Maharashtra New Auto Rickshaw Permits: बढ़ते ट्रैफिक और प्रदूषण को लेकर महाराष्ट्र सरकार का बड़ा फैसला, नए ऑटो‑रिक्शा परमिट जारी करना हुआ बंद
महाराष्ट्र सरकार ने राज्य में नए ऑटो रिक्शा परमिट जारी करने पर अस्थायी रोक लगा दी है. यातायात की भीड़, बढ़ता प्रदूषण और परमिट वितरण में अनियमितताओं की जांच को देखते हुए यह बड़ा फैसला लिया गया है.
Maharashtra New Auto Rickshaw Permits: महाराष्ट्र सरकार ने राज्य के प्रमुख शहरों में बढ़ती यातायात की समस्या और पर्यावरण संबंधी चिंताओं को देखते हुए नए ऑटो रिक्शा परमिट जारी करने पर अस्थायी रूप से रोक लगा दी है. राज्य के परिवहन मंत्री प्रताप सरनाईक ने इस निर्णय की घोषणा करते हुए बताया कि वर्तमान में राज्य भर में लगभग 14 लाख ऑटो रिक्शा परमिट पहले ही जारी किए जा चुके हैं. सरकार का मानना है कि सड़कों पर वाहनों की संख्या को नियंत्रित करना अब अनिवार्य हो गया है.
शहरों में बढ़ता ट्रैफिक का दबाव
मुंबई, पुणे और नागपुर जैसे बड़े शहरी केंद्रों में यातायात की स्थिति लगातार बिगड़ रही है. परिवहन विभाग के अधिकारियों के अनुसार, ऑटो रिक्शा की संख्या में अत्यधिक वृद्धि होने से प्रमुख सड़कों पर वाहनों की गति धीमी हो गई है. यातायात जाम में फंसे रहने के कारण ईंधन की खपत बढ़ रही है, जिसका सीधा असर शहरों के वायु गुणवत्ता सूचकांक (AQI) पर पड़ रहा है. सरकार ने बुनियादी ढांचे पर बढ़ते इस दबाव को कम करने के लिए यह कदम उठाया है.
ड्राइवरों की घटती आय पर चिंता
यह फैसला केवल यातायात तक ही सीमित नहीं है, बल्कि मौजूदा ऑटो रिक्शा चालकों की आर्थिक स्थिति से भी जुड़ा है. कई चालक संगठनों ने सरकार से शिकायत की थी कि एक ही रूट पर वाहनों की संख्या बढ़ने से उनकी दैनिक कमाई में भारी गिरावट आई है. अधिक प्रतिस्पर्धा के कारण ड्राइवरों को पर्याप्त यात्री नहीं मिल पा रहे हैं. सरकार ने इन चिंताओं पर विचार करने के बाद ही नए परमिट न देने का निर्णय लिया है.
परमिट वितरण में अनियमितताओं की जांच
एक महत्वपूर्ण खुलासे में राज्य सरकार ने बताया कि परमिट वितरण प्रक्रिया में कुछ गंभीर अनियमितताएं भी पाई गई हैं. जांच के दौरान यह सामने आया है कि कुछ परमिट कथित तौर पर अवैध बांग्लादेशी प्रवासियों को जारी किए गए थे. प्रशासन ने इस मामले की गहन जांच शुरू कर दी है और दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई करने का आश्वासन दिया है.
केंद्र की मंजूरी के बाद लिया गया फैसला
राज्य सरकार ने स्पष्ट किया है कि नए परमिट जारी करने पर रोक लगाने का यह निर्णय केंद्र सरकार की सहमति मिलने के बाद लिया गया है. फिलहाल यह रोक अस्थायी है और भविष्य में पूरी स्थिति की समीक्षा करने के बाद ही अगला कदम उठाया जाएगा. सरकार अब सार्वजनिक परिवहन के अन्य साधनों और प्रदूषण मुक्त विकल्पों पर ध्यान केंद्रित करने की योजना बना रही है.