Ravi Naik Dies: गोवा में BJP को बड़ा नुकसान, नहीं रहे प्रदेश के पूर्व सीएम रवि नाइक, कार्डिएक अरेस्ट से 79 साल की उम्र में निधन

बताया जा रहा है कि उनकी तबीयत अचानक बिगड़ने के बाद उन्हें पोंडा स्थित एक निजी अस्पताल में भर्ती कराया गया था, जहां इलाज के दौरान उन्होंने अंतिम सांस ली। रवी नाइक के निधन से न केवल भाजपा, बल्कि पूरे गोवा की राजनीतिक फिजा में शोक की लहर दौड़ गई है.

(Photo Credits ANI)

Ravi Naik Dies: भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के लिए दुखद खबर है. गोवा के पूर्व मुख्यमंत्री और वर्तमान कृषि मंत्री रवि नाइक का आज सुबह कार्डिएक अरेस्ट के चलते निधन हो गया. वह 79 वर्ष के थे. रवी नाइक का निधन गोवा की राजनीति, खासकर भाजपा के लिए एक बड़ा झटका माना जा रहा है, क्योंकि उन्होंने लंबे समय तक राज्य की राजनीति में सक्रिय और निर्णायक भूमिका निभाई थी. वे दो बार गोवा के मुख्यमंत्री रह चुके है.

 तबीयत बिगड़ने पर अस्पताल में मौत

बताया जा रहा है कि उनकी तबीयत अचानक बिगड़ने के बाद उन्हें पोंडा स्थित एक निजी अस्पताल में भर्ती कराया गया था, जहां इलाज के दौरान उन्होंने अंतिम सांस ली. रवि नाइक के निधन से न केवल भाजपा, बल्कि पूरे गोवा की राजनीतिक फिजा में शोक की लहर दौड़ गई है. यह भी पढ़े: Vijay Kumar Malhotra Passes Away: नहीं रहे BJP के वरिष्ठ नेता विजय कुमार मल्होत्रा, 93 वर्ष की उम्र में दिल्ली AIIMS में निधन

 मुख्यमंत्री प्रमोद सावंत ने दी श्रद्धांजलि

मुख्यमंत्री प्रमोद सावंत ने रवि नाइक को श्रद्धांजलि अर्पित करते हुए कहा कि उन्होंने अपने लंबे राजनीतिक जीवन में गोवा की जनता के लिए ईमानदारी से काम किया. उनके कार्यों का असर राज्य के प्रशासन और समाज पर स्पष्ट रूप से देखा जा सकता है. मुख्यमंत्री ने यह भी बताया कि राज्य सरकार ने उनके सम्मान में तीन दिन का राजकीय शोक घोषित किया है.

कौन थे रवि नाइक?

रवि नाइक  को भंडारी समाज के प्रमुख नेता के रूप में जाना जाता था। जिन क्षेत्रों में भंडारी समाज की जनसंख्या अधिक थी, वहां रवी नाइक का खासा प्रभाव था। उन्होंने ‘कुल’ और ‘मुंडकार’ जैसे वंचित समुदायों के अधिकारों के लिए संघर्ष किया। साथ ही वे गोवा में तीसरा जिला बनाने की मांग उठाने वाले पहले विधायक भी थे.

1991 में पहली बार मुख्यमंत्री बने

वर्ष 1991 में रवी नाइक पहली बार गोवा के मुख्यमंत्री बने और लगभग 28 महीने तक इस पद पर रहे. उनके कार्यकाल में उन्होंने राज्य में बढ़ते अपराधों पर सख्त कार्रवाई की और प्रशासनिक सख्ती का नया उदाहरण पेश किया.

पार्षद के रूप में राजनीतिक यात्रा की शुरुआत की

रवि नाइक की राजनीतिक यात्रा की शुरुआत 1984 में पोंडा नगरपालिके के पार्षद के रूप में हुई थी। इसके बाद उन्होंने महाराष्ट्रवादी गोमांतक पार्टी (MGP) से पोंडा से चुनाव लड़कर विधायक के रूप में जीत हासिल की। 1998 में वे कांग्रेस के टिकट पर उत्तर गोवा से सांसद भी बने.

जीवन में कई बार पार्टी बदली

अपने लंबे राजनीतिक करियर में रवी नाइक ने कई बार पार्टी बदली. वर्ष 2000 में उन्होंने भाजपा में प्रवेश किया और उपमुख्यमंत्री बने.लेकिन बाद में वे फिर कांग्रेस में लौट गए। 2007 में कांग्रेस को सत्ता में लाने में अहम भूमिका निभाई और गृहमंत्री बने. वर्ष 2021 में वे दोबारा भाजपा में शामिल हुए और 2022 के विधानसभा चुनाव में पोंडा से भाजपा के टिकट पर चुनाव जीतकर कैबिनेट मंत्री बने.

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