Fire at ONGC Mumbai High Platform: मुंबई हाई के ओएनजीसी प्लेटफॉर्म पर लगी आग, 10 कर्मचारी घायल, कड़ी मशक्कत के बाद पाया गया काबू

Fire at ONGC Mumbai High Platform: मुंबई में शुक्रवार, 3 अप्रैल 2026 की शाम को अरब सागर में स्थित ऑयल एंड नेचुरल गैस कॉरपोरेशन (ONGC) के मुंबई हाई एसेट के SHP प्लेटफॉर्म पर आग लगने की एक घटना सामने आई. इस हादसे में प्लेटफॉर्म पर मौजूद 10 कर्मियों को मामूली चोटें आई हैं. कंपनी के अनुसार, आग पर समय रहते काबू पा लिया गया और वर्तमान में वहां कामकाज सामान्य रूप से फिर से शुरू हो गया है.

शाम 5:45 बजे हुई घटना

ओएनजीसी द्वारा जारी आधिकारिक जानकारी के अनुसार, आग लगने की यह घटना शुक्रवार शाम करीब 5:45 बजे हुई. आग लगते ही प्लेटफॉर्म पर मौजूद आपातकालीन प्रतिक्रिया प्रणालियों (Emergency Response Measures) को तुरंत सक्रिय कर दिया गया. कर्मियों की मुस्तैदी और सुरक्षा प्रोटोकॉल के पालन की वजह से आग को फैलने से रोक लिया गया और कुछ ही समय में स्थिति को पूरी तरह नियंत्रित कर लिया गया. यह भी पढ़े: Mira Road Fire: मुंबई से सटे मीरा रोड में गोदाम में लगी भीषण आग, आवासीय इमारतों को भी हुआ नुकसान; VIDEO

ONGC का पोस्ट

कर्मियों की स्थिति और उपचार

हादसे में घायल हुए 10 कर्मियों को तत्काल चिकित्सा सहायता उपलब्ध कराई गई. ओएनजीसी ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म 'X' (पूर्व में ट्विटर) पर बताया कि सभी घायल कर्मचारियों की स्थिति अब स्थिर है और वे डॉक्टर की देखरेख में हैं. राहत की बात यह रही कि इस घटना में कोई गंभीर हताहत नहीं हुआ और न ही किसी बड़े जान-माल के नुकसान की खबर है.

परिचालन हुआ सामान्य

कंपनी ने पुष्टि की है कि आग बुझने के बाद सभी जरूरी सुरक्षा जांच (Safety Audits) पूरी कर ली गई हैं. वर्तमान में मुंबई हाई प्लेटफॉर्म पर तेल और गैस उत्पादन का परिचालन (Operations) पूरी तरह से सामान्य हो गया है. ओएनजीसी के प्रवक्ता ने कहा, "परिचालन सामान्य कर दिया गया है और आगे की स्थिति पर नजर रखी जा रही है."

मामले में जांच शुरू

मुंबई हाई भारत के सबसे बड़े तेल और गैस क्षेत्रों में से एक है, जो मुंबई तट से लगभग 160 किलोमीटर दूर अरब सागर में स्थित है. यह देश के कुल घरेलू तेल उत्पादन का एक बड़ा हिस्सा प्रदान करता है. हालांकि, आग लगने के सटीक कारणों का खुलासा अभी तक नहीं किया गया है. प्रबंधन ने इस मामले में जांच के संकेत दिए हैं ताकि भविष्य में ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति न हो.