Ghaziabad Triple Suicide Case: गाजियाबाद के लोनी स्थित 'भारत सिटी' हाउसिंग सोसाइटी में तीन नाबालिग बहनों की आत्महत्या के मामले ने डिजिटल जुनून और सामाजिक अलगाव के गंभीर खतरों को उजागर किया है. 12, 14 और 16 वर्ष की इन तीन बहनों ने बुधवार को अपनी नौवीं मंजिल के अपार्टमेंट से कूदकर जान दे दी थी. पुलिस जांच में सामने आया है कि यह घटना केवल एक हादसा नहीं, बल्कि गहरे मानसिक तनाव, भारी कर्ज और सोशल मीडिया की आभासी दुनिया में खो जाने का परिणाम थी.
सोशल मीडिया पर 'कोरियन' पहचान और भारी फॉलोइंग
जांच के दौरान पता चला कि निशिका (16), प्राची (14) और पाखी (12) सोशल मीडिया पर अपनी वास्तविक पहचान छिपाकर 'मारिया', 'अलीजा' और 'सिंडी' जैसे कोरियन नामों से अकाउंट चला रही थीं. इन अकाउंट्स पर उनके हजारों फॉलोअर्स थे. के-पॉप (K-pop) और के-ड्रामा (K-drama) के प्रति उनका जुनून इस कदर था कि उन्होंने खुद को भारतीय के बजाय कोरियन मानना शुरू कर दिया था. यह भी पढ़े: Gaziabad: मंदिर में पानी पीने पर शख्स ने की मुस्लिम लड़के की बेरहमी से पिटाई, वीडियो वायरल होने के बाद हुआ गिरफ्तार
मोबाइल फोन और डिजिटल दुनिया से अलगाव
पुलिस के अनुसार, लड़कियों के पिता चेतन कुमार लगभग 2 करोड़ रुपये के कर्ज में डूबे हुए हैं. आर्थिक तंगी के कारण पिछले दो साल से लड़कियों को स्कूल से हटा दिया गया था. स्कूल छूटने के बाद मोबाइल फोन ही उनकी दुनिया बन गया था. लगभग 10 दिन पहले, उनके पिता ने सोशल मीडिया अकाउंट्स देख लिए और उन्हें डिलीट कर दिया. इसके बाद पिता ने बिजली का बिल भरने के लिए उनके मोबाइल फोन भी बेच दिए. डिजिटल दुनिया से यह अचानक अलगाव उनके लिए 'ब्रेकिंग पॉइंट' साबित हुआ.
सुसाइड नोट और डायरी के चौंकाने वाले खुलासे
पुलिस को घटनास्थल से आठ पन्नों का एक सुसाइड नोट और एक पॉकेट डायरी मिली है. डायरी में लड़कियों ने लिखा था, "कोरिया ही हमारी जिंदगी थी, आपने हमसे हमारी जिंदगी छीनने की हिम्मत कैसे की? हम आपसे और परिवार से उतना प्यार नहीं करते जितना कोरियन एक्टर्स और के-पॉप ग्रुप से करते हैं." नोट के अंत में एक रोता हुआ इमोजी बना था और पिता के लिए माफी लिखी थी.
गेमिंग का एंगल और पुलिस की थ्योरी
शुरुआती अटकलों में 'ब्लू व्हेल' जैसे किसी टास्क-आधारित गेम का शक जताया गया था, लेकिन पुलिस को अभी तक किसी विशिष्ट जानलेवा ऐप के सबूत नहीं मिले हैं. पुलिस का मानना है कि स्कूल न जाने और घर में बंद रहने के कारण लड़कियों ने एक काल्पनिक दुनिया बना ली थी. जब उनके पास से वह एकमात्र सहारा (मोबाइल) भी छीन लिया गया, तो वे गहरे अवसाद में चली गईं.
वित्तीय संकट और सामाजिक प्रभाव
इस त्रासदी के पीछे परिवार का वित्तीय संकट एक बड़ा कारण रहा है. फीस न भर पाने के कारण शिक्षा से वंचित होना और फिर पिता द्वारा स्थानीय लड़कों से शादी कर देने की कथित धमकी ने उनकी असुरक्षा को और बढ़ा दिया था. फोरेंसिक टीम अब उनकी डायरी और डिजिटल गतिविधियों के टाइमलाइन की जांच कर रही है ताकि घटना की कड़ियों को पूरी तरह जोड़ा जा सके.













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