जांच में उत्कृष्टता के लिए 28 महिला अधिकारियों सहित 152 पुलिस कर्मियों को मिला पदक
वर्ष 2021 के लिए 28 महिला अधिकारियों सहित 152 पुलिसकर्मियों को केंद्रीय गृह मंत्रालय की ओर से जांच में उत्कृष्टता के लिए पदक से सम्मानित किया गया है. इस पदक को गृह मंत्री अन्वेषण उत्कृष्टता पदक के नाम से जाना जाता है.
नई दिल्ली, 12 अगस्त: वर्ष 2021 के लिए 28 महिला अधिकारियों सहित 152 पुलिसकर्मियों को केंद्रीय गृह मंत्रालय की ओर से जांच में उत्कृष्टता के लिए पदक से सम्मानित किया गया है. इस पदक को गृह मंत्री अन्वेषण उत्कृष्टता पदक के नाम से जाना जाता है. गृह मंत्रालय के अनुसार, इन 152 पुलिसकर्मियों में 15 पुलिसकर्मी सीबीआई से, 11-11 पुलिसकर्मी महाराष्ट्र व मध्यप्रदेश पुलिस से, 10 उत्तर प्रदेश पुलिस से, नौ पुलिसकर्मी केरल व राजस्थान से, आठ तमिलनाडु, सात बिहार व छह-छह पुलिसकर्मी गुजरात, कर्नाटक व दिल्ली से हैं और शेष अन्य राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों (यूटी) से हैं. महिला पुरस्कार विजेता छत्तीसगढ़, गोवा, हरियाणा, हिमाचल प्रदेश, केंद्र शासित प्रदेश लद्दाख, मध्य प्रदेश, महाराष्ट्र, मणिपुर, तमिलनाडु, त्रिपुरा, उत्तर प्रदेश, दिल्ली और दो सीबीआई से हैं.
राष्ट्रीय जांच एजेंसी (एनआईए) के पांच अधिकारियों को भी पुरस्कार से सम्मानित किया गया है, जबकि दिल्ली पुलिस के एक निरीक्षक दिवंगत सतीश चंद्र शर्मा को मरणोपरांत यह पुरस्कार दिया गया है. जिन एनआईए अधिकारियों को पदक से सम्मानित किया गया, उनमें अनुराग कुमार शामिल हैं, जो वर्तमान में एजेंसी में डीआईजी का पद संभाल रहे हैं और जिन्होंने आईएसआईएस मामलों पर बड़े पैमाने पर काम किया है. वह वे अधिकारी रहे हैं, जिन्होंने पाया कि आरोपी व्यक्तियों ने एक संगठन जुनूद-उल-खिलाफा-फिल-हिंद (भारत में खिलाफत स्थापित करने और आईएसआईएस/आईएसआईएल के प्रति निष्ठा की प्रतिज्ञा करने वाला एक समूह) का गठन किया था.
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इसी तरह, राकेश बलवाल, एसपी, एनआईए, जिन्होंने सीआरपीएफ के काफिले पर फरवरी 2019 के पुलवामा आतंकी हमले के मामले में 13,800 पन्नों की चार्जशीट तैयार करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई थी, जिसमें 40 सैनिक शहीद हो गए थे, वे भी पांच सम्मानित एनआईए अधिकारियों में शामिल हैं. एक अन्य पुरस्कार विजेता, विजय कुमार शुक्ला, अतिरिक्त एसपी, सीबीआई, ने सीबीआई की विशेष अपराध इकाई में बदायूं आत्महत्या मामले की जांच की है. उन्हें हाल ही में धनबाद के एडीजे उत्तम आनंद की मौत की जांच का भी काम सौंपा गया है. वह फिलहाल मामले की जांच के लिए झारखंड में डेरा डाले हुए है.
एक अन्य पुरस्कार विजेता, समीर डी. वानखेड़े नारकोटिक्स कंट्रोल ब्यूरो (एनसीबी) मुंबई के जोनल डायरेक्टर हैं और उन्होंने शहर में कई ड्रग लॉर्डस और ड्रग किंगपिन को दबोचा है. पिछले साल सितंबर में उन्होंने बॉलीवुड अभिनेता सुशांत सिंह राजपूत की मौत के मामले में ड्रग संबंधी जांच शुरू की थी. उनकी टीम ने ड्रग्स के धंधे से जुड़े कई लोगों को गिरफ्तार किया और सुशांत की गर्लफ्रेंड रिया चक्रवर्ती और उनके भाई शोविक चक्रवर्ती के खिलाफ चार्जशीट भी दाखिल की थी. दोनों फिलहाल जमानत पर बाहर हैं. उनके अधीन एनसीबी ने मामले के संबंध में दीपिका पादुकोण, सारा अली खान, श्रद्धा कपूर, रकुल प्रीत सिंह और कई अन्य बॉलीवुड के ए लिस्टर्स से भी पूछताछ की है.
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पिछले साल 121 पुलिस कर्मियों को पदक से सम्मानित किया गया था. अपराध की जांच के उच्च पेशेवर मानकों को बढ़ावा देने और जांच अधिकारियों द्वारा इस तरह की जांच में उत्कृष्टता को मान्यता देने के उद्देश्य से 2018 में पदक का गठन किया गया था.
(The above story first appeared on LatestLY on Aug 12, 2021 09:34 PM IST. For more news and updates on politics, world, sports, entertainment and lifestyle, log on to our website latestly.com).

