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Gen Z Resignation Trends: 'मजा नहीं आ रहा है'...फ्रेशर ने पहले दिन ही नौकरी से दिया इस्तीफा, हैरान रह गई HR टीम

एक फ्रेशर ने नौकरी जॉइन करने के ठीक अगले दिन सिर्फ चार शब्दों का इस्तीफा भेज दिया – "मज़ा नहीं आ रहा". इस Gen Z कर्मचारी के व्यवहार ने सोशल मीडिया पर बहस छेड़ दी कि आज की युवा पीढ़ी कार्यस्थल से क्या उम्मीद रखती है. Dhurina कंपनी की VP माया शर्मा ने इस अनुभव को LinkedIn पर साझा करते हुए इसे एक नया ट्रेंड बताया.

Gen Z Resignation Trends: 'मजा नहीं आ रहा है'...फ्रेशर ने पहले दिन ही नौकरी से दिया इस्तीफा, हैरान रह गई HR टीम

Fresher Resigns a Day After Joining: एक समय था जब नौकरी छोड़ने के लिए कर्मचारियों को लंबा-चौड़ा इस्तीफा लिखना पड़ता था, जिसमें औपचारिकता, भावनाएं और भविष्य की शुभकामनाएं शामिल होती थीं. लेकिन Gen Z के ज़माने में यह ट्रेंड बदल चुका है. अब न इस्तीफे के लिए मेल की लंबी चौड़ी पंक्तियाँ लिखी जाती हैं और न ही ऑफिस से विदाई में कोई संकोच दिखता है. हाल ही में एक फ्रेशर ने इस सोच को और भी आगे बढ़ाते हुए नौकरी जॉइन करने के अगले ही दिन सिर्फ चार शब्दों का इस्तीफा भेज दिया – "मज़ा नहीं आ रहा".

यह मामला सामने आया है एजुकेशन प्लेटफॉर्म Dhurina की वाइस प्रेसिडेंट माया शर्मा की LinkedIn पोस्ट से. उन्होंने बताया कि एक फ्रेशर महिला कर्मचारी ने दो दिन की ट्रेनिंग के बाद 2 अप्रैल को कंपनी में आधिकारिक तौर पर जॉइन किया और 3 अप्रैल को इस्तीफा भेज दिया.

इस्तीफा वो भी सिर्फ चार शब्दों में

अपने मेल में फ्रेशर ने केवल लिखा – "मज़ा नहीं आ रहा". न कोई स्पष्टीकरण, न कोई औपचारिकता. यह देखकर कंपनी का लीडरशिप ग्रुप असमंजस में पड़ गया कि आखिर इस पर प्रतिक्रिया कैसे दी जाए.

माया शर्मा ने पोस्ट में लिखा, "हमने हाल ही में एक नई हायरिंग की थी. एक युवा फ्रेशर, जिसने दो दिन सीनियर के साथ ट्रेनिंग ली थी. उसे गूगल शीट्स की शॉर्टकट्स तक सिखाए गए. पहले ही दिन वह एक रणनीतिक मीटिंग का भी हिस्सा बनी, जिसमें कंपनी की वित्तीय स्थिति और भविष्य की योजना साझा की गई. लेकिन शायद यह सब उसके लिए काफी नहीं था.”

सोशल मीडिया पर छिड़ी बहस

LinkedIn पर इस पोस्ट को काफी ध्यान मिला. किसी ने इसे ‘Gen Z का औसत व्यवहार’ बताया तो किसी ने इसे 'vibe' की कमी का परिणाम कहा. एक यूज़र ने लिखा, "शायद उसे वो वाइब्स नहीं मिलीं जो वह चाहती थी." जिस पर माया ने मजाकिया जवाब दिया – "अब ChatGPT से पूछना पड़ेगा कि कर्मचारियों को वाइब्स कैसे दी जाएं."

एक अन्य ने अपनी कहानी साझा की – "हम एक सीनियर इंजीनियर का इंटरव्यू ले रहे थे, बीच इंटरव्यू में उसने कहा – 'यार मेरा मन नहीं है' और कॉल छोड़ दी." एक तीसरे यूज़र ने तंज कसते हुए लिखा – “कुछ लोगों के लिए नौकरी रोटी जितनी जरूरी होती है, और कुछ लोग उसे कैफे घूमने जैसा समझते हैं.”

बदलते दौर का संकेत

इस पूरे मामले से यह साफ है कि आज की युवा पीढ़ी, विशेषकर Gen Z, नौकरी को लेकर अलग दृष्टिकोण रखती है. वे मानसिक संतुलन, कार्यस्थल की ऊर्जा और तत्काल संतुष्टि को प्राथमिकता देते हैं. जहां एक ओर यह आत्मनिर्भरता और स्पष्टता की मिसाल है, वहीं दूसरी ओर यह कार्यस्थल की गंभीरता और प्रतिबद्धता पर भी सवाल उठाती है.

(The above story first appeared on LatestLY on Apr 16, 2025 05:30 PM IST. For more news and updates on politics, world, sports, entertainment and lifestyle, log on to our website latestly.com).