जम्मू, 27 अगस्त : जम्मू-कश्मीर (Jammu and Kashmir) में भारी बारिश के चलते कई निचले इलाके जलमग्न हो गए हैं. बाढ़ की स्थिति पर नजर रखते हुए उपराज्यपाल मनोज सिन्हा (Manoj Sinha) ने जम्मू के संभागीय आयुक्त रमेश कुमार समेत अन्य अधिकारियों के साथ बातचीत करते हुए राहत व बचाव कार्यों की समीक्षा की. उपराज्यपाल ने अधिकारियों को निर्देश दिया है कि जिन क्षेत्रों में पानी कम हो रहा है, वहां बिजली, संचार और पेयजल आपूर्ति को प्राथमिकता पर बहाल किया जाए.
जम्मू-कश्मीर के उपराज्यपाल मनोज सिन्हा ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म 'एक्स' पर लिखा, "5000 से ज्यादा लोगों को निचले बाढ़ प्रभावित इलाकों से निकालकर सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया गया है. सेना, एनडीआरएफ और एसडीआरएफ की टीमें संभागीय आयुक्त कार्यालय के साथ कॉर्डिनेट करके काम कर रही हैं." उपराज्यपाल ने यह भी कहा कि प्रभावित लोगों को पर्याप्त राहत सामग्री और हर संभव सहायता प्रदान की जा रही है. यह भी पढ़ें : Operation Mahadev: केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने ‘ऑपरेशन महादेव’ में शामिल सुरक्षाकर्मियों को सम्मानित किया
इससे पहले, कटरा में हुए भूस्खलन पर मनोज सिन्हा ने दुख जताया. उन्होंने बताया कि कई मृतकों की पहचान हो गई है और उनके शव घर भेजने की व्यवस्था की जा रही है. इसी बीच, जम्मू-कश्मीर के सूचना विभाग ने जानकारी दी है कि पूर्व मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला ने बुधवार को बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों का दौरा किया और स्थानीय स्थिति का जायजा लिया. उन्होंने प्रशासन को संवेदनशील क्षेत्रों में लोगों की सुरक्षा के लिए सभी जरूरी कदम उठाने का आश्वासन दिया.
वहीं, मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला ने जम्मू-कश्मीर की स्थिति के बारे में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को जानकारी दी. उमर अब्दुल्ला ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म 'एक्स' पर लिखा, "कुछ देर पहले प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से बात की. मैंने उन्हें जम्मू-कश्मीर के सबसे ज्यादा प्रभावित इलाकों की स्थिति से अवगत कराया, जहां मंगलवार को तवी नदी के किनारे काफी नुकसान हुआ था. मैं जम्मू-कश्मीर के लोगों को निरंतर सहायता प्रदान करने के उनके आश्वासन के लिए आभारी हूं."












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