महाराष्ट्र सरकार ने ‘मुख्यमंत्री माझी लाडकी बहन योजना’ (CM Majhi Ladki Bahin Yojana) को और पारदर्शी और सही तरीके से चलाने के लिए बड़ा फैसला लिया है. अब इस योजना की सभी महिला लाभार्थियों के लिए ई-केवाईसी (e-KYC) कराना अनिवार्य कर दिया गया है, ताकि उनके बैंक खातों का ऑनलाइन वेरिफिकेशन और ऑथेंटिक्शन सुरक्षित तरीके से किया जा सके. इससे योजना के पैसे सीधे और बिना किसी रुकावट के महिलाओं तक पहुंचेंगे और योजना ज्यादा पारदर्शी और भरोसेमंद बन जाएगी.
दो महीने में पूरी करनी होगी ई-केवाईसी
महिला एवं बाल विकास विभाग (Women And Child Development Department) ने स्पष्ट किया है, कि सभी लाभार्थी महिलाओं को 18 सितंबर 2025 से अगले 2 महीने के भीतर ई-केवाईसी पूरी करनी होगी. अगर कोई महिला इस तय समय में आधार ऑथेंटिक्शन (Aadhaar Authentication) नहीं कराती है, तो वह योजना के अगले चरण में मिलने वाले आर्थिक लाभ की पात्र नहीं रहेगी. इसका मतलब है, कि समय पर ई-केवाईसी करना अब हर महिला के लिए जरूरी है, वरना उसे योजना का लाभ नहीं मिलेगा.
ई-केवाईसी कैसे करें?
महिलाएं यह ई-केवाईसी प्रक्रिया सीएससी (CSC) केंद्रों पर जाकर या ऑनलाइन खुद भी पूरी कर सकती हैं. इसके लिए उन्हें आवश्यक दस्तावेज़ अपलोड करने होंगे. इस प्रक्रिया में लाभार्थी महिला का नाम, पता, आधार कार्ड, राशन कार्ड और वार्षिक आय की जानकारी भरनी होती है. योजना के तहत सरकार ने आधिकारिक पोर्टल ladakibahin.maharashtra.gov.in पर ई-केवाईसी की सुविधा भी शुरू कर दी है.
— Aditi S Tatkare (@iAditiTatkare) September 18, 2025
आधार कानून की प्रावधानों के अनुसार, योजना का लाभ लेने के लिए आधार आधारित ऑथेंटिक्शन करना अनिवार्य होगा. इसी आधार पर लाभार्थियों की पहचान और वेरिफिकेशन को पूरा किया जाएगा, ताकि आर्थिक मदद सीधे और सुरक्षित तरीके से उनके खातों में पहुँच सके.
हर साल जून में भी अनिवार्य होगी प्रक्रिया
नए नियमों के मुताबिक अब सिर्फ इस साल ही नहीं, बल्कि आगे से हर साल जून महीने में ई-केवाईसी करना अनिवार्य होगा. सरकार ने इसे महिलाओं के लिए बेहद आसान और सरल प्रक्रिया बताया है, जिससे न केवल इस योजना का लाभ सुरक्षित रूप से मिलेगा, बल्कि भविष्य में अन्य शासकीय योजनाओं का लाभ लेने में भी मदद होगी.
महिलाओं को मिलेगा सीधा फायदा
‘मुख्यमंत्री माझी लाडकी बहन योजना’ का मकसद महिलाओं को आर्थिक स्वतंत्रता देना और उनके स्वास्थ्य व पोषण को बेहतर बनाना है. इस योजना में पात्र महिलाओं को सीधे उनके बैंक खातों में डायरेक्ट बेनिफिट ट्रांसफर (DBT) के जरिए आर्थिक सहायता दी जाती है, ताकि मदद सीधी और समय पर पहुँच सके.
मंत्री अदिती तटकरे ने क्या कहा?
महिला एवं बाल विकास मंत्री अदिती तटकरे ने ट्वीट कर कहा कि, ‘ई-केवाईसी की यह नई व्यवस्था योजना को और पारदर्शी बनाएगी. साथ ही, महिलाओं को भविष्य में मिलने वाले अन्य शासकीय लाभों के लिए भी यह प्रक्रिया मददगार साबित होगी.’













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