अब देश के दुश्मनों की खैर नहीं, भारत को मिलेंगी 8 एंटी-सबमरीन, समंदर में बढ़ेगी ताकत
जीआरएसई के वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि इन आठ पोतों की कीमत 6311.32 करोड़ रुपये है. उसने बताया कि करार पर हस्ताक्षर के 42 महीनों के भीतर पहले पोत की डिलीवरी करनी होगी.
कोलकाता: रक्षा क्षेत्र से जुड़ी सार्वजनिक क्षेत्र की कंपनी गार्डन रीच शिपबिल्डर्स एंड इंजीनियर्स (जीआरएसई) लिमिटेड ने भारतीय नौसेना के लिए आठ पनडुब्बी-रोधी युद्धक जलपोत (एंटी-सबमरीन वारफेयर शैलो वाटर क्राफ्ट्स (एएसडब्ल्यूएसडब्ल्यूसी)) के विनिर्माण के लिए सोमवार को अनुबंध पर हस्ताक्षर किये. जीआरएसई के वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि इन आठ पोतों की कीमत 6311.32 करोड़ रुपये है. उसने बताया कि करार पर हस्ताक्षर के 42 महीनों के भीतर पहले पोत की डिलीवरी करनी होगी.
इसके बाद हर साल दो पोत की डिलीवरी करनी होगी. अधिकारी के मुताबिक करार पर हस्ताक्षर के 84 माह के भीतर परियोजना पूरी होगी. कोलकाता स्थित जीआरएसई वर्तमान में भी नौसेना से जुड़ी प्रमुख परियोजनाओं पर काम कर रही है.
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