Ghaziabad Dog Attack: गाजियाबाद के राजनगर एक्सटेंशन में आवारा कुत्तों का शख्स पर जानलेवा हमला, बुरी तरह नोचा (Watch Video)

गाजियाबाद के राजनगर एक्सटेंशन स्थित ऑफिसर सिटी 2 सोसाइटी में कुत्तों के हमले का एक डरावना मामला सामने आया है. सुबह की सैर पर निकले एक व्यक्ति पर 6 आवारा कुत्तों ने हमला कर उन्हें गंभीर रूप से घायल कर दिया है.

Representative Image (Photo Credits: X/@jatinjkothari)

Ghaziabad Dog Attack Video: उत्तर प्रदेश के गाजियाबाद स्थित राजनगर एक्सटेंशन की 'ऑफिसर सिटी 2' सोसाइटी में शनिवार, 28 फरवरी को एक व्यक्ति आवारा कुत्तों के हमले में गंभीर रूप से घायल हो गया. जानकारी के अनुसार, पीड़ित व्यक्ति अपनी नियमित सुबह की सैर पर निकले थे, तभी छह आवारा कुत्तों के एक झुंड ने उन्हें घेर लिया और उन पर हमला कर दिया. शोर सुनकर आस-पास के निवासियों ने बीच-बचाव किया और कुत्तों को भगाया. घायल व्यक्ति को तुरंत नजदीकी अस्पताल ले जाया गया, जहाँ उनका इलाज और एंटी-रेबीज टीकाकरण चल रहा है.

बिना उकसावे के किया हमला

प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक, यह घटना सोसाइटी के कॉमन एरिया में तड़के हुई. कुत्तों के झुंड ने बिना किसी उकसावे के व्यक्ति को निशाना बनाया और उन्हें जमीन पर पटक दिया. सुरक्षा गार्ड और निवासियों के पहुँचने से पहले ही कुत्तों ने उनके हाथ और पैरों पर गहरे जख्म कर दिए थे. अस्पताल के प्रवक्ता ने बताया कि घाव काफी गहरे हैं, जिसके कारण कई टांके लगाने पड़े हैं और उन्हें 'पोस्ट-एक्सपोजर प्रोफिलैक्सिस' के पूरे कोर्स पर रखा गया है.  यह भी पढ़े:  Pune Dog Attack: पुणे में आवारा कुत्तों का आतंक! किरकटवाड़ी की हाउसिंग सोसाइटी में स्कूली बच्चे को घेरा, सीसीटीवी में कैद हुई खौफनाक घटना (Watch Video)

स्थानीय निवासियों में आक्रोश और डर

इस घटना ने ऑफिसर सिटी 2 के निवासियों के बीच भारी गुस्से को जन्म दिया है. स्थानीय लोगों का आरोप है कि पिछले कुछ महीनों में इलाके में आवारा कुत्तों की आबादी और उनकी आक्रामकता काफी बढ़ गई है. रेजिडेंट वेलफेयर एसोसिएशन (RWA) के सदस्यों का कहना है कि गाजियाबाद नगर निगम (GMC) को बार-बार शिकायत करने के बाद भी कुत्तों की नसबंदी या उनके स्थानांतरण को लेकर कोई प्रभावी कार्रवाई नहीं की गई है.

मानव-पशु संघर्ष के पीछे के कारण

सोसाइटी के निवासियों ने बताया कि गेट के पास कचरे के ढेर और कुत्तों के लिए किसी निश्चित फीडिंग जोन का न होना इस संघर्ष का मुख्य कारण है. इससे कुत्ते अधिक 'टेरिटोरियल' (क्षेत्रीय) हो गए हैं और आने-जाने वालों को खतरा समझने लगे हैं. एक निवासी ने चिंता जताते हुए कहा, "ये कुत्ते अब केवल परेशानी नहीं, बल्कि सीधा शारीरिक खतरा बन गए हैं. प्रशासन को किसी बड़ी त्रासदी, विशेषकर बच्चों के साथ अनहोनी होने से पहले जागना चाहिए."

प्रशासनिक सीमाएं और कार्रवाई

घटना के बाद गाजियाबाद नगर निगम ने आक्रामक कुत्तों की पहचान करने और उन्हें पकड़ने के लिए एक टीम भेजी है. हालांकि, अधिकारियों ने स्पष्ट किया कि वर्तमान 'पशु जन्म नियंत्रण' (ABC) नियमों के तहत, वे कुत्तों को स्थायी रूप से कहीं और स्थानांतरित नहीं कर सकते. नियमों के अनुसार, कुत्तों को केवल नसबंदी और टीकाकरण के लिए ले जाया जा सकता है और उसके बाद उन्हें वापस उसी इलाके में छोड़ना अनिवार्य है. फिलहाल पीड़ित की स्थिति खतरे से बाहर बताई जा रही है, लेकिन वे अभी भी मेडिकल ऑब्जर्वेशन में हैं.

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