Nikhil Nanda Case: अमिताभ बच्चन के दामाद निखिल नंदा के खिलाफ FIR, सुसाइड के लिए उकसाने का आरोप

बॉलीवुड के महानायक अमिताभ बच्चन के दामाद (Amitabh Bachchan's son in law) और एस्कॉर्ट्स कुबोटा लिमिटेड के चेयरमैन निखिल नंदा (Nikhil Nanda) कानूनी मुसीबत में फंस गए हैं. उन पर उत्तर प्रदेश के बदायूं जिले के दातागंज में एक ट्रैक्टर एजेंसी के मालिक को आत्महत्या के लिए उकसाने का आरोप है. 22 नवंबर 2024 को जितेंद्र सिंह नामक एजेंसी मालिक ने मानसिक उत्पीड़न से परेशान होकर फांसी लगाकर अपनी जान दी थी.

निखिल नंदा और कंपनी के अधिकारियों पर गंभीर आरोप

इस मामले में निखिल नंदा समेत कंपनी के नौ लोगों के खिलाफ एफआईआर दर्ज की गई है. आरोप है कि जितेंद्र सिंह को कंपनी के अधिकारियों द्वारा लगातार धमकाया जा रहा था और एजेंसी की बिक्री बढ़ाने का दबाव डाला जा रहा था. इसके साथ ही लाइसेंस रद्द करने की धमकी दी गई, जिससे मानसिक रूप से परेशान होकर उन्होंने आत्महत्या कर ली. जितेंद्र के भाई ज्ञानेंद्र सिंह ने अदालत में याचिका दायर कर आरोपियों के खिलाफ मुकदमा दर्ज करने की अपील की थी, जिसके बाद अदालत के निर्देश पर एफआईआर दर्ज की गई.

तनाव में था मृतक

ज्ञानेंद्र सिंह के अनुसार, जितेंद्र सिंह का काफी पैसा एजेंसी के ग्राहकों पर फंसा हुआ था और निखिल नंदा तथा उनकी टीम बार-बार उन पर दबाव बना रही थी. जितेंद्र अक्सर घर पर अपने परिवार और शुभचिंतकों से इस बात का जिक्र करते थे कि कंपनी द्वारा उन्हें लगातार परेशान किया जा रहा है. उनके इस मानसिक दबाव के कारण ही उन्होंने आत्महत्या की, यह ज्ञानेंद्र का आरोप है.

निखिल नंदा कौन हैं?

निखिल नंदा शोमैन राज कपूर की बेटी ऋतु नंदा के बेटे हैं. कपूर परिवार से नंदा परिवार की पुरानी रिश्तेदारी है. निखिल ने श्वेता बच्चन से शादी की है, जो बॉलीवुड के शहंशाह अमिताभ बच्चन की बेटी हैं. निखिल की कंपनी कृषि, निर्माण, रेलवे उपकरण और मशीनरी के क्षेत्र में काम करती है.

कानूनी कार्रवाई और जांच

दातागंज कोतवाली के प्रभारी निरीक्षक गौरव बिश्नोई ने बताया कि एफआईआर दर्ज कर मामले की जांच शुरू कर दी गई है. आरोपियों के खिलाफ आत्महत्या के लिए उकसाने और प्रेरित करने की धारा 108 के तहत मामला दर्ज किया गया है. इस मामले में पुलिस अब जांच कर रही है और आरोपियों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई की जाएगी.

यह मामला समाज में मानसिक उत्पीड़न के गंभीर मुद्दों को भी उजागर करता है और यह दिखाता है कि किसी भी व्यक्ति को इस तरह के दबाव के कारण कितनी बड़ी कीमत चुकानी पड़ सकती है.