Agra: पुलिस ने की बर्बरता की हदें पार! थाने में युवक को दी थर्ड डिग्री, चमड़े के बेल्ट से जमकर पीटा, घटना का वीडियो आया सामने; VIDEO
पुलिस की ओर से कई बार सड़क पर और सार्वजनिक जगहों पर लोगो के साथ मारपीट की घटनाएं सामने आती है. अब ऐसा ही एक वीडियो सोशल मीडिया पर सामने आया है. जिसमें थाने के अंदर ही एक पुलिस कर्मी बेल्ट से युवक की जमकर पिटाई कर रहा है.
आगरा, उत्तर प्रदेश: पुलिस की ओर से कई बार सड़क पर और सार्वजनिक जगहों पर लोगो के साथ मारपीट की घटनाएं सामने आती है. अब ऐसा ही एक वीडियो सोशल मीडिया पर सामने आया है. जिसमें थाने के अंदर ही एक पुलिस कर्मी बेल्ट से युवक की जमकर पिटाई कर रहा है. इस वीडियो में देख सकते है की पुलिस कर्मी के हाथ में एक बेल्ट है और उससे वह युवक की जमकर पिटाई कर रहा है. इस पुलिस कांस्टेबल का नाम उपेंद्र यादव बताया जा रहा है. इस घटना के बाद अब आगरा पुलिस की कार्यशैली पर भी गंभीर सवाल उठ रहे है. इस दौरान युवक हाथ जोड़कर पुलिस कर्मी से मिन्नतें कर रहा है, लेकिन इन मिन्नतों का पुलिस कर्मी पर कोई असर नहीं होता.
इस वीडियो को सोशल मीडिया X पर @nedricknews नाम के हैंडल से शेयर किया गया है. ये भी पढ़े:VIDEO: रोजा रखनेवाले ई रिक्शा चालक के साथ पुलिस ने की मारपीट, शख्स हुआ बेहोश, लखनऊ के निशांतगंज का वीडियो आया सामने
पुलिस कर्मी ने की युवक की बेरहमी से पिटाई
थाने के कमरे में दी थर्ड डिग्री
इस वीडियो में देखा जा सकता है कि एक युवक, जो शायद हिरासत में है, उसे एक पुलिसकर्मी बार-बार बेल्ट से बेरहमी से पीट रहा है.युवक दया की गुहार करता है, हाथ जोड़कर छोड़ देने की मिन्नतें करता है, लेकिन मारपीट करने वाला कांस्टेबल बिल्कुल नहीं रुकता. यह दृश्य किसी आम पूछताछ का हिस्सा नहीं, बल्कि थर्ड डिग्री टॉर्चर की झलक है.
आरोपी कांस्टेबल की पहचान
वीडियो की जांच के बाद जिस पुलिसकर्मी की पहचान हुई है, उसका नाम उपेंद्र यादव बताया गया है. वह वर्तमान में एत्माद्दौला थाने में तैनात है, और वीडियो उस वक्त का है जब वह ट्रांस यमुना थाने में कार्यरत था. इस बात से भी सवाल उठते हैं कि क्या उस समय थाना प्रभारी घटनास्थल पर मौजूद थे या नहीं? और यदि थे, तो उन्होंने इसे रोका क्यों नहीं?
युवक की नहीं हुई पहचान
इस पूरे मामले में यह भी स्पष्ट नहीं हो सका है कि युवक को किस अपराध के तहत थाने लाया गया था. यदि वह दोषी था तो कानूनी कार्रवाई क्यों नहीं की गई? और अगर वह निर्दोष था तो उसे इस प्रकार पीटने का औचित्य क्या था? इस प्रकार की मारपीट, कानून की बजाय मनमानी का संकेत देती है.
आगरा पुलिस की सफाई
वीडियो के वायरल होते ही पुलिस की ओर से यह कहा गया कि अभी तक इसकी पुष्टि नहीं की गई है कि वीडियो हालिया है या नहीं. साथ ही विभाग ने गंभीरता से जांच करने और दोषी पाए जाने पर कार्रवाई का भरोसा दिलाया है. लेकिन इससे पहले भी कई बार ऐसे मामलों में कार्रवाई अधूरी ही रह जाती है.अब यह देखना दिलचस्प होगा कि क्या इस बार विभागीय कार्रवाई करके दोषी पुलिसकर्मी को सजा दी जाएगी या फिर यह मामला भी पुराने मामलों की तरह दबाकर भुला दिया जाएगा. जनता की नजरें पुलिस प्रशासन पर टिकी हैं.