महाराष्ट्र और कर्नाटक के कई इलाके भीषण बाढ़ की चपेट में, राहत कार्य में जुटे भारतीय सेना के एक हजार जवान
महाराष्ट्र और कर्नाटक के कई इलाके बाढ़ की चपेट में हैं. इस बीच, डिफेंस पीआरओ ने बताया कि पिछले कुछ दिनों से लगातार हो रही बारिश और प्रमुख जलाशयों से पानी छोड़े जाने के कारण महाराष्ट्र और कर्नाटक में बाढ़ की स्थिति गंभीर बनी हुई है. उन्होंने बताया कि बाढ़ प्रभावित इलाकों में बचाव अभियान चलाने में भारतीय सेना महाराष्ट्र और कर्नाटक के राज्य अधिकारियों की सहायता कर रही है.
महाराष्ट्र और कर्नाटक (Maharashtra and Karnataka) के कई इलाके बाढ़ (Flood) की चपेट में हैं. इस बीच, डिफेंस के जनसंपर्क अधिकारी (Defence PRO) ने बुधवार को बताया कि पिछले कुछ दिनों से लगातार हो रही बारिश और प्रमुख जलाशयों (Major Reservoirs) से पानी छोड़े जाने के कारण महाराष्ट्र और कर्नाटक में बाढ़ की स्थिति गंभीर बनी हुई है. उन्होंने बताया कि बाढ़ प्रभावित इलाकों में बचाव अभियान (Rescue Operations) चलाने में भारतीय सेना (Indian Army) महाराष्ट्र और कर्नाटक के राज्य अधिकारियों की सहायता कर रही है.
डिफेंस पीआरओ ने कहा कि बाढ़ राहत कार्यों को अंजाम देने के लिए 7 अगस्त तक लगभग 1000 जवानों को लगाया जा चुका है. इन जवानों को बाढ़ राहत कार्य के लिए महाराष्ट्र के रायगढ़, कोल्हापुर और सांगली जिलों में लगाया गया है. इसके अलावा जवानों को बाढ़ राहत कार्य के लिए कर्नाटक के बेलगाम, बगलकोट और रायचूर में भी में लगाया गया है. यह भी पढ़ें- महाराष्ट्र: पुणे में बाढ़ में फंसी गाय, NDRF की टीम ने ऐसे बचाई उसकी जान, देखें वीडियो
इस बीच, महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेन्द्र फडणवीस ने अपने जनसंपर्क अभियान से समय निकालकर राज्य में बाढ़ के हालात का जायजा लेने के लिए मुंबई में एक बैठक की अध्यक्षता की. मुख्यमंत्री कार्यालय (CMO) की ओर से जारी बयान में कहा गया है कि मुख्यमंत्री ने संबंधित अधिकारियों को कोल्हापुर, सांगली, रायगढ़ और पालघर जिलों में बाढ़ प्रभावित लोगों के लिए भोजन, पेयजल और अन्य जरूरी सामानों की आपूर्ति के लिए पर्याप्त इंतजाम करने का निर्देश दिया है. सीएमओ ने कहा कि सांगली जिले से करीब 53 हजार लोगों को सुरक्षित स्थानों पर भेजा गया है जबकि 11,432 लोगों को कोल्हापुर और रायगढ़ से 3,000 लोगों को बचाया गया है.