Maiyan Samman Yojana: 31 मार्च के बाद 'मंईयां सम्मान योजना' के नियम होंगे सख्त, झारखंड सरकार ने लिया बड़ा फैसला

Maiyan Samman Yojana: झारखंड में मुख्यमंत्री मंईयां सम्मान योजना के लाभार्थियों के लिए सरकार ने नियमों में बदलाव किया है. मार्च 2025 के बाद इस योजना का लाभ उन्हीं लाभार्थियों को मिलेगा, जिनका आधार नंबर उनके सिंगल बैंक अकाउंट से लिंक्ड होगा.

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झारखंड में मुख्यमंत्री मंईयां सम्मान योजना के लाभार्थियों के लिए सरकार ने नियमों में बदलाव किया है. मार्च 2025 के बाद इस योजना का लाभ उन्हीं लाभार्थियों को मिलेगा, जिनका आधार नंबर उनके सिंगल बैंक अकाउंट से लिंक्ड होगा. हालांकि, मार्च 2025 तक जिन लाभार्थियों का अकाउंट आधार से लिंक्ड नहीं है, उनके खातों में भी योजना की राशि भेजी जाएगी.

रिपोर्ट  के मुताबिक, मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन की अध्यक्षता में मंगलवार (25 मार्च) को हुई कैबिनेट की बैठक में इस प्रस्ताव को मंजूरी दी गई. इस योजना के तहत पिछले कुछ महीनों से लगभग 57 लाख महिलाओं के खातों में प्रतिमाह 2,500 रुपये की राशि भेजी जा रही है.

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मैय्या सम्मान योजना के अंतर्गत लाभ

मुख्यमंत्री मंईयां सम्मान योजना के तहत राज्य सरकार 18 से 50 वर्ष की आयु की महिलाओं को 2,500 रुपये प्रतिमाह देती है. हालांकि, कई लाभार्थी अपने बैंक खातों को आधार से लिंक न करने के कारण जनवरी से इस सहायता से वंचित हैं. पिछले साल अगस्त में झारखंड के मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने झारखंड मुख्यमंत्री महिला सम्मान योजना की शुरुआत की थी, और इस योजना के तहत गरीबी रेखा से नीचे रहने वाले परिवारों की 21 से 50 वर्ष की आयु की पात्र महिलाओं को शुरुआत में 1,000 रुपये दिए जा रहे थे. इस योजना के तहत भुगतान हर महीने की 15 तारीख तक सीधे उनके बैंक खातों में जमा कर दिया जाता है. दिसंबर 2024 से यह राशि 1,000 रुपये से बढ़ाकर 2,500 रुपये कर दी गई थी.

कैबिनेट बैठक में कौन से प्रस्ताव मंजूर किये गये?

रिपोर्ट के अनुसार, सचिव वंदना दादेल ने बताया है कि, मंगलवार को कैबिनेट की बैठक में कुल 16 प्रस्तावों को मंजूरी दी गई. जिनमें झारखंड सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम इकाई (MSME) विशेष छूट विधेयक 2025 भी शामिल है. इसके अलावा, झारखंड कैबिनेट ने विकलांगता वाले बच्चों को बेहतर शिक्षा देने के लिए प्राथमिक विद्यालयों में सहायक अध्यापकों के पदों की संख्या बढ़ाने का निर्णय लिया है. राज्य में कुल 50,000 सहायक अध्यापकों के पद स्वीकृत हैं, और इनमें से 3,451 नए पदों का सृजन किया गया है. इन नए पदों का उद्देश्य विकलांग बच्चों को शिक्षा की बेहतर सुविधा प्रदान करना है, ताकि उन्हें समान शिक्षा अवसर मिल सकें.

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