देश

ब्रह्मोस सुपरसोनिक क्रूज मिसाइल का परीक्षण सफल, अब जमीन पर मौजूद दुश्मन होंगे नेस्तनाबूद

सतह से सतह तक मार करने में सक्षम मिसाइल का परीक्षण सफल रहा. परीक्षण सभी मापदंडों पर खरा रहा. ब्रह्मोस मिसाइल मध्यम दूरी तक मार करने वाली रामजेट सुपरसोनिक क्रूज मिसाइल है जिसे पनडुब्बी, युद्धपोतों, लड़ाकू विमान अथवा जमीन से लांच किया जा सकता है.

ब्रह्मोस सुपरसोनिक क्रूज मिसाइल का परीक्षण सफल, अब जमीन पर मौजूद दुश्मन होंगे नेस्तनाबूद
ब्रह्मोस मिसाइल (Photo Credits: IANS)

बालासोर: ओडिशा (Odisha) के चांदीपुर से ब्रह्मोस सुपरसोनिक क्रूज मिसाइल (Brahmos Supersonic Cruise Missile) का मंगलवार सुबह सफल परीक्षण किया गया. रक्षा सूत्रों ने यह जानकारी दी. सूत्रों ने बताया कि जमीन पर मार करने में सक्षम इस मिसाइल को मोबाइल ऑटोनॉमस लांचर से सुबह करीब साढ़े आठ बजे चांदीपुर में एकीकृत परीक्षण रेंज (आईटीआर) में लांच कॉम्प्लेक्स-3 से प्रक्षेपित किया गया.

रक्षा अनुसंधान एवं विकास संगठन (डीआरडीओ) के एक सूत्र ने कहा कि सतह से सतह तक मार करने में सक्षम मिसाइल का परीक्षण सफल रहा. परीक्षण सभी मापदंडों पर खरा रहा. ब्रह्मोस मिसाइल मध्यम दूरी तक मार करने वाली रामजेट सुपरसोनिक क्रूज मिसाइल है जिसे पनडुब्बी, युद्धपोतों, लड़ाकू विमान अथवा जमीन से लांच किया जा सकता है.

रक्षा सूत्रों ने बताया कि 450 किमी तक मार करने में सक्षम इस तरह की पहली आधुनिक मिसाइल का सफल परीक्षण 11 मार्च 2017 को हुआ था. उन्होंने बताया कि कम दूरी की, सतह पर मार करने वाली ब्रह्मोस मिसाइल का सफल परीक्षण 30 सितंबर 2019 को चांदीपुर में आईटीआर से किया गया था.

ब्रह्मोस का निर्माण डीआरडी और रूस के एनपीओएम ने संयुक्त रूप से किया है. भारतीय सेना, नौसेना और वायुसेना तीनों सेनाएं इस मिसाइल का इस्तेमाल कर रहे हैं. सूत्रों ने बताया कि ब्रह्मोस को दुनिया की सबसे तेज सुपरसोनिक क्रूज मिसाइल माना जाता है.

(The above story first appeared on LatestLY on Dec 17, 2019 07:47 PM IST. For more news and updates on politics, world, sports, entertainment and lifestyle, log on to our website latestly.com).