Ladki Bahin Yojana: सोलापुर में लाड़की बहिन योजना को लेकर चौंकाने वाला खुलासा, लाभ के लिए महिलाओं ने बदली जन्मतिथि और इस्तेमाल किए अलग-अलग आधार कार्ड
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Ladki Bahin Yojana:   लाड़की बहिन योजना को लेकर सोलापुर जिले में चौंकाने वाला खुलासा हुआ है। जांच में सामने आया है कि कुछ महिलाओं ने इस योजना का लाभ हासिल करने के लिए गलत तरीकों का सहारा लिया. कई महिलाओं ने एक ही समय में दो-दो अलग-अलग आधार कार्ड अपलोड किए, जबकि कुछ ने अपनी जन्मतिथि में बदलाव कर लिया. इस मामले के सामने आने के बाद संबंधित विभाग ने ऐसे लाभार्थियों के लाभ पर तत्काल रोक लगा दी है.

सोलापुर में 11 लाख 9 हजार आवेदन प्राप्त

राज्य स्तर पर योजना के सभी मानदंडों की कड़ाई से जांच चल रही है। इस दौरान कागजातों में हेराफेरी कर लाभ लेने वाली महिलाओं की पहचान की जा रही है, और उनके लाभ को बंद किया जा रहा है। अधिकारियों ने स्पष्ट किया है कि जांच पूरी होने के बाद ही अगली किश्त का वितरण होगा। सोलापुर जिले से प्राप्त जानकारी के अनुसार, योजना के लिए 11 लाख 9 हजार आवेदन प्राप्त हुए हैं, जबकि पूरे राज्य में लाभार्थियों की संख्या ढाई करोड़ है. यह भी पढ़े: Ladki Bahin Yojana 10th Installment Date: महाराष्ट्र में लाड़ली बहना योजना की अप्रैल महीने की किस्त इस तारीख को होगी जारी, पैसे आने पर ऐसे करें बैलेंस चेक

योजना की पात्रता

योजना के तहत केवल उन महिलाओं को लाभ मिलना है, जिनकी वार्षिक आय ढाई लाख रुपये से कम है और जिनके नाम पर कोई चारपहिया वाहन नहीं है। बावजूद इसके, कई महिलाओं ने इन मानदंडों को नजरअंदाज कर आवेदन दाखिल किए और लाभ भी हासिल किया.

अधिकारी की प्रतिक्रिया

सोलापुर जिला महिला एवं बाल कल्याण अधिकारी रमेश काटकर ने बताया कि लाभ न मिलने की 775 शिकायतें प्राप्त हुई हैं। इनमें से कई आवेदकों ने गलत या अधूरे दस्तावेज जमा किए हैं।

11 लाख महिलाएं लाभार्थी सूची से हटाई गईं

इससे पहले, महाराष्ट्र सरकार ने जांच के बाद 11 लाख महिलाओं को लाभार्थी सूची से हटा दिया था, क्योंकि वे पात्रता मानदंडों को पूरा नहीं करती थीं. जांच में उनके आवेदनों में कमियां पाई गईं।

8 लाख महिलाओं के लाभ में कटौती

प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि और नमो शेतकरी महासम्मान निधि योजना की लाभार्थी 8 लाख महिला किसानों के लाड़की बहिन योजना के लाभ में 1,000 रुपये की कटौती की गई है. अब उन्हें 1,500 रुपये के बजाय 500 रुपये प्रतिमाह मिलेंगे। सरकार का अनुमान है कि इससे हर महीने 80 करोड़ रुपये की बचत होगी.