GST Collections: देश की अर्थव्यवस्था के लिए अप्रैल 2025 की शुरुआत शानदार रही. सरकार द्वारा जारी आंकड़ों के मुताबिक, GST कलेक्शन 2.37 लाख करोड़ रुपये के साथ अब तक के सर्वाधिक स्तर पर पहुंच गया है. यह एक आर्थिक सफलता की कहानी है, जो देश में बढ़ती मांग, मजबूत ट्रांजैक्शन और बेहतर कर अनुपालन का प्रमाण है. अब तक का सबसे बड़ा GST कलेक्शन अब अप्रैल 2025 के नाम हो गया है. इससे पहले अप्रैल 2024 में 2.10 लाख करोड़ रुपये का कलेक्शन हुआ था, जो अब टूट चुका है.
बसे ज्यादा जीएसटी कलेक्शन अप्रैल 2024 में हुआ था, जो 2.10 लाख करोड़ रुपये था. मार्च 2025 में यह कलेक्शन 1.96 लाख करोड़ रुपये था. फरवरी 2025 में GST कलेक्शन 1.83 लाख करोड़ रुपये था, जबकि जनवरी में भी 1.96 लाख करोड़ रुपये जीएसटी कलेक्शन रहा. इन आंकड़ों से स्पष्ट है कि देश में GST कलेक्शन लगातार मजबूत हो रहा है, और इसकी रफ्तार हर महीने नई ऊंचाइयों को छू रही है.
अप्रैल में GST कलेक्शन ने तोड़ा अपना ही रिकॉर्ड
यह 2017 में GST लागू होने के बाद अब तक का सबसे बड़ा कलेक्शन है. सरकार ने बजट में 11.78 लाख करोड़ रुपये GST कलेक्शन का लक्ष्य रखा था. इस गति से यह लक्ष्य समय से पहले पूरा हो सकता है. विकास दर 12.6% पर पहुंचना 17 महीनों में सबसे तेज ग्रोथ है.
घरेलू और आयात से हुआ बड़ा योगदान
GST कलेक्शन में बढ़ोतरी की बड़ी वजह घरेलू लेन-देन और आयात से मिलने वाला राजस्व है. घरेलू ट्रांजैक्शन से: 1.9 लाख करोड़ रुपये (10.7% की वृद्धि), आयातित वस्तुओं से 46,913 करोड़ (20.8% की वृद्धि).
रिफंड बढ़ा, फिर भी नेट कलेक्शन मजबूत
सरकार ने अप्रैल में कुल 27,341 करोड़ रुपये का रिफंड जारी किया, जो पिछले साल के मुकाबले 48.3% अधिक है. फिर भी नेट GST कलेक्शन 2.09 लाख करोड़ रुपये रहा, जो कि 9.1% की वृद्धि दर्शाता है.













QuickLY