अफगानिस्तान में फिर से शुरू होंगे भारत के विकास प्रोजेक्ट, व्यापार, शिक्षा और मदद पर बनी सहमति
भारत अफगान शरणार्थियों को मानवीय मदद देने और अफगानिस्तान में विकास परियोजनाएं फिर से शुरू करने की योजना बना रहा है. दोनों देशों के विदेश मंत्रियों के बीच पहली बार आधिकारिक बातचीत हुई, जिसमें व्यापार, वीजा और रिश्तों को मजबूत करने पर चर्चा हुई. भारत ने अफगान व्यापारियों के लिए 160 ट्रकों को अटारी बॉर्डर से प्रवेश की अनुमति देकर सहयोग का संकेत भी दिया.
नई दिल्ली: भारत एक बार फिर अपने पुराने दोस्त अफगानिस्तान की मदद के लिए आगे आया है. इस बार भारत अफगान शरणार्थियों को मानवीय सहायता देने की योजना बना रहा है, जिन्हें पाकिस्तान जबरन बाहर निकाल रहा है. पाकिस्तान ने 2023 में अफगान शरणार्थियों को देश से निकालने की मुहिम तेज कर दी थी. पाकिस्तान का दावा है कि सुरक्षा और आर्थिक समस्याओं की वजह से ये कदम उठाया गया, लेकिन इससे मानवीय संकट खड़ा हो गया है.
भारत की मदद का हाथ
भारत ना सिर्फ अफगान शरणार्थियों की मदद करेगा, बल्कि अफगानिस्तान में विकास कार्यों को भी दोबारा शुरू करने पर विचार कर रहा है. पहले भी भारत ने वहां पर बांध, क्रिकेट स्टेडियम और कई सामाजिक विकास से जुड़े प्रोजेक्ट बनाए थे. अब दोनों देश इन कार्यों को फिर से शुरू करने पर बात कर रहे हैं.
पहली बार हुई विदेश मंत्रियों की बातचीत
भारत के विदेश मंत्री डॉ. एस जयशंकर और अफगानिस्तान के कार्यवाहक विदेश मंत्री आमिर खान मुत्ताकी के बीच पहली बार आधिकारिक बातचीत हुई है. इस बातचीत के दौरान अफगान पक्ष ने पहलगाम आतंकी हमले की निंदा की और पाकिस्तान की उस झूठी खबर को खारिज किया जिसमें कहा गया था कि भारत की मिसाइलें अफगानिस्तान पहुंची हैं. भारत ने इस पर खुशी जताई कि अफगानिस्तान ने इस तरह की झूठी बातों को साफ-साफ नकारा.
अफगान व्यापारियों के लिए वीजा की उम्मीद
अफगानिस्तान चाहता है कि भारत उसके व्यापारियों को वीजा दे ताकि दोनों देशों के बीच व्यापार और मजबूत हो सके. बातचीत में इस बात पर जोर दिया गया कि दोनों देश आपसी रिश्तों, व्यापार और राजनयिक स्तर को और ऊंचा करें.
व्यापार में भी बढ़ोतरी की तैयारी
भारत और अफगानिस्तान करीब 1 अरब डॉलर का आपसी व्यापार करते हैं, जिसे और बढ़ाने पर विचार किया जा रहा है. खास बात यह रही कि भारत ने एक विशेष कदम उठाते हुए 160 अफगान ट्रकों को अटारी बॉर्डर से सूखे मेवे और अन्य सामान लाने की इजाजत दी, जबकि भारत-पाकिस्तान का यह बॉर्डर व्यापार के लिए फिलहाल बंद है.
पहले भी भारत ने दिखाई थी दरियादिली
भारत 2021 से अब तक अफगानिस्तान को 50,000 टन गेहूं, 350 टन दवाइयां, 40,000 लीटर कीटनाशक (मलेथियॉन) और 28 टन भूकंप राहत सामग्री भेज चुका है. साथ ही, अफगान छात्रों को पढ़ाई के लिए 2000 ऑनलाइन स्कॉलरशिप भी दी गई हैं, जिसे अफगानिस्तान ने खुले दिल से सराहा है.
भारत और अफगानिस्तान के रिश्ते फिर से मजबूत हो रहे हैं. जहां एक तरफ भारत मानवीय मदद देने को तैयार है, वहीं दूसरी ओर दोनों देश व्यापार और विकास में भी एक-दूसरे का साथ देना चाहते हैं. इस दोस्ती की मिसाल दुनिया के सामने एक बार फिर कायम होती दिख रही है.
(The above story first appeared on LatestLY on May 17, 2025 08:28 AM IST. For more news and updates on politics, world, sports, entertainment and lifestyle, log on to our website latestly.com).

