'मेड इन इंडिया' की धूम! फैक्ट्रियों में बंपर उत्पादन, जून में दिखी शानदार ग्रोथ, निर्यात और नौकरियों ने तोड़े कई रिकॉर्ड
जून में भारत की मैन्युफैक्चरिंग गतिविधि 14 महीनों के उच्चतम स्तर पर पहुंच गई. यह उछाल मुख्य रूप से विदेशों में भारतीय सामानों की जबरदस्त मांग और निर्यात में तेजी के कारण आया. इसके परिणामस्वरूप, देश में उत्पादन बढ़ा और नौकरियों की भर्ती ने एक नया रिकॉर्ड बनाया.
India Manufacturing PMI: देश की अर्थव्यवस्था के लिए एक शानदार खबर आई है. भारत की फैक्ट्रियों में काम-काज और उत्पादन पिछले 14 महीनों में सबसे तेज गति से बढ़ा है. इसका सबसे बड़ा कारण है विदेशों में भारत में बने सामान (Made in India Products) की जबरदस्त मांग. इस तेजी की वजह से कंपनियों ने जमकर नई भर्तियां की हैं, जिससे रोजगार का एक नया रिकॉर्ड बन गया है.
एक सर्वे ने बताई पूरी कहानी
यह जानकारी एचएसबीसी (HSBC) नाम की एक कंपनी के सर्वे से सामने आई है, जिसे मैन्युफैक्चरिंग परचेजिंग मैनेजर्स इंडेक्स (PMI) भी कहते हैं. आसान भाषा में समझें तो यह सर्वे फैक्ट्रियों के स्वास्थ्य को मापता है.
- इस सर्वे में 50 से ऊपर का स्कोर अच्छा माना जाता है, जो दिखाता है कि सेक्टर में तरक्की हो रही है.
- जून के महीने में भारत का स्कोर 58.4 रहा, जो मई के 57.6 से भी ज्यादा है. यह दिखाता है कि हमारी फैक्ट्रियां तेजी से आगे बढ़ रही हैं.
इस तेजी की मुख्य वजहें क्या हैं?
- जबरदस्त एक्सपोर्ट (निर्यात): विदेशों से भारतीय सामान के लिए इतने ऑर्डर आ रहे हैं कि पिछले 20 सालों में यह तीसरी सबसे तेज बढ़ोतरी है. दुनियाभर से, खासकर अमेरिका से, मांग बहुत मजबूत है.
- रिकॉर्ड तोड़ नौकरियां: जब ऑर्डर ज्यादा आते हैं, तो उन्हें पूरा करने के लिए ज्यादा लोगों की जरूरत पड़ती है. इसी वजह से जून में कंपनियों ने जमकर नई भर्तियां की हैं. सर्वे के मुताबिक, रोजगार बढ़ने की यह रफ्तार अब तक की सबसे तेज है.
- बढ़ता उत्पादन: बढ़ती मांग को पूरा करने के लिए फैक्ट्रियों में उत्पादन भी तेज हो गया है, जो अप्रैल 2024 के बाद सबसे तेज है.
कीमतों का क्या हाल है?
इस रिपोर्ट में कीमतों को लेकर भी दिलचस्प बात सामने आई है.
- कंपनियों के लिए कच्चा माल (जैसे लोहा, स्टील) खरीदने का खर्च थोड़ा कम हुआ है, जो उनके लिए राहत की बात है.
- लेकिन, कंपनियों ने अपना तैयार सामान थोड़ा महंगा बेचा है. उन्होंने ट्रांसपोर्ट, मजदूरी और दूसरे बढ़े हुए खर्चों का बोझ ग्राहकों पर डाल दिया है.
कुल मिलाकर, यह रिपोर्ट दिखाती है कि भारत का मैन्युफैक्चरिंग सेक्टर मजबूत स्थिति में है और भविष्य को लेकर भी उम्मीदें अच्छी हैं. हालांकि, बढ़ते कॉम्पिटिशन और महंगाई जैसी कुछ चुनौतियां हैं, जिन पर नजर रखनी होगी.
(The above story first appeared on LatestLY on Jul 02, 2025 11:44 AM IST. For more news and updates on politics, world, sports, entertainment and lifestyle, log on to our website latestly.com).

