Online Betting Case: ऑनलाइन सट्टेबाजी मामले में विधायक केसी वीरेंद्र गिरफ्तार, 12 करोड़ की नकदी और 6 करोड़ के गहने-गाड़ी जब्त

Online Betting Case: प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने अवैध ऑनलाइन और ऑफलाइन सट्टेबाजी के मामले में बड़ी कार्रवाई करते हुए चित्रदुर्ग के विधायक केसी वीरेंद्र को गिरफ्तार कर लिया है. पिछले 24 घंटे में ईडी ने देशभर में लगभग 31 ठिकानों पर छापे मारे. इस दौरान, करीब 12 करोड़ रुपए की नकदी, 6 करोड़ रुपए के गहने और गाड़ियां जब्त की गईं.

ईडी ने शुक्रवार को ऑनलाइन और ऑफलाइन जुआ के मामले में चित्रदुर्ग के विधायक केसी वीरेंद्र और अन्य के खिलाफ छापेमार कार्रवाई शुरू की थी. प्रवर्तन निदेशालय (ईडी), बेंगलुरु जोनल कार्यालय ने प्रेस विज्ञप्ति में बताया कि 22 अगस्त और 23 अगस्त को गंगटोक, चित्रदुर्ग जिला, बेंगलुरु शहर, हुबली, जोधपुर, मुंबई और गोवा समेत देशभर में 31 स्थानों पर एक तलाशी अभियान चलाया गया. यह भी पढ़ें : Voter Adhikar Yatra: ‘वोटर अधिकार यात्रा’ में सिर्फ ‘इच्छाधारी’ नेता, राहुल गांधी और तेजस्वी यादव केवल झूठ पर आधारित बात कर रहे हैं; शाहनवाज हुसैन

जांच में सामने आया है कि आरोपी किंग-567 और राजा567 जैसी कई ऑनलाइन जुआ वेबसाइट चला रहे थे. इसके अलावा, आरोपी का भाई केसी थिप्पेस्वामी दुबई से 3 व्यावसायिक संस्थाओं का संचालन कर रहा है, जिनका नाम डायमंड सॉफ्टेक, टीआरएस टेक्नोलॉजीज और प्राइम9 टेक्नोलॉजीज है, जो केसी वीरेंद्र की कॉल सेंटर सेवाओं और गेमिंग व्यवसाय से संबंधित हैं.

प्रेस विज्ञप्ति के अनुसार, ईडी ने पीएमएलए-2002 के तहत छापेमारी के दौरान लगभग 12 करोड़ रुपए की नकदी बरामद की, जिसमें लगभग 1 करोड़ की विदेशी मुद्रा शामिल है. ईडी ने लगभग 6 करोड़ रुपए के सोने के आभूषण, लगभग 10 किलो चांदी के सामान और चार वाहन भी जब्त किए. इसके अलावा, 17 बैंक खाते और 2 बैंक लॉकर फ्रीज कर दिए गए. ईडी को केसी वीरेंद्र के भाई केसी नागराज और उनके बेटे पृथ्वी एन राज के परिसर से कई संपत्ति से संबंधित दस्तावेज भी मिले, जिन्हें कब्जे में ले लिया.

जांच में पता चला है कि विधायक केसी वीरेंद्र के सहयोगी दुबई से ऑनलाइन गेमिंग वेबसाइट चलाते हैं. यह भी सामने आया है कि विधायक केसी वीरेंद्र अपने सहयोगियों के साथ गंगटोक के लिए एक व्यापारिक यात्रा पर भी गए थे, जहां वे एक कैसीनो लीज पर लेने की योजना बना रहे थे. ईडी ने कहा, "छापेमारी के दौरान जब्त सामग्री से यह संकेत मिलता है कि नकद और अन्य फंड्स की जटिल व्यवस्था की गई थी." शनिवार को ईडी ने गंगटोक से ही विधायक केसी वीरेंद्र को गिरफ्तार किया. फिलहाल, मामले में आगे की जांच जारी है.