बूंद-बूंद को तरसेगा पाकिस्तान, पाक नागरिकों को 48 घंटे में देश छोड़ने का अल्टीमेटम; पहलगाम हमले के बाद भारत के 5 बड़े फैसले
जम्मू-कश्मीर के पहलगाम में हुए भीषण आतंकी हमले में 26 निर्दोष लोगों की मौत के बाद भारत सरकार ने पाकिस्तान के खिलाफ अब तक का सबसे बड़ा और निर्णायक कदम उठाया है.
नई दिल्ली: जम्मू-कश्मीर के पहलगाम में हुए भीषण आतंकी हमले में 26 निर्दोष लोगों की मौत के बाद भारत सरकार ने पाकिस्तान के खिलाफ अब तक का सबसे बड़ा और निर्णायक कदम उठाया है. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अध्यक्षता में हुई कैबिनेट कमेटी ऑन सिक्योरिटी (CCS) की आपात बैठक के बाद भारत ने दशकों पुरानी सिंधु जल संधि को अनिश्चितकाल के लिए स्थगित करने की घोषणा कर दी है. विदेश सचिव विक्रम मिस्री ने इस फैसले की जानकारी देते हुए कहा कि इस हमले की जांच में "सीमा पार से जुड़ी साजिशों" के प्रमाण मिले हैं. सरकार ने पाकिस्तान को आतंकवाद के समर्थन की भारी कीमत चुकाने पर मजबूर कर दिया है.
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क्या है सिंधु जल संधि?
सिंधु जल संधि 19 सितंबर 1960 को भारत और पाकिस्तान के बीच विश्व बैंक की मध्यस्थता में हुई थी. इसके तहत भारत ने पाकिस्तान को सिंधु, झेलम और चिनाब नदियों का पानी इस्तेमाल करने की अनुमति दी थी, जबकि रावी, ब्यास और सतलुज भारत के हिस्से में आए थे. यह संधि अब तक भारत-पाक के तीन युद्धों (1965, 1971, 1999) के दौरान भी बनी रही, लेकिन पहलगाम हमले के बाद इसे तत्काल प्रभाव से रोक दिया गया है.
CCS बैठक में लिए गए कड़े फैसले
सिंधु जल संधि स्थगित: पाकिस्तान को मिलने वाले नदियों के पानी की आपूर्ति अब रोक दी गई है. इससे करोड़ों पाकिस्तानी नागरिक प्रभावित हो सकते हैं.
अटारी-वाघा बॉर्डर बंद: भारत ने अटारी-वाघा सीमा पर स्थित इंटीग्रेटेड चेक पोस्ट को बंद करने का फैसला किया है. जो लोग वैध कागज़ों के साथ पहले से भारत में हैं, उन्हें 1 मई 2025 तक लौटने की अनुमति दी गई है.
SAARC वीजा रद्द: पाकिस्तानी नागरिकों को SAARC वीजा छूट योजना के तहत भारत आने की अनुमति नहीं दी जाएगी. पहले से जारी सभी वीजा रद्द कर दिए गए हैं, और भारत में मौजूद नागरिकों को 48 घंटे के भीतर देश छोड़ने का आदेश दिया गया है.
राजनयिकों की वापसी: पाकिस्तान के रक्षा, नौसेना और वायु सलाहकारों को "पर्सोना नॉन ग्राटा" घोषित कर दिया गया है. उन्हें एक सप्ताह में भारत छोड़ना होगा. भारत भी अपने रक्षा अधिकारियों को इस्लामाबाद से वापस बुला रहा है.
उच्चायोग स्टाफ में कटौती: दोनों देशों के उच्चायोगों में स्टाफ की संख्या 55 से घटाकर 30 कर दी जाएगी, जो 1 मई तक लागू होगी.
पहलगाम आतंकी हमले को केवल एक सुरक्षा चुनौती नहीं, बल्कि भारत की संप्रभुता पर सीधा हमला माना जा रहा है. सरकार ने यह स्पष्ट कर दिया है कि अब केवल बयानों से नहीं, बल्कि ठोस कदमों से जवाब दिया जाएगा. सिंधु जल संधि को रोकना न केवल पाकिस्तान के लिए जल संकट खड़ा करेगा, बल्कि विश्व मंच पर भारत की दृढ़ता का संदेश भी देगा.
(The above story first appeared on LatestLY on Apr 23, 2025 09:51 PM IST. For more news and updates on politics, world, sports, entertainment and lifestyle, log on to our website latestly.com).

