अर्थव्यवस्था में तेजी लाने के वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने किए कई ऐलान: एक्‍सपोर्ट और हाउसिंग सेक्‍टर के लिए बड़े प्लान, टैक्‍सपेयर्स को भी मिली राहत

अर्थव्यस्था में जारी सुस्ती के बीच शनिवार को वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने प्रेस कांफ्रेंस की, वित्त मंत्री ने कहा कि महंगाई दर काबू में और इंडस्ट्रियल प्रॉडक्शन के सुधरने के साफ संकेत मिल रहे हैं. वित्त मंत्री ने कहा, महंगाई की दर 4 फीसदी नीचे है. हमारा लक्ष्य अर्थव्यवस्था को बेहतर बनाना है.

वित्तमंत्री निर्मला सीतारमण (Photo Credits : IANS)

अर्थव्यस्था में जारी सुस्ती के बीच शनिवार को वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण (Nirmala Sitharaman) ने प्रेस कांफ्रेंस की, वित्त मंत्री ने कहा कि महंगाई दर काबू में और इंडस्ट्रियल प्रॉडक्शन के सुधरने के साफ संकेत मिल रहे हैं. वित्त मंत्री ने कहा, महंगाई की दर 4 फीसदी नीचे है. मुद्रास्फीति नियंत्रण में है. निर्मला सीतारम ने कहा, हमारा लक्ष्य अर्थव्यवस्था को बेहतर बनाना है. 'हम रिएल एस्टेट के लिए कदम उठाएंगे. बैंकिंग क्षेत्र में असर दिख रहा है. 19 को बैंक अधिकारियों की बैठक है. हम निर्यात बढ़ाने के लिए कदम उठाएंगे.' सीतारमण ने कहा, 'बैंकों से लोन के प्रवाह में वृद्धि और सुधार हुआ है. सभी सार्वजनिक क्षेत्र के बैंकों (PSB) के प्रमुखों से क्रेडिट फ्लो सिस्टम पर मुलाकात करेंगे.' उन्होंने कहा बैंकों ने अब रेपो रेट से ईएमआई लिंक करनी शुरू कर दी है. 19 सितंबर को बैंकों के चीफ के साथ बैठक है जिसमें इसको लेकर रिपोर्ट मांगी जाएगी.

सीतारमण ने कहा कि सीपीआई कंज्यूमर प्राइस इंडेक्स कंट्रोल में है और महंगाई दर कम है. IP नंबर्स भी बेहतर हैं. वित्त मंत्री ने कहा 12 सितंबर से ई असेसमेंट स्कीम को लागू किया जा चुका है. छोटे टैक्सपेयर्स को छोटी मोटी प्रोसीजरल गलतियों के लिए प्रोसीक्यूट नहीं किया जाएगा. 14 अगस्त से डीआईएन यानी डॉक्यूमेंट आइडेंटिफिकेशन नंबर लागू हो चुका है यानी कोई अधिकारी अब आपको पेपर्स के लिए परेशान नहीं कर सकता. उन्होंने कहा औद्योगिक उत्पादन में इस वर्ष की पहली तिमाही में सुधार नजर आ रहा है.

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पॉइंट्स में समझे वित्त मंत्री ने क्या कहा

वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने कहा, इकॉनमी को बूस्ट करने के लिए सरकार काम कर रही है. वित्त मंत्र ने कहा कि आज हमारा फोकस निर्यात को बढ़ावा देने पर है. एक्सपोर्ट को बढ़ावा देने के लिए ड्यूटी में कमी का ऐलान किया गया है. वित्त मंत्री ने कहा कि 'टाइम टू एक्सपोर्ट' यानी निर्यात की प्रक्रिया के दौरान लगने वाले समय को कम करने की कोशिश की जा रही है. इसमें तकनीकी का इस्तेमाल किया जाएगा. एक्सपोर्टर के लिए जीएसटी के तहत इनपुट टैक्स क्रेडिट रिफंड की व्यवस्था इसी महीने से इलेक्ट्रॉनिक की जाएगी. एक्सपोर्ट क्रेडिट इंश्योरेंस स्कीम का दायरा बढ़ेगा. एक्सपोर्ट्स को कर्ज देने वाले बैंकों को ज्यादा इंश्योरेंस कवर दिया जाएगा.

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