Kumbh Mela 2025: महाकुंभ में रेलवे तैयार कर रहा 25 हजार श्रद्धालुओं के लिए आश्रय स्थल
सनातन आस्था के सबसे बड़े आयोजन महाकुंभ 2025 को लेकर प्रयागराज में तैयारियां युद्ध स्तर पर चल रही हैं. सीएम योगी की मंशा के अनुरूप महाकुंभ को दिव्य, भव्य और नव्य बनाने की कवायद जोरों पर है.
प्रयागराज, 27 अक्टूबर : सनातन आस्था के सबसे बड़े आयोजन महाकुंभ 2025 को लेकर प्रयागराज में तैयारियां युद्ध स्तर पर चल रही हैं. सीएम योगी की मंशा के अनुरूप महाकुंभ को दिव्य, भव्य और नव्य बनाने की कवायद जोरों पर है. मेला प्राधिकरण इस महाकुंभ में 40 करोड़ श्रद्धालुओं के आने का अनुमान व्यक्त कर रहा है. ऐसे में बड़ी संख्या में श्रद्धालु ट्रेनों के ज़रिए प्रयागराज पहुंच सकते हैं.
इस बार लगभग 10 करोड़ लोगों के ट्रेन के जरिए महाकुंभ में पहुचंने का अनुमान है. रेलवे एनसीआर के प्रयागराज मंडल ने स्टेशनों पर क्राउड मैनेजमेंट को लेकर रोडमैप तैयार कर लिया है. प्रयागराज के सभी रेलवे स्टेशनों पर लगभग 25,000 यात्रियों के ठहरने के लिए आश्रय स्थलों का निर्माण अंतिम दौर में है. महाकुंभ के दौरान प्रयागराज सिटी में 9 रेलवे स्टेशनों पर श्रद्धालुओं के आवागमन की तैयारियां चल रही हैं. क्राउड मैनेजमेंट को लेकर महाकुंभ रेलवे नोडल डिविजन प्रयागराज मंडल ने रोडमैप तैयार कर लिया है. यह भी पढ़ें : Ahmedabad Factory Gas Leak Case: अहमदाबाद की फैक्ट्री में गैस लीक होने से दो की मौत, सात घायल
रेलवे प्रयागराज मंडल के पीआरओ अमित सिंह ने बताया कि महाकुंभ के दौरान प्रति घंटे 50 हजार यात्रियों की दर से उनके गंतव्य स्टेशनों की ओर रवाना करने की योजना बनाई गई है. इसके साथ ही लगभग 25,000 श्रद्धालुओं के ठहरने के लिए 10 आश्रय स्थलों को भी तैयार किया जा रहा है. जिनमें से 4 आश्रय स्थल प्रयागराज जंक्शन, 3 नैनी जंक्शन, 2 छिवकी स्टेशन और 1 सूबेदारगंज स्टेशन पर बनाए जा रहे हैं. ये आश्रय स्थल 2019 के कुंभ में अस्थाई टिकट घर व शौचालय की सुविधाओं के साथ बनाए गए थे. महाकुंभ 2025 में इनका पुनर्निर्माण कर संचालित करने का कार्य चल रहा है. छिवकी स्टेशन पर नया आश्रय स्थल भी बनाया जा रहा है.
पीआरओ अमित सिंह ने बताया कि क्राउड मैनेजमेंट के लिए अलग-अलग गंतव्य स्टेशनों के मुताबिक यात्रियों को अलग-अलग रंग के आश्रय स्थलों में ठहराया जाएगा. इन आश्रय स्थलों में उनके स्टेशनों की ओर जाने वाली गाड़ियों की घोषणा के साथ रेलवे प्रशासन उन्हें सही ट्रेन तक पहुचांने का भी प्रयास करेगा. इसके लिए आश्रय स्थलों की कलर कोडिंग, जाने वाली ट्रेनों की दिशा के मुताबिक की गई है. लखनऊ और बनारस जाने वाले यात्रियों को लाल रंग के आश्रय स्थल, कानपुर के लिए हरे रंग का, जबकि सतना, मानिकपुर, झांसी की ओर जाने वालों को पीले रंग के आश्रय स्थलों में ठहराया जाएगा. अलग-अलग स्टेशनों पर आश्रय स्थलों की कलर कोडिंग थोड़ी अलग-अलग भी है, जिसकी जानकारी स्टेशनों पर लगी रहेगी. इसके साथ ही आरक्षित श्रेणी के यात्रियों के लिए अलग से भी अस्थाई आश्रय स्थल बनाए जा रहे हैं.
(The above story first appeared on LatestLY on Oct 27, 2024 05:33 PM IST. For more news and updates on politics, world, sports, entertainment and lifestyle, log on to our website latestly.com).

