पाकिस्तान के सेना प्रमुख जनरल असीम मुनीर इन दिनों अमेरिका दौरे पर हैं, और वहीं से उन्होंने भारत को लेकर एक ऐसा बयान दिया जिसने अंतरराष्ट्रीय स्तर पर चिंता बढ़ा दी. मुनीर ने कहा कि यदि पाकिस्तान को भारत से ‘अस्तित्व का खतरा’ हुआ, तो वह “आधी दुनिया को अपने साथ ले डूबेगा.” यह पहला मौका है जब किसी तीसरे देश से भारत को लेकर इतनी खुली परमाणु धमकी दी गई हो. भारत के विदेश मंत्रालय (MEA) ने इस बयान को परमाणु हथियारों की धमकी देकर दबाव बनाने की पुरानी पाकिस्तानी आदत बताया.
पाकिस्तान के साथ संबंधों पर पुनर्विचार करें डोनाल्ड ट्रंप; बलूच मानवाधिकार कार्यकर्ता.
विदेश मंत्रालय ने कहा, "अंतरराष्ट्रीय समुदाय खुद तय कर सकता है कि ऐसे गैर-जिम्मेदाराना बयानों में कितनी गंभीर खतरनाक मानसिकता झलकती है." भारत ने यह भी स्पष्ट कर दिया कि वह किसी भी प्रकार के न्यूक्लियर ब्लैकमेल के आगे झुकने वाला नहीं है और अपनी राष्ट्रीय सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए सभी आवश्यक कदम उठाएगा.
अमेरिका की धरती से धमकी पर सवाल
विदेश मंत्रालय ने इस बात पर भी खेद जताया कि पाकिस्तान ने एक ‘मित्र देश’ यानी अमेरिका की जमीन से इतना उकसाने वाला बयान दिया. भारत का कहना है कि इससे पाकिस्तान के परमाणु हथियार नियंत्रण प्रणाली पर अंतरराष्ट्रीय संदेह और गहरा हो गया है, खासकर जब वहां की सेना आतंकी संगठनों से करीबी संबंध रखती है.
पाकिस्तान में सेना का नियंत्रण और खतरा
सरकारी सूत्रों ने इस बयान को “बेहद गैर-जिम्मेदाराना” बताते हुए कहा कि पाकिस्तान में लोकतंत्र नाम की कोई चीज़ नहीं है. वहां सेना ही असली सत्ता चलाती है. सबसे बड़ा खतरा यह है कि वहां के परमाणु हथियार कभी भी गैर-राज्य तत्वों के हाथ लग सकते हैं, जिससे न सिर्फ क्षेत्रीय बल्कि वैश्विक सुरक्षा खतरे में पड़ जाएगी.
मुनीर की आक्रामक भाषा
असीम मुनीर ने सिर्फ परमाणु धमकी ही नहीं दी, बल्कि भारत के बांध निर्माण को निशाना बनाते हुए कहा, "हम इंतजार करेंगे कि भारत बांध बनाए, फिर हम उसे दस मिसाइलों से उड़ा देंगे. सिंधु नदी भारत की पारिवारिक संपत्ति नहीं है, और हमारे पास मिसाइलों की कोई कमी नहीं है." उनके इस बयान ने पानी के मुद्दे को भी एक खतरनाक सैन्य टकराव के रूप में पेश कर दिया.
भारत का रुख स्पष्ट
भारत ने दो टूक कहा है कि वह अपनी संप्रभुता और सुरक्षा से जुड़ी किसी भी चुनौती का जवाब देने के लिए तैयार है. पाकिस्तान की इस तरह की धमकियां न केवल भारत के लिए, बल्कि पूरे विश्व के लिए खतरे का संकेत हैं.













QuickLY