Bengaluru Shocker: चोरी से बनाता था लड़कियों के अश्लील वीडियो, फिर इंस्टाग्राम पर करता था अपलोड; 19 वर्षीय युवक गिरफ्तार
(Photo Credits Twitter)

Bengaluru Instagram Video Case: बेंगलुरु में 'नाइट लाइफ' के नाम पर चुपके से लड़कियों के वीडियो बनाने और उन्हें इंस्टाग्राम पर अपलोड करने के आरोप में एक 19 वर्षीय युवक को गिरफ्तार किया गया है. आरोपी की पहचान दिलावर हुसैन एमडी के रूप में हुई है, जो कोथनूर के बयरथी इलाके में रहता है और मणिपुर का मूल निवासी है. पुलिस के मुताबिक, दिलावर एक फूड डिलीवरी कंपनी में डिलीवरी एजेंट के तौर पर काम करता है. दिलावर ने 'दिलबर जानी-67' नाम से इंस्टाग्राम अकाउंट बना रखा था, जिसमें वह बेंगलुरु की सड़कों पर घूमती लड़कियों के वीडियो चोरी-छिपे रिकॉर्ड करके अपलोड करता था.

ये वीडियो खासकर एमजी रोड, ब्रिगेड रोड, चर्च स्ट्रीट, कोरमंगला और इंदिरानगर जैसे पब्लिक प्लेसेज पर बनाए गए थे.

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14 से ज्यादा वीडियो किए अपलोड

अशोक नगर पुलिस ने सोशल मीडिया पर निगरानी के दौरान इस अकाउंट की गतिविधियों पर नजर डाली और पाया कि इसमें कई महिलाओं के पीछे से बनाए गए वीडियो हैं, जो सीधे तौर पर अश्लीलता और निजता के उल्लंघन की श्रेणी में आते हैं. इसके बाद पुलिस ने स्वत: संज्ञान लेते हुए मामला दर्ज किया और आरोपी को पकड़ लिया.

पूछताछ में दिलावर ने पिछले तीन महीनों में ऐसे 14 से ज्यादा वीडियो अपलोड करने की बात कबूल की है. उसका मकसद इंस्टाग्राम पर ज्यादा फॉलोअर्स और व्यूज पाना था, जिसके लिए वह महिलाओं की निजता से खिलवाड़ कर रहा था.

IT एक्ट की धारा 67 के तहत केस दर्ज

आरोपी के खिलाफ आईटी एक्ट की धारा 67 के तहत केस दर्ज किया गया है, जो कि इलेक्ट्रॉनिक माध्यम से अश्लील कंटेंट फैलाने से जुड़ी है. फिलहाल पुलिस ने इंस्टाग्राम को उस अकाउंट को हटाने के लिए औपचारिक अनुरोध भेजा है.

आरोपी को अभी कोर्ट में पेश नहीं किया गया है, लेकिन उससे और पूछताछ जारी है.

पहले भी आ चुका है ऐसा गंभीर मामला

गौरतलब है कि कुछ दिन पहले भी ऐसा ही मामला सामने आया था, जब 10 जुलाई को गुरुदीप सिंह नाम के युवक को पुलिस ने गिरफ्तार किया था. उसने भी महिलाओं के वीडियो उनकी जानकारी के बिना रिकॉर्ड करके सोशल मीडिया पर अपलोड किए थे.

इस तरह के मामलों से साफ है कि सोशल मीडिया पर फॉलोअर्स के चक्कर में निजता और मर्यादा को ताक पर रखा जा रहा है. यह न सिर्फ महिलाओं के लिए असहज करने वाला है, बल्कि साइबर अपराध की श्रेणी में भी आता है.