US ने भारतीय डॉक्टर का B1/B2 वीजा किया रिजेक्ट, लड़की ने पूछा- 'क्या मुझे सच नहीं बोलना चाहिए था?'
भारतीय डॉक्टर का अमेरिकी B1/B2 वीज़ा एक मज़बूत ट्रैवल हिस्ट्री होने के बावजूद रिजेक्ट कर दिया गया (Photo : X)

मुंबई (Mumbai) की एक 26 साल की डॉक्टर उस वक्त हैरान रह गईं, जब उनका B1/B2 वीज़ा अमेरिका (USA) ने नामंज़ूर कर दिया. अपनी इस कहानी को उन्होंने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म रेडिट (Reddit) पर शेयर किया है, जिसके बाद लोग इस पर तरह-तरह की बातें कर रहे हैं. हैरानी की बात यह है कि इस डॉक्टर का एकेडमिक और ट्रैवल बैकग्राउंड काफी मज़बूत है.

शानदार ट्रैवल हिस्ट्री के बाद भी वीज़ा रिजेक्ट

यह डॉक्टर इसी साल अपना पोस्टग्रेजुएट रेज़िडेंसी प्रोग्राम शुरू कर चुकी हैं. उन्होंने बताया कि वीज़ा रिजेक्ट (Visa Rejection) होने से वह सदमे में हैं, क्योंकि वह पहले ही ऑस्ट्रिया, इटली, स्विट्ज़रलैंड जैसे शेंगेन देशों समेत लगभग दस देशों की यात्रा कर चुकी हैं. इसके अलावा वह वियतनाम, मोरक्को, सिंगापुर और दुबई भी घूम चुकी हैं. एक अच्छी ट्रैवल हिस्ट्री (Travel History) के बावजूद वीज़ा का नामंज़ूर होना उन्हें समझ नहीं आ रहा है.

वीज़ा इंटरव्यू में क्या-क्या पूछा गया?

डॉक्टर ने अपने वीज़ा इंटरव्यू (Visa interview) का अनुभव भी शेयर किया.

  • जब ऑफिसर ने उनसे अमेरिका आने का कारण पूछा, तो उन्होंने कहा कि वह घूमने (Tourism) के लिए आ रही हैं.
  • उन्होंने यह भी बताया कि उनका परिवार हर दो साल में विदेश यात्रा करता है, लेकिन वे पहले कभी अमेरिका नहीं गए.
  • ऑफिसर ने अमेरिका में किसी रिश्तेदार के होने के बारे में पूछा, तो डॉक्टर ने बताया कि उनकी बहन वहां एक यूनिवर्सिटी में पढ़ाई कर रही है.
  • जब उनसे उनके प्रोफेशन के बारे में पूछा गया, तो उन्होंने बताया कि वह एक डॉक्टर हैं और उनकी सालाना सैलरी ₹8 लाख है.

डॉक्टर ने यह भी बताया कि उनके माता-पिता दोनों के पास पहले से ही अमेरिका का वैलिड B1/B2 वीज़ा है और वह उन्हीं के साथ यात्रा करने की योजना बना रही थीं. लेकिन इन सब बातों के बावजूद, इंटरव्यू के आखिर में ऑफिसर ने कहा, "मैम, आप अभी वीज़ा के लिए योग्य नहीं हैं."

कहां हुई गलती? डॉक्टर ने लोगों से पूछा

डॉक्टर इस बात को लेकर उलझन में हैं कि उनसे गलती कहाँ हुई. उन्होंने बताया कि उन्होंने दो DS-160 फॉर्म (DS-160 Form) भरे थे. पहला फॉर्म तब भरा था जब वह परीक्षा की तैयारी कर रही थीं और दूसरा फॉर्म पीजी सीट मिलने के बाद भरा, जिसमें उन्होंने अपनी नौकरी और सैलरी की जानकारी अपडेट की थी.

उन्होंने कहा, "मैं एक पीजी स्टूडेंट हूँ, लेकिन मैंने खुद को स्टूडेंट की जगह डॉक्टर बताया." उन्होंने यह भी बताया कि उनके पास करीब ₹20 लाख की सेविंग्स और इन्वेस्टमेंट के कागज़ात थे, लेकिन उन्होंने अपनी सैलरी सिर्फ ₹8 लाख बताई.

अब वह रेडिट यूज़र्स से पूछ रही हैं, "क्या मुझे 8 लाख की जगह 20 लाख बताने चाहिए थे? क्या मुझे यह नहीं कहना चाहिए था कि मैं परिवार के साथ जा रही हूँ? प्लीज़ मुझे बताएं कि मैंने क्या गलत कहा."

(Disclaimer: यह कहानी रेडिट पर एक यूज़र के पोस्ट पर आधारित है. इसकी स्वतंत्र रूप से पुष्टि नहीं की गई है.)