विधायक आकाश विजयवर्गीय को जमानत मिलने पर बीजेपी ने किया स्वागत, कांग्रेस ने इसे बताया "गुंडई का महिमामंडन"
मध्य प्रदेश के शहरी निकाय के एक अधिकारी को क्रिकेट बैट से पीटने के मामले में जिला जेल से रविवार की सुबह जमानत पर छूटने के बाद भाजपा विधायक आकाश विजयवर्गीय का पार्टी नेताओं ने स्वागत किया.
भोपाल: मध्य प्रदेश के शहरी निकाय के एक अधिकारी को क्रिकेट बैट से पीटने के मामले में जिला जेल से रविवार की सुबह जमानत पर छूटने के बाद भाजपा विधायक आकाश विजयवर्गीय (Akash Vijayvargiya) का पार्टी नेताओं ने स्वागत किया. वहीं कांग्रेस ने इसे ‘‘गुंडई का महिमामंडन’’ बताया है. जेल से रिहाई के बाद आकाश सबसे पहले भाजपा के स्थानीय कार्यालय पहुंचे। भाजपा कार्यालय में पार्टी की शहर इकाई के अध्यक्ष गोपीकृष्ण नेमा और अन्य वरिष्ठ नेताओं ने 34 वर्षीय विधायक का फूलमालाओं से स्वागत किया. इसके बाद आकाश नंदानगर स्थित अपने घर की ओर रवाना हुए। क्षेत्र क्रमांक-तीन के भाजपा विधायक के घर उनके कई समर्थकों का दिनभर तांता लगा रहा.
सोशल मीडिया पर वह कथित वीडियो भी साझा किया जा रहा है, जिसमें आकाश विजयवर्गीय के समर्थक बताए जा रहे लोग आमजनों के साथ कुछ वर्दीधारी पुलिसकर्मियों को भी मिठाई बांटते दिखायी दे रहे है. इस बीच, मध्य प्रदेश में सत्तारूढ़ कांग्रेस ने बल्ला काण्ड के आरोपी भाजपा विधायक के स्वागत पर सवाल खड़े करते हुए राज्य के प्रमुख विपक्षी दल पर निशाना साधा। प्रदेश कांग्रेस प्रवक्ता नीलाभ शुक्ला ने कहा, "विजयवर्गीय एक सरकारी अधिकारी को सरेआम पीटने के मामले में जेल में चार रातें बिताने के बाद जमानत पर बड़ी मुश्किल से छूटे हैं। अब उनका स्वागत कर भाजपा गुंडई को महिमामंडित कर रही है." यह भी पढ़े: आकाश विजयवर्गीय जेल से हुए रिहा, बाहर आकर कहा- भगवान मुझे दोबारा बल्लेबाजी का मौका ना दें
आकाश (34) भाजपा के राष्ट्रीय महासचिव कैलाश विजयवर्गीय के बेटे हैं। शहर के गंजी कम्पाउंड क्षेत्र में एक जर्जर भवन ढहाने की मुहिम के विरोध के दौरान बुधवार को बढ़े विवाद के बाद भाजपा विधायक ने नगर निगम के एक भवन निरीक्षक को क्रिकेट के बैट से पीट दिया था।
भोपाल की एक विशेष अदालत ने बल्ला काण्ड और एक अन्य मामले मामले में उनकी जमानत अर्जी शनिवार शाम मंजूर की थी। इसके बाद वह इंदौर की जिला जेल से रविवार सुबह छूटे. जिला जेल की अधीक्षक अदिति चतुर्वेदी ने बताया, "शनिवार को लॉक-अप के शाम सात बजे के नियत समय तक हमें विजयवर्गीय को जमानत पर रिहा करने का अदालती आदेश नहीं मिला था। लिहाजा जेल मैन्युअल के मुताबिक हम उन्हें शनिवार रात रिहा नहीं कर सकते थे."
(The above story first appeared on LatestLY on Jun 30, 2019 07:38 PM IST. For more news and updates on politics, world, sports, entertainment and lifestyle, log on to our website latestly.com).

