MP Forest Officer Suspended: मध्य प्रदेश के प्रसिद्ध सतपुड़ा टाइगर रिजर्व (STR) से वन्यजीव प्रबंधन नियमों के उल्लंघन का एक अनोखा और गंभीर मामला सामने आया है. रिजर्व में तैनात प्रभारी सहायक संचालक (एसडीओ) और बोरी रेंज के प्रभारी अधीक्षक विनोद वर्मा को एक जंगली सांभर हिरण को प्लेट से पोहा खिलाने और उसे पालतू पशु की तरह पुचकारने के आरोप में तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया गया है. यह कार्रवाई सोशल मीडिया पर एक 22 सेकंड का वीडियो वायरल होने के बाद की गई है, जिसमें अधिकारी वन्यजीव के साथ अनुचित व्यवहार करते नजर आ रहे थे. वन्यजीव अधिकारियों ने इसे स्थापित सुरक्षा नियमों का उल्लंघन और कर्तव्यों के प्रति गंभीर लापरवाही माना है.
वायरल वीडियो और बॉलीवुड गाने का तड़का
यह पूरा मामला सतपुड़ा टाइगर रिजर्व की चूरना फॉरेस्ट रेंज का है. सोशल मीडिया पर प्रसारित हुए 22 सेकंड के इस वीडियो में वन विभाग के वरिष्ठ अधिकारी विनोद वर्मा एक पेड़ के नीचे नाश्ते की मेज पर बैठे दिखाई दे रहे हैं. उनकी प्लेट में मध्य प्रदेश का प्रसिद्ध नाश्ता 'पोहा' रखा हुआ है. इसी दौरान एक पूर्ण विकसित जंगली सांभर हिरण उनके बिल्कुल करीब खड़ा है, और अधिकारी उसे अपने हाथों से पोहा खिला रहे हैं.
SDO विनोद वर्मा निलंबित
Shocking lawlessness in Satpura Tiger Reserve! A Forest SDO caught on camera feeding/taming a wild deer(Sambhar). This is a blatant violation of Sec 9 & Sec 38J of Wildlife Protection Act (WPA), 1972. Officers are meant to enforce the law, not treat wild fauna as private pets!… pic.twitter.com/OYGHyGZHJ4
— Ajay Dubey (@Ajaydubey9) June 22, 2026
वीडियो में अधिकारी न केवल उसे खाना खिलाते हैं, बल्कि एक पालतू जानवर की तरह उसकी पीठ थपथपाते और पुचकारते भी नजर आ रहे हैं. इस पूरे दृश्य के बैकग्राउंड में वर्ष 1969 की प्रसिद्ध बॉलीवुड फिल्म 'प्यार का मौसम' का गाना 'तुम बिन जाऊं कहां' बज रहा है. बताया जा रहा है कि यह वीडियो स्वयं अधिकारी द्वारा कुछ दिन पहले रिकॉर्ड या साझा किया गया था, जो बाद में वायरल हो गया.
वन विभाग का सख्त एक्शन और निलंबन आदेश
वीडियो के सामने आने के बाद वन्यजीव प्रेमियों और पर्यावरण कार्यकर्ताओं ने इस पर कड़ी आपत्ति जताई और वन विभाग के उच्चाधिकारियों से शिकायत की. मामले की गंभीरता को देखते हुए सतपुड़ा टाइगर रिजर्व की क्षेत्र संचालक (फील्ड डायरेक्टर) राखी नंदा ने गुरुवार रात को विनोद वर्मा के निलंबन का आदेश जारी कर दिया.
निलंबन आदेश में स्पष्ट रूप से कहा गया है कि वीडियो में अधिकारी का एक संरक्षित वन्यजीव (सांभर) के साथ किया गया व्यवहार 'अस्वाभाविक और अनुचित' था. आदेश के मुताबिक, उनका यह कृत्य शासकीय कर्तव्यों के निर्वहन में "गंभीर लापरवाही और असंवेदनशीलता" को दर्शाता है, जो मध्य प्रदेश सिविल सेवा आचरण नियम, 1965 के नियम-3 का सीधा उल्लंघन है. निलंबन की अवधि के दौरान उनका मुख्यालय सहायक संचालक कार्यालय, पिपरिया नियत किया गया है.
इंसानी संपर्क से वन्यजीवों को क्यों है खतरा?
वन्यजीव विशेषज्ञों और पर्यावरण कार्यकर्ता अजय दुबे के अनुसार, किसी भी जंगली जानवर को इंसानी खाना खिलाना या उसे पालतू बनाने की कोशिश करना वन्यजीव संरक्षण अधिनियम, 1972 (Wildlife Protection Act) का उल्लंघन है. सांभर इस कानून की अनुसूची (Schedule) के तहत एक संरक्षित वन्यजीव है.
विशेषज्ञों का कहना है कि जब जंगली जानवरों को इंसानों से सीधे भोजन मिलने लगता है, तो वे इंसानों के प्रति अपना प्राकृतिक डर खो देते हैं. इसे वैज्ञानिक भाषा में 'हैबिट्यूएशन' (Habituation) या आदत पड़ना कहा जाता है. भोजन के लालच में ये जानवर धीरे-धीरे जंगलों को छोड़कर नजदीकी इंसानी बस्तियों या मुख्य सड़कों की तरफ आने लगते हैं. इससे न केवल मानव-वन्यजीव संघर्ष (Human-Wildlife Conflict) बढ़ता है, बल्कि जानवरों के सड़क दुर्घटनाओं का शिकार होने और शिकारियों (Poachers) के जाल में फंसने का जोखिम भी कई गुना बढ़ जाता है.













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