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Independence Day 2022: भारत की आजादी विश्व में लोकतंत्र के हर समर्थक के लिए उत्सव, 15 अगस्त की पूर्व संध्या पर राष्ट्रपति मुर्मू का संदेश

राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने रविवार को कहा कि भारत ने दुनिया को लोकतंत्र की वास्तविक क्षमता का पता लगाने में मदद की है. अपने 17 मिनट के संबोधन के दौरान उन्होंने कहा कि विश्व में चल रही आर्थिक कठिनाई के विपरीत, भारत की अर्थव्यवस्था को तेजी से आगे बढ़ाने का श्रेय सरकार तथा नीति-निर्माताओं को जाता है.

Independence Day 2022: भारत की आजादी विश्व में लोकतंत्र के हर समर्थक के लिए उत्सव, 15 अगस्त की पूर्व संध्या पर राष्ट्रपति मुर्मू का संदेश

नई दिल्ली, 14 अगस्त: राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने रविवार को कहा कि भारत ने दुनिया को लोकतंत्र की वास्तविक क्षमता का पता लगाने में मदद की है. उन्होंने कहा कि देश में आज संवेदनशीलता एवं करुणा के जीवन-मूल्यों को प्रमुखता दी जा रही है और इन जीवन-मूल्यों का मुख्य उद्देश्य वंचित, जरूरतमंद तथा समाज के हाशिये पर रहने वाले लोगों के कल्याण के वास्ते कार्य करना है. India-Pakistan Partition: भाजपा ने जारी किया VIDEO, विभाजन के लिए कांग्रेस, कम्युनिस्ट को ठहराया जिम्मेदार

मुर्मू ने 76वें स्वतंत्रता दिवस की पूर्व संध्या पर राष्ट्र के नाम अपने पहले संबोधन में कहा कि प्रमुख आर्थिक सुधारों के साथ अभिनव कल्याणकारी पहल की जा रही है और दुनिया ने ‘‘हाल के वर्षों में नए भारत को विकसित होते देखा है, विशेषकर कोविड-19 महामारी के प्रकोप के बाद.’’

राष्ट्रपति ने कहा कि जब भारत को स्वतंत्रता मिली, तो दुनिया के कई नेता और विशेषज्ञ थे, जिन्हें उस समय गरीबी और निरक्षरता के कारण भारत में सरकार के लोकतांत्रिक स्वरूप की सफलता के बारे में संशय था. उन्होंने कहा, ‘‘हम भारतीयों ने संदेह जताने वाले लोगों को गलत साबित किया. इस मिट्टी में न केवल लोकतंत्र की जड़ें बढ़ीं, बल्कि समृद्ध भी हुईं.’’ उन्होंने कहा, ‘‘हमारे पास जो कुछ भी है वह हमारी मातृभूमि का दिया हुआ है. इसलिए हमें अपने देश की सुरक्षा, प्रगति और समृद्धि के लिए अपना सब कुछ अर्पण कर देने का संकल्प लेना चाहिए.’’

अपने 17 मिनट के संबोधन के दौरान उन्होंने कहा कि विश्व में चल रही आर्थिक कठिनाई के विपरीत, भारत की अर्थव्यवस्था को तेजी से आगे बढ़ाने का श्रेय सरकार तथा नीति-निर्माताओं को जाता है. उन्होंने कहा कि देश का विकास अधिक समावेशी होता जा रहा है और क्षेत्रीय असमानताएं भी कम हो रही हैं.

उन्होंने कहा, ‘‘इस कोविड महामारी का सामना हमने जिस तरह किया है उसकी सर्वत्र सराहना की गई है. हमने देश में ही निर्मित टीके के साथ मानव इतिहास का सबसे बड़ा टीकाकरण अभियान शुरू किया. पिछले महीने हमने कोविड रोधी टीके की दो सौ करोड़ खुराक का आंकड़ा पार कर लिया है.’’

राष्ट्रपति ने कहा कि इस महामारी का सामना करने में भारत की उपलब्धियां विश्व के अनेक विकसित देशों से अधिक रही हैं. उन्होंने कहा, ‘‘इस प्रशंसनीय उपलब्धि के लिए हम अपने वैज्ञानिकों, चिकित्सकों, नर्सों, पैरामेडिक्स और टीकाकरण से जुड़े कर्मचारियों के आभारी हैं. इस आपदा में कोरोना योद्धाओं द्वारा किया गया योगदान विशेष रूप से प्रशंसनीय है.’’

मुर्मू ने कहा कि कोरोना महामारी ने पूरे विश्व में मानव-जीवन और अर्थव्यवस्थाओं पर कठोर प्रहार किया है. उन्होंने कहा, ‘‘जब दुनिया इस गंभीर संकट के आर्थिक परिणामों से जूझ रही थी, तब भारत ने स्वयं को संभाला और अब पुनः तीव्र गति से आगे बढ़ने लगा है. इस समय भारत दुनिया में सबसे तेजी से बढ़ रही प्रमुख अर्थ-व्यवस्थाओं में से एक है. भारत के ‘स्टार्ट-अप पारिस्थितिकी तंत्र का विश्व में ऊंचा स्थान है.’’

राष्ट्रपति ने कहा कि ‘‘हमारे अस्तित्व की सार्थकता एक महान भारत के निर्माण में ही दिखाई देगी.’’ कन्नड़ के माध्यम से भारतीय साहित्य को समृद्ध करने वाले महान राष्ट्रवादी कवि ‘कुवेम्पु’ ने कहा है: ‘‘मैं नहीं रहूंगा, न रहोगे तुम, परन्तु हमारी अस्थियों पर उदित होगी, उदित होगी नये भारत की महागाथा.‌’’

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(The above story first appeared on LatestLY on Aug 14, 2022 08:53 PM IST. For more news and updates on politics, world, sports, entertainment and lifestyle, log on to our website latestly.com).