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DA Calculation: महंगाई भत्ता क्या है? डीए कैसे किया जाता है कैलकुलेट? जानें इसके फायदे

DA Calculation : महंगाई भत्ता (DA) सरकारी कर्मचारियों और पेंशनभोगियों के लिए एक महत्वपूर्ण वित्तीय सहारा है. इसे अखिल भारतीय उपभोक्ता मूल्य सूचकांक (CPI) के आधार पर तय किया जाता है.

DA Calculation: महंगाई भत्ता क्या है? डीए कैसे किया जाता है कैलकुलेट? जानें इसके फायदे
Representational Image | PTI

Calculation of Dearness Allowance (DA) : महंगाई भत्ता (Dearness Allowance) यानी डीए (DA) वह रकम होती है, जो सरकारी कर्मचारियों और पेंशनभोगियों को उनके वेतन या पेंशन में महंगाई के प्रभाव को कम करने के लिए दी जाती है. यह भत्ता खासतौर पर तब बढ़ाया जाता है जब महंगाई दर बढ़ती है, ताकि कर्मचारियों की क्रय शक्ति बरकरार रहे और उनका जीवनयापन आसान हो सके. डीए का उद्देश्य महंगाई के बढ़ने के कारण कर्मचारियों की वास्तविक बचत को कम होने से बचाना है. सरकार इसे हर 6 महीने में संशोधित करती है, ताकि यह महंगाई के साथ बराबरी में चल सके.

DA कैलकुलेट करने का तरीका

सरकार ने 2006 में डीए कैलकुलेट के फॉर्मूले में बदलाव किया था. तब से इसी आधार पर डीए कैलकुलेट होता है.

इस फॉर्मूले के आधार पर केंद्र सरकार के कर्मचारियों के लिए डीए कैलकुलेट होता है:

महंगाई भत्ता प्रतिशत (DA%) = ((पिछले 12 महीनों के CPI का औसत - 115.76) / 115.76) × 100

यहां सीपीआई का औसत का मतलब पिछले 12 महीनों का औसत होता है, जो महंगाई के बदलाव को दर्शाता है. जबकि 115.76 एक बेस वैल्यू है, जिसे 2001 में निर्धारित किया गया था और यह DA की गणना में आधार के रूप में लिया जाता है.

इस फॉर्मूले के आधार पर सार्वजनिक क्षेत्र के कर्मचारियों के लिए डीए कैलकुलेट होता है:

महंगाई भत्ता प्रतिशत (DA%) = [(पिछले 3 महीनों के लिए एआईसीपीआई (आधार वर्ष 2001 = 100) का औसत – 126.33)/126.33] x 100

यहां AICPI का मतलब अखिल भारतीय उपभोक्ता मूल्य सूचकांक है.

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पेंशनभोगियों के लिए महंगाई भत्ता (DA)

सरकारी कर्मचारियों की तरह ही महंगाई भत्ते में होने वाले बदलावों का सीधा असर सरकारी पेंशनभोगियों पर भी पड़ता है. सरकारी नियमों के अनुसार, कर्मचारी या उसके परिवार का कोई सदस्य (कर्मचारी की मृत्यु के बाद) संशोधन के बाद उच्च महंगाई भत्ते के लिए पात्र होता है. जब भी सरकार महंगाई भत्ते में बदलाव करती है, जिसके परिणामस्वरूप वेतन संरचना में बदलाव होता है, तो सरकारी पेंशनभोगी के लिए पेंशन संरचना भी बदल जाती है.

हालांकि, सरकारी पेंशनभोगियों को आम तौर पर फिर से नौकरी मिलने पर पेंशन पाने की अनुमति नहीं होती है, लेकिन कभी-कभी वे अपने अंतिम वेतन के आधार पर फिर से नौकरी मिलने पर महंगाई भत्ता प्राप्त कर सकते हैं. अगर सरकारी पेंशनभोगी फिर से नौकरी मिलने के कारण किसी विदेशी देश में चले गए हैं, तो उन्हें महंगाई भत्ता नहीं मिलता है. उन्हें विदेशी देश में महंगाई भत्ता केवल तभी मिलता है, जब उन्हें फिर से नौकरी नहीं मिली हो.

DA के फायदे

  • DA का सबसे बड़ा फायदा यह है कि, यह कर्मचारियों को महंगाई के बढ़ते प्रभाव से बचाता है.
  • DA कर्मचारियों के मूल वेतन का एक हिस्सा होता है, और जैसे-जैसे DA बढ़ता है, वैसे-वैसे कर्मचारियों की सैलरी भी बढ़ जाती है. इससे कर्मचारियों की आर्थिक स्थिति और बेहतर होती है.
  • महंगाई भत्ता केवल कर्मचारियों को ही नहीं, बल्कि पेंशनभोगियों को भी डीआर (Dearness Relief) के रूप में मिलता है. इससे पेंशनभोगियों को भी महंगाई से बचाव मिलता है और उनकी जीवनशैली भी बेहतर बनती है.

DA और एचआरए (HRA) में क्या अंतर है?

अक्सर लोग डीए और एचआरए को एक ही समझ लेते हैं. लेकिन दोनों में अंतर है. इनकम टैक्स के मुताबिक, दोनों पर टैक्स देनदारी अलग-अलग होती है. एचआरए प्राइवेट और पब्लिक सेक्टर कर्मचारी दोनों को मिलता है जबकि डीए सिर्फ पब्लिक सेक्टर के कर्मचारियों के लिए है. एचआरए के लिए कुछ टैक्स छूट भी है. लेकिन डीए पर कोई टैक्स छूट नहीं है. इस पर पूरा टैक्स लगता है.

क्या DA टैक्स दायरे में आता है?

सैलरी पाने वाले कर्मचारियों को डीए पर टैक्स देना पड़ता है. इनकम टैक्स रूल्स के मुताबिक कर्मचारियों को डीए का हिस्सा आईटीआर में अलग से भरना पड़ता है. डीए की दो कैटेगरी है. औद्योगिक महंगाई भत्ता (Industrial Dearness Allowance) और वैरिएबल महंगाई भत्ता (VDA). इंडस्ट्रियल महंगाई भत्ता केंद्र सरकार और सार्वजनिक क्षेत्र के कर्मचारियों पर लागू होता है, और कंज्यूमर प्राइस इंडेक्स (CPI) के आधार पर हर तिमाही पर इसकी समीक्षा होती है.

वीडीए केंद्र सरकार के कर्मचारियों पर लागू होता है और कंज्यूमर प्राइस इंडेक्स (CPI) के आधार पर इसका हर छह महीने पर रिव्यू होता है. वीडीए भी बेस इंडेक्स, कंज्यूमर प्राइस इंडेक्स, सरकार की ओर से तय किया गया वीडीए इन तीन चीजों पर आधारित होता.

(The above story first appeared on LatestLY on Mar 10, 2025 12:23 PM IST. For more news and updates on politics, world, sports, entertainment and lifestyle, log on to our website latestly.com).