जन्मदिन विशेष : भारत की आयरन लेडी इंदिरा गांधी से कुछ ऐसी रोचक बातें जो हैरान कर देंगी
इंदिरा की हिम्मत और हौसलें का सबसे बड़ा उदाहरण ऑपरेशन ब्लूस्टार है. इस ऑपरेशन के जरिए आंतकियों का सफाया किया. इंदिरा गांधी के इस कदम के बाद कई सिख उनके दुश्मन हो गए थे
भारत की पहली महिला प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी का आज जन्मदिन है. इंदिरा गांधी अपने फैसलों के लिए हमेशा में जानी जाती हैं. इंदिरा गांधी को भारतीय राजनीति के इतिहास में एक बेहद मजबूत इरादों वाली राजनेता के रूप में जाना जाता है. पूरा विश्व जानता है कि कैसे उन्होंने पाकिस्तान को युद्ध में पराजित कर बांग्लादेश के निर्माण में अहम योगदान दिया था. इसके अलावा उन्होंने देश और दुनिया की सबसे ताकतवर नेताओं में शुमार कर दिया. इंदिरा के शासनकाल में हुई ये ऐतिहासिक राजनीतिक घटनाओं ने भारत में न केवल राजनीतिक बल्कि सामाजिक परिवर्तन भी किए. आइये जानते हैं इंदिरा गांधी के जीवन से जुड़ी कुछ रोचक बातें..
इंदिरा गांधी का पूरा नाम इंदिरा प्रियदर्शिनी गांधी था. उनका जन्म 19 नवंबर 1917 को उत्तर प्रदेश के इलाहाबाद में एक संपन्न परिवार में हुआ था. भारत के प्रथम प्रधानमंत्री जवाहर लाल नेहरु इंदिरा गांधी के पिता थे और मोतीलाल नेहरु उनके दादा थे.
इंदिरा गांधी जब 12 वर्ष की तब उन्होंने लड़के-लडकियों की एक सेना बनाई थी और उसका नाम ‘वानर सेना’ रखा था.
श्रीमती इंदिरा गांधी ने सोमरविल कॉलेज, ऑक्सफोर्ड से पढाई की थी. वर्ष 1941 में भारत वापस आने के बाद वे भारतीय स्वतन्त्रता आन्दोलन में शामिल हो गयीं थी.
वर्ष 1941 में भारत वापस आने के बाद वे भारतीय स्वतन्त्रता आन्दोलन में शामिल हो गयीं थीं. इंदिरा गांधी ‘भारत छोड़ो आंदोलन’ के तहत 1942 में जेल गई. इसी साल इंदिरा ने 26 मार्च, 1942 को फिरोज गांधी से शादी कर ली और उनका बाद दोनों का नाम इंदिरा गांधी हो गया.
श्रीमती गांधी 1958 में कांग्रेस संसदीय बोर्ड की सदस्या चुनी गई और फरवरी, 1959 को कांग्रेस की अध्यक्षा चुनी गई.
श्रीमती इंदिरा गांधी जी के दो पुत्र थे 1. राजीव गांधी 2. संजय गांधी
सबसे पहले श्रीमती इंदिरा गांधी को लालबहादुर शास्त्री के मंत्रिमंडल में वर्ष 1964-1966 तक सूचना और प्रसारण मंत्री बनाया गया था.
श्रीमती इंदिरा गांधी के समय में ही 26 जून 1975 को भारत में आपातकाल लगाया गया था.
1969 में प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी ने देश के 14 निजी बैंकों का राष्ट्रीयकरण कर दिया था. उस वक्त इन बैंकों के पास देश का 70 प्रतिशत जमापूंजी थी.
इंदिरा की हिम्मत और हौसलें का सबसे बड़ा उदाहरण ऑपरेशन ब्लूस्टार है. इस ऑपरेशन के जरिए आंतकियों का सफाया किया. इंदिरा गांधी के इस कदम के बाद कई सिख उनके दुश्मन हो गए. इंदिरा को कभी किसी बात से डर नहीं लगा और यही कारण था कि उन्होंने ऑपरेशन ब्लूस्टार के बाद भी अपने अंगरक्षकों की टोली में कई सिखों को रखा और जो बाद में उनकी मौत का कारण बने जब उनके दो सिख अंगरक्षक बेअंत सिंह और सतवंत सिंह ने उनकी गोली मार कर हत्या कर दी.
(The above story first appeared on LatestLY on Nov 19, 2018 09:04 AM IST. For more news and updates on politics, world, sports, entertainment and lifestyle, log on to our website latestly.com).

