VIDEO: रमजान से पहले पाकिस्तान के खैबर पख्तूनख्वा में जबरदस्त धमाका, मदरसे में कई लोगों की मौत
पाकिस्तान के खैबर पख्तूनख्वा प्रांत में स्थित दारुल उलूम हक्कानिया मदरसे में हुए बम धमाके में कम से कम 5 लोगों की मौत हुई और दर्जनों घायल हुए. इस हमले में जमीयत उलेमा-ए-इस्लाम (JUI) के नेता हमीदुल हक भी गंभीर रूप से घायल हैं.
पेशावर: पाकिस्तान के खैबर पख्तूनख्वा प्रांत के नौशेरा जिले में स्थित दारुल उलूम हक्कानिया अकौरा खट्टक मदरसे में शुक्रवार को एक जबरदस्त बम धमाका हुआ. इस धमाके में अब तक कम से कम पांच लोगों की मौत हो चुकी है, जबकि दर्जनों लोग घायल हुए हैं. यह धमाका रमजान के पवित्र महीने से पहले हुआ, जिससे पूरे क्षेत्र में दहशत फैल गई.
धमाके के बाद सामने आई भयावह तस्वीरें
इस घटना के कई वीडियो सोशल मीडिया पर सामने आए हैं, जिनमें विस्फोट के बाद का दर्दनाक मंजर देखा जा सकता है. प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक, धमाका इतना तेज था कि आसपास की इमारतें भी हिल गईं.
मदरसे में हुआ आत्मघाती हमला?
खैबर पख्तूनख्वा प्रांत के पुलिस प्रमुख जुल्फिकार हामिद ने बताया कि यह आत्मघाती हमला हो सकता है, हालांकि बम निरोधक दस्ता अब भी जांच में जुटा हुआ है. किसी भी संगठन ने अभी तक इस हमले की जिम्मेदारी नहीं ली है.
जमीयत उलेमा-ए-इस्लाम (JUI) नेता गंभीर रूप से घायल
पुलिस प्रमुख अब्दुल रशीद के मुताबिक, इस हमले में जमीयत उलेमा-ए-इस्लाम (JUI) के नेता हमीदुल हक गंभीर रूप से घायल हुए हैं. उन्हें अस्पताल में भर्ती कराया गया है, जहां उनकी हालत नाजुक बनी हुई है. हमीदुल हक, मौलाना समीउल हक के बेटे हैं, जिन्हें 2018 में उनके घर पर चाकू से हमला कर हत्या कर दी गई थी. समीउल हक को "तालिबान का पिता" भी कहा जाता था.
तालिबान से जुड़ा यह मदरसा बना निशाना
हमले का निशाना बना यह मदरसा, जमिया हक्कानिया, पाकिस्तान के सबसे प्रभावशाली मदरसों में से एक है. यहां कई अफगान तालिबान नेताओं ने पिछले दो दशकों में पढ़ाई की है.
पाकिस्तान में आतंकी हमलों में वृद्धि
हाल के वर्षों में पाकिस्तान में आतंकी हमलों में वृद्धि देखी गई है. 2023 में पेशावर में हुए आत्मघाती हमले में 101 लोगों की मौत हुई थी, जिसमें अधिकतर पुलिसकर्मी थे. पाकिस्तान सरकार ने इसके लिए तहरीक-ए-तालिबान पाकिस्तान (TTP) को जिम्मेदार ठहराया था.
TTP, अफगान तालिबान से जुड़ा एक अलग गुट है, जो 2021 में अफगानिस्तान में तालिबान शासन स्थापित होने के बाद और अधिक सक्रिय हो गया है. पाकिस्तानी सरकार का आरोप है कि TTP के कई नेता और आतंकी अफगानिस्तान में शरण लिए हुए हैं और वहीं से पाकिस्तान में हमलों की योजना बना रहे हैं.
रमजान से पहले बढ़ी सुरक्षा
यह धमाका ऐसे समय में हुआ है जब रमजान का पवित्र महीना शनिवार या रविवार से शुरू हो सकता है. सुरक्षा एजेंसियां अब पूरे क्षेत्र में अलर्ट मोड पर हैं और मदरसों और मस्जिदों की सुरक्षा कड़ी कर दी गई है.
इस हमले के बाद पाकिस्तान सरकार और सुरक्षा एजेंसियां हाई अलर्ट पर हैं. फिलहाल घायलों का इलाज जारी है और घटना की विस्तृत जांच की जा रही है.