ISRO First Launch Of The Year 2024: नए साल के पहले दिन इतिहास रचेगा इसरो, EXPOSAT की लॉन्चिंग से पहले भगवान की शरण में पहुंचे वैज्ञानिक
नए साल के पहले दिन इसरो XPoSat सैटेलाइट लॉन्च करेगा. लॉन्चिंग से पहले तिरुमाला मंदिर में भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान संगठन (इसरो) के वैज्ञानिकों ने मंदिर में पूजा की.
ISRO Scientists At Tirumala Temple: नए साल का पहला दिन, यानि 1 जनवरी, 2024 की तारीख इसरो के लिए बेहद खास होने जा रही है. इसरो साल के पहले दिन दुनिया का दूसरा और देश का पहला ऐसा सैटेलाइट लॉन्च करने जा रहा है. जो पल्सर, ब्लैक होल्स, आकाशगंगा, रेडिएशन आदि की स्टडी करेगा. इसका नाम एक्स-रे पोलारिमीटर सैटेलाइट (XPoSat) है. PSLV-C58 को कल सुबह 9:10 बजे श्रीहरिकोटा के सतीश धवन अंतरिक्ष केंद्र से लॉन्च किया जाएगा. India's Missions in 2024: अतरिक्ष की उंचाइयों से समुद्र की गहराइयों तक, 2024 में भारत करेगा वैज्ञानिक चमत्कार!
लॉन्चिंग से पहले तिरुमाला मंदिर में भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान संगठन (इसरो) के वैज्ञानिक अमित कुमार पात्रा, विक्टर जोसेफ, यशोदा और श्रीनिवास ने पूजा अर्चना की और भगवान को नैवेद्य अर्पित किया. उन्होंने मंदिर के पुजारियों से भी आशीर्वाद लिया. मंदिर प्रशासन ने भी वैज्ञानिकों का हार्दिक स्वागत किया और उन्हें मंदिर के इतिहास और परंपराओं के बारे में जानकारी दी. India's 2047 Space Mission: अंतरिक्ष में भारत की विशाल छलांग! चांद पर इंसान, भारतीय स्पेस स्टेशन, 2047 इन मिशन को पूरा करेगा इसरो
#WATCH | ISRO scientists Amit Kumar Patra, Victor Joseph, Yashoda, and Srinivas visit Tirumala Sri Venkateswara temple ahead of the launch of PSLV-C58/EXPOSAT mission, which is scheduled at 09:10 hrs IST on Monday, 1st January 2024. The launch is planned from Satish Dhawan Space… pic.twitter.com/Q6hOEMn4Cf
— ANI (@ANI) December 31, 2023
ध्रुवीय उपग्रह लॉन्च वाहन C58/EXPOSAT मिशन भारत के लिए एक महत्वपूर्ण उपलब्धि साबित हो सकता है. यह सैटेलाइट अंतरिक्ष में होने वाले रेडिएशन की स्टडी करेगा. उनके स्रोतों की तस्वीरें लेगा. यह ब्रह्मांड के 50 सबसे ज्यादा चमकने वाले स्रोतों की स्टडी करेगा. सैटेलाइट को 650 km की ऊंचाई पर तैनात किया जाएगा. इस सैटेलाइट में दो पेलोड्स हैं. पहला - पोलिक्स (POLIX) और दूसरा एक्सपेक्ट (XSPECT).
इसरो प्रमुख एस. सोमनाथ ने कहा कि इसरो वैज्ञानिक दिन-रात मेहनत कर रहे हैं, ताकि यह मिशन सफल हो और भारत को अंतरिक्ष विज्ञान के क्षेत्र में नई ऊंचाइयों पर पहुंचाए. यह मिशन भारत के अंतरिक्ष कार्यक्रम में एक महत्वपूर्ण मील का पत्थर साबित होगा. 126 किलोग्राम का यह यंत्र अंतरिक्ष में स्रोतों के चुंबकीय फील्ड, रेडिएशन, इलेक्ट्रॉन्स आदि की स्टडी करेगा.
(The above story first appeared on LatestLY on Dec 31, 2023 01:40 PM IST. For more news and updates on politics, world, sports, entertainment and lifestyle, log on to our website latestly.com).

