Ladki Bahin Yojana Update: महाराष्ट्र सरकार ने 'मुख्यमंत्री माझी लाडकी बहीण योजना' के क्रियान्वयन को और अधिक पारदर्शी बनाने के लिए एक बड़ा अभियान शुरू किया है. राज्य की लगभग 24 लाख महिलाओं के भुगतान तकनीकी कारणों और डेटा मिसमैच की वजह से रुक गए हैं. इसे सुधारने के लिए सरकार ने डिजिटल ई-केवाईसी के साथ-साथ अब घर-घर जाकर भौतिक सत्यापन (Physical Verification) करने का निर्णय लिया है. फरवरी 2026 तक, सभी पात्र लाभार्थियों को अपनी पात्रता सुनिश्चित करने के लिए इन प्रक्रियाओं को पूरा करना होगा.
ई-केवाईसी (eKYC) ऑनलाइन कैसे पूरा करें?
जिन महिलाओं का ई-केवाईसी अभी तक लंबित है, वे आधिकारिक पोर्टल के माध्यम से इसे घर बैठे पूरा कर सकती हैं. यह प्रक्रिया आधार कार्ड को मोबाइल नंबर और बैंक खाते से जोड़ने के लिए आवश्यक है. यह भी पढ़े : Ladki Bahin Yojana: महाराष्ट्र में लाड़की बहनों को बड़ा झटका, गलत e-KYC के चलते 24 लाख महिलाओं की किस्त रुकी1 अब घर-घर होगा ‘फिजिकल वेरिफिकेशन’
ऑनलाइन वेरिफिकेशन के स्टेप्स:
आधिकारिक वेबसाइट पर जाएं: सबसे पहले ladakibahin.maharashtra.gov.in पर लॉग-इन करें.
e-KYC विकल्प चुनें: होमपेज पर 'e-KYC' या 'Applicant Login' के विकल्प पर क्लिक करें.
आधार प्रमाणीकरण: अपना 12 अंकों का आधार नंबर दर्ज करें और कैप्चा कोड भरें.
OTP दर्ज करें: आधार से लिंक मोबाइल नंबर पर 6 अंकों का ओटीपी आएगा, उसे दर्ज कर वेरीफाई करें.
सबमिट करें: विवरणों की जांच करने के बाद अंतिम घोषणा (Declaration) को सबमिट करें.
आंगनवाड़ी कार्यकर्ता करेंगी घर-घर जाकर सत्यापन
महिला एवं बाल विकास मंत्री अदिति तटकरे ने घोषणा की है कि जिन आवेदनों को "अस्वीकार" (Rejected) या "लंबित" (Pending) रखा गया है, उनके लिए फिजिकल वेरिफिकेशन ड्राइव चलाई जा रही है.
गलत विकल्प का सुधार: ई-केवाईसी फॉर्म में 'क्या आपके परिवार में कोई सरकारी नौकरी में है?' जैसे सवालों के गलत उत्तर (हाँ चुन लेने) के कारण लाखों महिलाएं अपात्र हो गई थीं.
डोर-टू-डोर विजिट: राज्य भर की लगभग एक लाख आंगनवाड़ी कार्यकर्ता घर-घर जाकर इन त्रुटियों को सुधारेंगी और लाभार्थियों की वास्तविक सामाजिक-आर्थिक स्थिति का विवरण मैन्युअल रूप से अपडेट करेंगी.
रुकी हुई किस्तों और तकनीकी दिक्कतों का समाधान
पुणे और जलगांव सहित कई जिलों में जनवरी और फरवरी 2026 की किस्तें देरी से मिल रही हैं. सरकार ने स्पष्ट किया है कि वेरिफिकेशन पूरा होते ही पिछली रुकी हुई राशि भी लाभार्थियों के खाते में जमा कर दी जाएगी.
जरूरी दस्तावेज: वेरिफिकेशन के समय अपना आधार कार्ड, बैंक पासबुक (आधार लिंक), राशन कार्ड और आय प्रमाण पत्र तैयार रखें.
हेल्पलाइन नंबर और सहायता
जो महिलाएं ऑनलाइन पोर्टल का उपयोग करने में असमर्थ हैं या जिनसे अभी तक किसी अधिकारी ने संपर्क नहीं किया है, वे सरकार द्वारा जारी हेल्पलाइन नंबर 181 पर कॉल कर सकती हैं. यह टोल-फ्री नंबर महिलाओं की शिकायतों के निवारण और योजना से जुड़ी जानकारी देने के लिए समर्पित है.
2024 में शुरू है यह योजना
2024 में शुरू हुई इस योजना का लक्ष्य 21 से 65 वर्ष की उन महिलाओं को ₹1,500 मासिक आर्थिक सहायता देना है, जिनकी पारिवारिक आय ₹2.5 लाख से कम है. 2026 में किए जा रहे ये सख्त चेक फर्जी खातों को हटाने और पात्र महिलाओं तक सीधे लाभ पहुंचाने के लिए किए जा रहे हैं.













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