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जब रैली में जनता के सामने अपने बेटे और पोते के साथ रोने लगे पूर्व प्रधानमंत्री एचडी देवगौड़ा

वंशवाद के आरोप के एच डी देवगौड़ा ने सफाई देते हुए कहा कि एच डी रेवन्ना और पोते प्रज्वल रेवन्ना को चुनाव में उतारने का फैसला पार्टी का था. वहीं मैनें खुद इस बात की घोषणा नहीं की थी. लेकीन उसके बाद भी मुझपर आरोप लगने लगें

जब रैली में जनता के सामने अपने बेटे और पोते के साथ रोने लगे पूर्व प्रधानमंत्री एचडी देवगौड़ा
पूर्व प्रधानमंत्री एच डी देवगौड़ा ( फोटो क्रेडिट - twitter )

जनता दल सेक्यूलर (JDS) के संस्थापक एवं पूर्व प्रधानमंत्री एच डी देवगौड़ा (H. D. Deve Gowda) अपने खिलाफ वंशवादी राजनीति करने का आरोप लगने पर बुधवार को एक कार्यक्रम में रो पड़े. एच डी देवगौड़ा को मंच पर रोता देख उनके साथ ही बड़े बेटे एच डी रेवन्ना और पोते प्रज्वल रेवन्ना भी रो पड़े. इसी दौरान एचडी देवगौड़ा ने अपने दोनों पोतों निखिल कुमारस्वामी को मांड्या और प्रज्वल को हासन सीट से मैदान में उतारने का ऐलान कर दिया है. अपने दोनों पोतों को सियासी मैदान में उतारने के बाद उनपर वंशवाद आरोप लग रहा है.

वंशवाद के आरोप के एच डी देवगौड़ा ने सफाई देते हुए कहा कि एच डी रेवन्ना और पोते प्रज्वल रेवन्ना को चुनाव में उतारने का फैसला पार्टी का था. वहीं मैनें खुद इस बात की घोषणा नहीं की थी. लेकीन उसके बाद भी मुझपर आरोप लगने लगें.

वहीं, बीजेपी ने देवेगौड़ा के भावुक होने पर निशाना साधते हुए एक तरह का ड्रामा करार दिया. बीजेपी ने उनका वीडियो साझा करते हुए ट्वीट किया, 2019 के चुनावों के लिए पहला ड्रामा शुरू कहा.

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गौरतलब है कि 2014 के लोकसभा चुनाव में कर्नाटक की कुल 28 लोकसभा सीटों में से बीजेपी 17, कांग्रेस 9 और जेडीएस 2 सीटें जीतने में कामयाब रही थी. लेकिन पिछले साल विधानसभा चुनाव के बाद रिक्त बेल्लारी सीट पर हुए उपचुनाव में बीजेपी ने इस सीट को गंवा दिया. इस तरह मौजूदा समय में बीजेपी के पास 16 और कांग्रेस के पास 10 सीटें हैं.

(The above story first appeared on LatestLY on Mar 14, 2019 11:19 AM IST. For more news and updates on politics, world, sports, entertainment and lifestyle, log on to our website latestly.com).