में कटौती कर दी है. अधिक गैस खपत वाले व्यंजनों (जैसे डोसा और तंदूरी आइटम) को कई जगहों पर बंद कर दिया गया है. होटल संचालकों का कहना है कि वे सरकार से निरंतर आपूर्ति की मांग कर रहे हैं, लेकिन अभी तक कोई ठोस आश्वासन नहीं मिला है.

क्यों पैदा हुआ यह संकट?

इस संकट के पीछे मुख्य कारण अंतरराष्ट्रीय और घरेलू दोनों हैं:

  1. होरमुज जलडमरूमध्य (Strait of Hormuz) में तनाव: भारत अपनी जरूरत का एक बड़ा हिस्सा मिडिल ईस्ट से आयात करता है. वहां जारी संघर्ष के कारण समुद्री व्यापार मार्ग प्रभावित हुए हैं.

  2. नई प्राथमिकता नीति: भारत सरकार ने घरेलू रसोई गैस (Domestic LPG) और अस्पतालों जैसी आवश्यक सेवाओं को प्राथमिकता देने का निर्देश दिया है, जिससे कमर्शियल सप्लाई में भारी कटौती की गई है.

  3. लागत में वृद्धि: अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल और गैस की बढ़ती कीमतों ने घरेलू बाजार में भी दबाव बढ़ा दिया है.

आम जनता और रोजगार पर असर

होटलों के बंद होने का सबसे बड़ा असर वहां काम करने वाले दैनिक वेतन भोगी कर्मचारियों पर पड़ रहा है. इसके अलावा, जो लोग रोजमर्रा के खाने के लिए होटलों या मेस (Mess) पर निर्भर रहते हैं, उन्हें भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है. 'आहार' ने सरकार से अपील की है कि कम से कम 25% आपूर्ति बहाल रखी जाए ताकि ये प्रतिष्ठान पूरी तरह बंद होने से बच सकें.

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