बैंक से लोन नहीं मिल रहा? एलआईसी पॉलिसी से पाएं आसानी से कर्ज, जानें डिटेल्स
Loan Against LIC Policy

How to take loan against LIC policy: अगर आपको पैसों की जरूरत है, और बैंक से लोन लेना मुश्किल हो रहा है, तो अब आपकी एलआईसी पॉलिसी (LIC Policy) आपके काम आ सकती है. भारतीय जीवन बीमा निगम अपने पॉलिसीधारकों को पॉलिसी के बदले लोन लेने की सुविधा देता है. यह विकल्प उन लोगों के लिए खासतौर पर फायदेमंद है, जिनका क्रेडिट स्कोर (Credit Score) कम है, या जिन्हें बैंक से लोन नहीं मिल पा रहा है.

क्या है एलआईसी पॉलिसी पर लोन?

अगर आपके पास एलआईसी की पॉलिसी है और आपको पैसों की जरूरत है, तो आप अपनी पॉलिसी के बदले लोन ले सकते हैं. इसमें आपकी एलआईसी पॉलिसी को गिरवी (Collateral) रखा जाता है, और उसके बदले में आपको लोन दिया जाता है. यह लोन आपकी पॉलिसी की सरेंडर वैल्यू (Surrender Value) के आधार पर दिया जाता है. सरेंडर वैल्यू वह रकम होती है, जो आपको पॉलिसी बंद करने पर मिलती है, और यह वैल्यू आमतौर पर तब बनती है, जब आपने लगातार तीन साल तक पॉलिसी की प्रीमियम भर दी हो.

इसलिए अगर आपकी पॉलिसी को तीन साल पूरे हो गए हैं, और आपने नियमित रूप से प्रीमियम दिया है, तो आप आसानी से इस सुविधा का लाभ उठा सकते हैं.

कौन ले सकता है लोन?

एलआईसी पॉलिसी के बदले लोन लेने के लिए कुछ जरूरी शर्तें होती हैं, जिन्हें पूरा करना जरूरी है. सबसे पहली शर्त यह है, कि आवेदक की उम्र कम से कम 18 साल होनी चाहिए. इसके अलावा, आवेदक के पास एलआईसी की वैलिड एंडोमेंट पॉलिसी (Valid Endowment Policy) होना जरूरी है, क्योंकि सभी प्रकार की पॉलिसियों पर लोन की सुविधा नहीं मिलती है. तीसरी शर्त यह है, कि आपने कम से कम तीन साल तक लगातार पॉलिसी की प्रीमियम भर दी हो. यानी पॉलिसी एक्टिव होनी चाहिए और उसमें कोई डिफॉल्ट नही होना चाहिए.

इसके अलावा, सबसे जरूरी बात यह है, कि आपकी पॉलिसी में सरेंडर वैल्यू होनी चाहिए, तभी उसके आधार पर एलआईसी आपको लोन देगा. यह सभी शर्तें पूरी होने पर ही आप एलआईसी से लोन लेने के लिए आवेदन कर सकते हैं.

लोन की खास बाते क्या है?

एलआईसी पॉलिसी पर मिलने वाले लोन की राशि आपकी पॉलिसी की सरेंडर वैल्यू का अधिकतम 90% तक हो सकती है. यानी जितनी रकम आपको पॉलिसी सरेंडर करने पर मिलती, उसी आधार पर एलआईसी आपको लोन देता है. अगर किसी कारणवश आप लोन चुकाने में असफल रहते हैं, तो एलआईसी उस बकाया राशि को पॉलिसी की मैच्योरिटी (Maturity) या क्लेम अमाउंट (Claim Amount) से काट लेता है. यानी लोन की अदायगी नहीं होने की स्थिति में आपकी पॉलिसी से ही पैसे काट लिए जाएंगे.

ब्याज दर की बात करें तो यह तय होती है, आपकी पॉलिसी के प्रकार और आपके प्रोफाइल पर यह निर्भर करती है. हर व्यक्ति के लिए यह दर अलग हो सकती है, और यह समय-समय पर बदलती भी रहती है.

कैसे करें एलआईसी पॉलिसी पर लोन के लिए आवेदन?

अगर आप एलआईसी पॉलिसी के बदले लोन लेना चाहते हैं, तो यह काम आप ऑफलाइन या ऑनलाइन दोनों तरीकों से कर सकते हैं:

ऑफलाइन आवेदन प्रक्रिया

  • सबसे पहले नजदीकी एलआईसी ऑफिस जाएं.
  • वहां लोन से संबंधित फॉर्म भरें.
  • अपनी पॉलिसी की ओरिजिनल कॉपी, आधार कार्ड, एड्रेस प्रूफ और अन्य जरूरी दस्तावेज साथ ले जाएं.
  • दस्तावेजों के सत्यापन के बाद, आपकी पॉलिसी की सरेंडर वैल्यू के अनुसार लोन स्वीकृत किया जाएगा.

ऑनलाइन आवेदन प्रक्रिया

  • एलआईसी की आधिकारिक ई-सर्विस (E-Service) वेबसाइट licindia.in  पर जाएं.
  • यदि आपने पहले से रजिस्ट्रेशन नहीं किया है, तो पहले एलआईसी ई-सर्विस में रजिस्ट्रेशन करें.
  • अब लॉगिन करने के बाद, अपनी पॉलिसी की पात्रता जांचें.
  • फिर लोन के लिए ऑनलाइन आवेदन करें.
  • जरूरी केवाईसी (KYC) दस्तावेज अपलोड करें, या उन्हें नजदीकी एलआईसी ऑफिस में जमा करें.

कौन से दस्तावेज है जरुरी?

एलआईसी पॉलिसी के बदले लोन लेने के लिए कुछ जरूरी दस्तावेजों की जरूरत होती है. इनमें सबसे पहले आपका आधार कार्ड शामिल है, जो पहचान प्रमाण के रूप में काम करता है. इसके अलावा, आपको अपनी एलआईसी पॉलिसी की कॉपी जमा करनी होती है, ताकि यह पुष्टि हो सके कि आप ही पॉलिसीधारक हैं.

साथ ही, वर्तमान पता सत्यापित करने के लिए एक वैध एड्रेस प्रूफ, जैसे कि बिजली का बिल या बैंक स्टेटमेंट, देना जरूरी होता है. इन दस्तावेजों की स्कैन कॉपी ऑनलाइन अपलोड की जा सकती है, या फिर ऑफलाइन आवेदन करते समय एलआईसी कार्यालय में जमा करनी होती है.

यह सुविधा क्यों फायदेमंद है?

एलआईसी की यह सुविधा उन लोगों के लिए बेहद फायदेमंद है, जिन्हें बैंक से लोन लेने में दिक्कत होती है, खासकर जब उनका क्रेडिट स्कोर कम होता है, इस विकल्प के तहत, व्यक्ति अपनी एलआईसी पॉलिसी को गिरवी रखकर आसानी से लोन प्राप्त कर सकता है. पॉलिसी के बदले मिलने वाला यह लोन न सिर्फ जल्दी मंजूर होता है, बल्कि इसमें ज्यादा कागजी कार्यवाही भी नहीं होती है. ऐसे में जब किसी को अचानक पैसों की जरूरत पड़ती है, तो यह एक आसान और भरोसेमंद समाधान साबित होता है.