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पिछले 11 वर्षों में 10 हजार अटल टिंकरिंग लैब्स स्कूलों में इनोवेशन को दे रहे हैं बढ़ावा: निर्मला सीतारमण

वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने शुक्रवार को कहा कि पिछले 11 वर्षों में देश में दस हजार अटल टिंकरिंग लैब्स स्थापित किए गए हैं. सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म 'एक्स' पर एक पोस्ट में वित्त मंत्री सीतारमण ने कहा कि नीति आयोग के अटल इनोवेशन मिशन (एआईएम) के तहत अटल टिंकरिंग लैब्स स्कूली बच्चों में इनोवेशन को बढ़ावा दे रहे हैं.

पिछले 11 वर्षों में 10 हजार अटल टिंकरिंग लैब्स स्कूलों में इनोवेशन को दे रहे हैं बढ़ावा: निर्मला सीतारमण

नई दिल्ली, 6 जून : वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने शुक्रवार को कहा कि पिछले 11 वर्षों में देश में दस हजार अटल टिंकरिंग लैब्स स्थापित किए गए हैं. सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म 'एक्स' पर एक पोस्ट में वित्त मंत्री सीतारमण ने कहा कि नीति आयोग के अटल इनोवेशन मिशन (एआईएम) के तहत अटल टिंकरिंग लैब्स स्कूली बच्चों में इनोवेशन को बढ़ावा दे रहे हैं.

वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण के कार्यालय ने एक्स पर कहा, "2016 से देश में 10,000 अटल टिंकरिंग लैब्स स्थापित किए गए हैं. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के सुधार एक 'मेकर माइंडसेट' को बढ़ावा दे रहे हैं, जहां स्कूलों में इनोवेशन को बढ़ावा मिलता है." अटल टिंकरिंग लैब्स ने 12 लाख से अधिक इनोवेशन प्रोजेक्ट में योगदान दिया है. लैब्स ने 1.1 करोड़ से अधिक छात्रों को इनोवेशन और क्रिएटिव प्रॉब्लम-सॉल्विंग में सक्रिय रूप से शामिल किया है. यह भी पढ़ें : UP: नाबालिग लड़की को भगा ले गया लेखपाल! पीड़ित पिता ने SP से लगाई इंसाफ की गुहार; मामले की जांच में जुटी पुलिस (Watch Video)

योजना मंत्रालय के आंकड़ों के अनुसार, महाराष्ट्र में सबसे अधिक 1,033 अटल लैब्स हैं, उसके बाद तमिलनाडु में 975 और उत्तर प्रदेश में 955 लैब्स हैं. केंद्रीय बजट 2025 में वित्त मंत्री ने अगले पांच वर्षों में सरकारी स्कूलों में 50,000 अटल टिंकरिंग लैब स्थापित करने की योजना की घोषणा की. यह पहल युवाओं में जिज्ञासा और इनोवेशन की भावना को विकसित करने और वैज्ञानिक सोच को बढ़ावा देने के लिए शुरू की गई है. इसके अलावा, देश को ग्लोबल साइंस प्लेयर बनने में सक्षम बनाने के लिए, सरकार ने पांच वर्षों में 50,000 करोड़ रुपए के निवेश के साथ अनुसंधान नेशनल रिसर्च फाउंडेशन (एएनआरएफ) की स्थापना की.

इस पहल का उद्देश्य भारतीय विश्वविद्यालयों, संस्थानों और प्रयोगशालाओं में एक मजबूत रिसर्च इकोसिस्टम का निर्माण करना है, जिससे भारत साइंस और इनोवेशन का ग्लोबल हब बन सके. देश ने वन नेशन वन सब्सक्रिप्शन पहल के माध्यम से ग्लोबल रिसर्च के द्वार भी खोले. इस पहल से देश भर में 1.8 करोड़ से अधिक छात्रों, रिसर्चर्स और फैकल्टी मेंबर्स को लाभ मिला है. केंद्र सरकार ने कहा, "यह ज्ञान के लोकतंत्रीकरण और हर कक्षा और प्रयोगशाला में इनोवेशन को बढ़ावा देने की दिशा में एक बड़ा और महत्वपूर्ण कदम है."

(The above story first appeared on LatestLY on Jun 06, 2025 03:41 PM IST. For more news and updates on politics, world, sports, entertainment and lifestyle, log on to our website latestly.com).