Mumbai Air Quality: मुंबई में जहरीली हवा का कहर; AQI 319 के साथ 'गंभीर' श्रेणी में पहुंचा प्रदूषण, स्मॉग की चादर में लिपटी मायानगरी
मुंबई में मंगलवार सुबह वायु गुणवत्ता सूचकांक (AQI) 319 दर्ज किया गया, जो 'गंभीर' श्रेणी में आता है. शहर में छाई स्मॉग की मोटी परत और बढ़ते प्रदूषण के कारण स्वास्थ्य जोखिम बढ़ गया है, विशेषकर बच्चों और बुजुर्गों के लिए.
Mumbai Air Quality, January 6, 2026: मायानगरी मुंबई (Mumbai) में मंगलवार, 6 जनवरी 2026 की सुबह सुनहरी धूप के साथ शुरू तो हुई, लेकिन जल्द ही पूरा शहर स्मॉग (धुंध और धुएं) की सफेद चादर में लिपट गया. ठंडे मौसम और कम हवा की गति के कारण प्रदूषण (Pollution) के कण जमीन के करीब जम गए हैं, जिससे दृश्यता (Visibility) में भारी गिरावट आई है. वायु गुणवत्ता (Air Quality) निगरानी प्लेटफार्मों के अनुसार, आज सुबह मुंबई का औसत वायु गुणवत्ता सूचकांक (AQI) 319 दर्ज किया गया, जो स्वास्थ्य के लिए 'गंभीर' (Severe) माना जाता है.
भारतीय मौसम विज्ञान विभाग (IMD) ने दिन भर आसमान साफ रहने का अनुमान जताया है, लेकिन गिरती वायु गुणवत्ता ने स्थानीय प्रशासन और निवासियों की चिंता बढ़ा दी है. यह भी पढ़ें: Mumbai Weather Update: मुंबई में नए साल की शुरुआत बारिश के साथ, प्रदूषण से मिली राहत; शहर के AQI में भी काफी सुधार
मुंबई में जहरीली हवा का कहर
प्रमुख हॉटस्पॉट्स: चेंबूर और बांद्रा की स्थिति सबसे खराब
मुंबई के कई इलाकों में प्रदूषण का स्तर औसत से कहीं अधिक दर्ज किया गया. प्रमुख इलाकों की स्थिति इस प्रकार रही:
- चेंबूर: यहां AQI का स्तर 398 तक पहुंच गया, जो लगभग 'खतरनाक' श्रेणी के करीब है.
- बांद्रा: यहां वायु गुणवत्ता सूचकांक 368 दर्ज किया गया.
- वडाला ट्रक टर्मिनल: यहाँ का AQI 358 रहा.
- जोगेश्वरी और सांताक्रूज: इन क्षेत्रों में भी प्रदूषण का स्तर 346 के ऊपर रहा.
बोरीवली और कांदिवली जैसे उपनगरीय इलाकों में स्थिति थोड़ी बेहतर रही, लेकिन वहां भी AQI 230 के आसपास रहा, जिसे 'अस्वस्थ' (Unhealthy) श्रेणी में रखा जाता है.
मुंबई में AQI 319 के साथ 'गंभीर' श्रेणी में पहुंचा प्रदूषण
प्रदूषण के पीछे मुख्य कारण: निर्माण कार्य और वाहन
विशेषज्ञों के अनुसार, मुंबई में हवा बिगड़ने के पीछे दो प्रमुख कारक जिम्मेदार हैं:
बड़े इंफ्रास्ट्रक्चर प्रोजेक्ट्स: कोस्टल रोड, मेट्रो रेल लाइनों का विस्तार, और कई नए फ्लाईओवर का निर्माण कार्य धूल का मुख्य स्रोत बना हुआ है.
धूल और धुआं: रियल एस्टेट निर्माण से उड़ने वाली धूल और पीक ऑवर्स के दौरान वाहनों से निकलने वाला जहरीला धुआं हवा को और प्रदूषित कर रहा है. यह भी पढ़ें: Mumbai Air Pollution: दिल्ली के बाद मुंबई की हवा भी बेहद ख़राब; GRAP-4 लागू, निर्माण समेत कई कामों पर रोक
स्वास्थ्य सलाह और प्रशासन की कार्रवाई
AQI के 300 के पार जाने पर डॉक्टरों ने संवेदनशील समूहों (बच्चे, बुजुर्ग और सांस के रोगी) को घर के अंदर रहने की सलाह दी है. बीएमसी (BMC) ने भी निर्माण स्थलों के लिए कड़े दिशा-निर्देश जारी किए हैं, जिनमें धूल नियंत्रण के लिए पानी का छिड़काव और निर्माण सामग्री को ढकना अनिवार्य है. यदि स्थिति में सुधार नहीं होता, तो प्रशासन कुछ निर्माण कार्यों पर अस्थायी रोक भी लगा सकता है.