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महाराष्ट्र के इस जिले में दलित व्यक्ति के घोड़े पर बैठने पर दी जाती है सजा, युवक ने पुलिस से मांगी सुरक्षा

महोबा जिले के एक दलित युवक ने अपनी शादी से पहले की रस्म के लिए अपने घर से पास के मंदिर में घोड़े की सवारी करने के लिए पुलिस सुरक्षा मांगी है. उसकी शादी में महज एक पखवाड़े से भी ज्यादा समय बचा है और उसे सुरक्षा की चिंता सता रही है. ऐसे कई उदाहरण हैं जहां दलितों को ऊंची जाति के सदस्यों द्वारा दंडित किया गया है अगर वे अपनी शादी में घोड़े की सवारी करते हैं.

महाराष्ट्र के इस जिले में दलित व्यक्ति के घोड़े पर बैठने पर दी जाती है सजा, युवक ने पुलिस से मांगी सुरक्षा
प्रतीकात्मक तस्वीर (Photo Credits: Twitter)

महोबा, 2 जून: महोबा जिले के एक दलित युवक ने अपनी शादी से पहले की रस्म के लिए अपने घर से पास के मंदिर में घोड़े की सवारी करने के लिए पुलिस सुरक्षा मांगी है. उसकी शादी में महज एक पखवाड़े से भी ज्यादा समय बचा है और उसे सुरक्षा की चिंता सता रही है. ऐसे कई उदाहरण हैं जहां दलितों को ऊंची जाति के सदस्यों द्वारा दंडित किया गया है अगर वे अपनी शादी में घोड़े की सवारी करते हैं. यह भी पढ़ें: राजस्थान के भीलवाड़ा में दलित दूल्हे की घोड़ी से उतारा, बारातियों की पिटाई- पुलिस ने दर्ज किया मामला

अलखराम अहिरवार ने महोबा में महोबकांत पुलिस को एक आवेदन दिया है, जिसमें उनसे 18 जून की शादी से पहले मंदिर में होने वाली रस्म के लिए सुरक्षा मुहैया कराने को कहा गया है. स्टेशन हाउस ऑफिसर (एसएचओ) महोबकांत, सुनील तिवारी ने संवाददाताओं को बताया कि दूल्हे ने लिखित में दिया था कि वह पुलिस सुरक्षा चाहता है क्योंकि वह विवाह पूर्व समारोह में घोड़े की सवारी करना चाहता है.

एसएचओ ने कहा '' हमने अनुमति दी है ताकि अलखराम अपनी इच्छा पूरी कर सके. स्थिति सामान्य है और किसी भी तरह की गड़बड़ी की कोई संभावना नहीं है. हम आवेदक को सुरक्षा भी प्रदान करेंगे और उम्मीद करते हैं कि शादी से पहले की रस्में शांतिपूर्ण ढंग से संपन्न होंगी.'' यह भी पढ़ें: मध्य प्रदेश में दलित दूल्हे की घोड़ी को रोका और उसे से गिरा दिया, पुलिस ने दर्ज किया FIR

पंचायत ने युवक को उसकी शादी के दिन घोड़े की सवारी करने के लिए भी अपनी सहमति दे दी है. काशीपुर ग्राम पंचायत के ग्राम प्रधान महिपत श्रीवास ने कहा कि पंचायत की ओर से कोई आपत्ति नहीं है क्योंकि सभी को घोड़े की सवारी करने का अधिकार है, चाहे वह किसी भी जाति और धर्म का हो. इससे पहले, अलखराम ने अपनी शादी के दिन घोड़े की सवारी करने के अपने सपने को पूरा करने में मदद करने के लिए सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर विभिन्न सामाजिक संगठनों से समर्थन मांगा था.

(The above story first appeared on LatestLY on Jun 02, 2021 12:27 PM IST. For more news and updates on politics, world, sports, entertainment and lifestyle, log on to our website latestly.com).