MP सरकार का बड़ा फैसला, लाडली बहना समेत सभी जनकल्याणकारी योजनाओं का होगा सोशल ऑडिट

मध्य प्रदेश सरकार की लोकप्रिय योजना लाडली बहना योजना (Ladli Behna Yojana) समेत राज्य की तमाम प्रमुख जनकल्याणकारी योजनाओं को लेकर एक महत्वपूर्ण फैसला लिया गया है. रिपोर्ट के अनुसार, एमपी सरकार अब इन योजनाओं का सोशल ऑडिट (Social Audit) करवाएगी, जिससे यह पता लगाया जा सकेगा कि इन योजनाओं का लाभ आम लोगों तक किस हद तक पहुंचा है, और इनके ज़रिए लोगों के जीवन में कितना बदलाव आया है.

घर-घर जाकर ली जाएगी जानकारी

रिपोर्ट के मुताबिक, इस बार ऑडिट केवल कागजी दस्तावेजों तक सीमित नहीं रहेगा. राज्य सरकार ने यह तय किया है, कि अधिकारियों और कर्मचारियों की टीमें घर-घर जाकर लाभार्थियों से सीधा संवाद करेंगी. वह उनसे यह जानने की कोशिश करेंगी कि इन योजनाओं से उन्हें कितना लाभ मिला है, उनकी जिंदगी में क्या बदलाव आया है, और क्या कहीं कोई समस्या या कमी है.

क्या है उद्देश्य?

इस ऑडिट का प्रमुख उद्देश्य सरकार के लिए यह है, कि वह इन योजनाओं की जमीनी हकीकत को समझे, ताकि वह भविष्य में आवश्यक सुधार, बदलाव और पारदर्शिता सुनिश्चित कर सके. सोशल ऑडिट के माध्यम से लाभार्थियों की स्थिति और योजनाओं के प्रभाव को सही तरीके से परखा जाएगा, जिससे योजनाओं की खूबियां, कमियां, और संभावित सुधारों की सिफारिशें तैयार की जा सकेंगी.

इन जानकारियों के आधार पर एक डिटेल रिपोर्ट तैयार की जाएगी, जो मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव को सौंपी जाएगी. सीएम की मंजूरी के बाद, इस रिपोर्ट के आधार पर संबंधित विभागों को सुधारात्मक कार्रवाई के निर्देश दिए जाएंगे. इस प्रक्रिया का उद्देश्य यह है, कि योजनाओं का वास्तविक प्रभाव और लाभ लाभार्थियों तक सही तरीके से पहुंच सके और उनके जीवन में सुधार हो.

किन योजनाओं का होगा सोशल ऑडिट?

रिपोर्ट के अनुसार, सरकार ने कई बड़ी योजनाओं को इस ऑडिट में शामिल किया है, जिनमें प्रमुख हैं:

  • लाड़ली बहना योजना (Ladli Behna Yojana)
  • प्रधानमंत्री मातृ वंदना योजना (Pradhan Mantri Matru Vandana Yojana)
  • पीएम आवास योजना (PM Housing Scheme)
  • निशुल्क राशन वितरण योजना (Free Ration Distribution Scheme)
  • पथ विक्रेता आत्मनिर्भर निधि योजना (Street Vendor Self-Reliant Fund Scheme)
  • लाड़ली लक्ष्मी योजना (Ladli Laxmi Yojana)
  • सामाजिक सुरक्षा पेंशन योजना (Social Security Pension Scheme)

इन सभी योजनाओं के लाभार्थियों से संवाद कर सीएजी (CAG) की तर्ज पर एक रिपोर्ट तैयार की जाएगी, लेकिन इस बार यह वित्तीय नहीं, बल्कि सामाजिक ऑडिट होगा. इसका मकसद योजनाओं में जवाबदेही और पारदर्शिता लाना है.

लाड़ली बहना योजना पर कितना खर्च?

लाड़ली बहना योजना, जो खासतौर पर प्रदेश की महिलाओं को आर्थिक रूप से सशक्त करने के लिए शुरू की गई थी, आज राज्य की सबसे बड़ी योजनाओं में गिनी जाती है. वर्तमान में इस योजना के तहत 1.17 करोड़ पात्र महिलाओं को हर महीने 1250 रुपये की आर्थिक सहायता दी जा रही है. रिपोर्ट्स के अनुसार, सरकार इस योजना पर हर माह लगभग 1550 करोड़ रुपये खर्च कर रही है. वित्त वर्ष 2025-26 में लाड़ली बहना योजना के लिए सरकार ने 18,669 करोड़ रुपये का बजट प्रावधान किया है.

इस योजना की लोकप्रियता का अंदाज़ा इसी बात से लगाया जा सकता है, कि महाराष्ट्र जैसे राज्य में भी अब इस योजना को लागू किया जा रहा है.

पारदर्शिता और सुधार की दिशा में मजबूत कदम

मध्य प्रदेश सरकार का यह फैसला राज्य की योजनाओं को और अधिक पारदर्शी, प्रभावशाली और उत्तरदायी बनाने की दिशा में एक सशक्त कदम है. सोशल ऑडिट से न केवल लाभार्थियों की वास्तविक स्थिति सामने आएगी, बल्कि योजनाओं में हो रहे गड़बड़ियों पर भी लगाम लग सकेगी. इससे आने वाले समय में सरकारी योजनाएं ज़्यादा व्यवहारिक, प्रभावशाली और जनहितकारी साबित होंगी.