LPG की किल्लत के डर से देशभर में 'इंडक्शन' की भारी मांग: रसोई गैस के विकल्प के तौर पर इलेक्ट्रिक कुकिंग की ओर बढ़ रहे लोग

भारत में एलपीजी की संभावित कमी की खबरों के बीच इंडक्शन चूल्हों और इलेक्ट्रिक स्टोव की बिक्री में भारी उछाल आया है. दिल्ली, मुंबई और बेंगलुरु जैसे शहरों में स्टॉक खत्म होने की स्थिति है, क्योंकि लोग रसोई गैस पर अपनी निर्भरता कम करने की कोशिश कर रहे हैं.

एलपीजी सिलेंडर (Photo Credits: Pexels)

मुंबई: देश में रसोई गैस (LPG) की संभावित किल्लत की आशंकाओं ने आम उपभोक्ताओं और व्यापारियों के बीच अफरा-तफरी का माहौल पैदा कर दिया है. पिछले 48 घंटों में देशभर के बाजारों में इंडक्शन कुकटॉप (Induction Cooktop) और इन्फ्रारेड स्टोव (Infrared Stove) जैसे इलेक्ट्रिक खाना पकाने के उपकरणों की मांग में जबरदस्त इजाफा हुआ है. दिल्ली (Delhi), मुंबई (Mumbai) और बेंगलुरु (Bengaluru) जैसे बड़े शहरों के रिटेल स्टोर (Retail Stores) और ई-कॉमर्स प्लेटफॉर्म (E-commerce Platforms) पर कई लोकप्रिय मॉडल 'आउट ऑफ स्टॉक' हो गए हैं, क्योंकि लोग भविष्य में गैस आपूर्ति बाधित होने के डर से वैकल्पिक इंतजाम करने में जुटे हैं. यह भी पढ़ें: LPG Row: संसद में एलपीजी और ईंधन की कमी पर संग्राम, विपक्ष ने लगाया किल्लत और महंगाई का आरोप, सत्ता पक्ष ने कहा- 'घबराने की जरूरत नहीं'

क्यों बढ़ी इलेक्ट्रिक चूल्हों की मांग?

बाजार में आई इस अचानक तेजी की मुख्य वजह वैश्विक ऊर्जा आपूर्ति में आती कमी और एलपीजी आयात से जुड़ी लॉजिस्टिक बाधाएं हैं. अंतरराष्ट्रीय स्तर पर बढ़ती ईंधन की कीमतें और शिपिंग मार्गों को प्रभावित करने वाले भू-राजनीतिक तनाव ने उपभोक्ताओं के मन में गैस की राशनिंग का डर पैदा कर दिया है. हालांकि, केंद्र सरकार ने अभी तक घरेलू एलपीजी आपूर्ति में किसी भी कटौती की घोषणा नहीं की है, लेकिन पिछली स्थितियों को देखते हुए लोग पहले से ही सतर्क हो रहे हैं.

रेस्टोरेंट और होटल भी बदल रहे हैं रणनीति

हॉस्पिटैलिटी सेक्टर पर इसका सबसे ज्यादा असर दिख रहा है. कमर्शियल एलपीजी सिलिंडर पर निर्भर रहने वाले रेस्टोरेंट, होटल और ढाबा मालिक अब अपनी रसोई चालू रखने के लिए बड़े पैमाने पर इलेक्ट्रिक कुकिंग सिस्टम अपना रहे हैं. प्रयागराज जैसे शहरों में कमर्शियल सिलिंडर की किल्लत के कारण डिलीवरी में तीन से सात दिनों की देरी हो रही है, जिससे भोजनालयों का कामकाज प्रभावित हो रहा है.

चुनौतियां और अतिरिक्त लागत

गैस से बिजली की ओर यह बदलाव इतना आसान नहीं है. रेस्टोरेंट मालिकों का कहना है कि इंडक्शन और इलेक्ट्रिक उपकरण महंगे हैं और इनके लिए विशेष प्रकार के बर्तनों (Compatible Cookware) की आवश्यकता होती है. साथ ही, पारंपरिक भारतीय व्यंजनों को इंडक्शन पर पकाना चुनौतीपूर्ण है और इससे बिजली के बिल में भी भारी बढ़ोतरी होने की संभावना है. छोटे खाद्य प्रतिष्ठानों के लिए यह आर्थिक बोझ उनके अस्तित्व के लिए खतरा बन सकता है. यह भी पढ़ें: LPG बुकिंग के बावजूद नहीं मिला सिलेंडर? इंडेन, एचपी और भारत गैस से ऐसे करें शिकायत; जानें बुकिंग के नए नियम

सरकार की अपील: 'घबराएं नहीं'

पेट्रोलियम और प्राकृतिक गैस मंत्रालय के अधिकारियों ने जनता से पैनिक न करने की अपील की है. सरकार का कहना है कि देश में एलपीजी का वर्तमान स्टॉक पर्याप्त है और आपूर्ति श्रृंखला की बारीकी से निगरानी की जा रही है.

बाजार विशेषज्ञों का मानना है कि भले ही यह मांग तात्कालिक डर की वजह से बढ़ी है, लेकिन यह लंबे समय में उपभोक्ताओं के व्यवहार में बदलाव ला सकती है. लोग अब पूरी तरह एलपीजी पर निर्भर रहने के बजाय इलेक्ट्रिक कुकिंग को एक स्थाई विकल्प के रूप में देखने लगे हैं.

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